फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Sports ground on paper, encroachment on the land.

Bahraich News: कागज पर खेल मैदान, जमीन पर कब्जा

Sat, 25 Jul 2026 12:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:17 AM IST
विज्ञापन
Sports ground on paper, encroachment on the land.
बहराइच के धनकुट्टीपुरा में गांधी इंटर कॉलेज की जमीन पर कब्जा।
बहराइच। ओलंपिक, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों की पहली पाठशाला स्कूल का खेल मैदान होता है, लेकिन बहराइच में कई विद्यालयों के मैदान अब केवल अभिलेखों तक सिमटते जा रहे हैं। कहीं अतिक्रमण ने खेल का भविष्य निगल लिया है तो कहीं वर्षों पुराने भूमि विवाद के कारण छात्र मैदान से वंचित हैं। शहर के गांधी इंटर कॉलेज और नानपारा के जनता इंटर कॉलेज ऐसे दो प्रमुख उदाहरण हैं, जहां खेल मैदान होने के बावजूद छात्र उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। नतीजा यह है कि खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधा ही खत्म होती जा रही है।
विज्ञापन


न्यायालय में लंबित है मामला
शहर के ऐतिहासिक गांधी इंटर कॉलेज का खेल मैदान धनकुटीपुरा मोहल्ले में स्थित है। इसी परिसर में विद्यालय का छात्रावास भी है, लेकिन मैदान और छात्रावास के एक हिस्से पर कथित कब्जे का मामला वर्षों से न्यायालय में लंबित है। प्रधानाचार्य जसवंत सिंह ने बताया कि विवाद के चलते छात्र पुराने मैदान का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और विद्यालय परिसर के सीमित स्थान पर ही खेल गतिविधियां कराई जा रही हैं।
विज्ञापन

विवाद में उलझा मैदान
जनता इंटर कॉलेज, नानपारा का खेल मैदान भी भूमि विवाद में उलझा है। कॉलेज के बगल की जमीन, जहां छात्र खेलते थे, उस पर विद्यालय और वक्फ बोर्ड के बीच मुकदमा चल रहा है। प्रधानाचार्य अरुण प्रकाश चौधरी ने बताया कि मैदान उपलब्ध न होने से खेल प्रतियोगिताएं सीमित संसाधनों में करानी पड़ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मैदान खत्म होते गए तो उत्कृष्ट खिलाड़ी कैसे तैयार होंगे
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता एवं खेल विशेषज्ञ वीएस श्रीवास्तव का कहना है कि खेल मैदान केवल खेल का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का आधार है। यदि विद्यालयों से मैदान खत्म होते गए तो भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करना कठिन हो जाएगा।

इसलिए जरूरी हैं खेल मैदान
यहीं से उभरते हैं राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी।
खेल से शारीरिक क्षमता, अनुशासन और नेतृत्व कौशल विकसित होता है।
नई शिक्षा नीति में खेल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर।
मैदानों की सुरक्षा और संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed