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घाघरा में समाए छह मकान व 15 बीघा खेत
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महसी के नगेशरपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
बौंडी (बहराइच)। नदी का जलस्तर महसी में बढ़ने लगा है। इसके साथ ही घाघरा नदी कटान करने लगी है। सोमवार को नगेश्वरपुरवा गांव के पांच ग्रामीणों के मकान कटकर नदी में समा गए, जबकि 15 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई। कटान के चलते ग्रामीणों में दहशत है। लेकिन तहसील प्रशासन द्वारा बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
महसी तहसील में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार को लगभग आठ सेंटीमीटर बढ़ गया है। नदी धीरे-धीरे उफान की ओर बढ़ रही है। वहीं नदी ने कटान भी तेज कर दी है। महसी के नगेश्वरपुरवा के रंपत, माता प्रसाद, रामकुमार, प्यारेलाल समेत छह ग्रामीणों के मकान कटकर नदी में समा गए। वहीं, इसी गांव के मजरा टेपरा में प्रेम, रामपाल और राजेश की 15 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी की धारा में बह गई।
कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर कटान की सूचना दी है, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से कटान को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि नगेश्वरपुरवा गांव के छह ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हुए हैं। सभी पीड़ितों को अहेतुक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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घाघरा में छोड़ा गया पानी एक नजर में
तहसीलदार ने बताया कि घाघरा नदी में शारदा बैराज से 131337 क्यूसेक, गिरिजापुरी बैराज से 183738 और सरयू बैराज से 14372 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिससे जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।
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महसी तहसील में स्थित घाघरा नदी का जलस्तर सोमवार को लगभग आठ सेंटीमीटर बढ़ गया है। नदी धीरे-धीरे उफान की ओर बढ़ रही है। वहीं नदी ने कटान भी तेज कर दी है। महसी के नगेश्वरपुरवा के रंपत, माता प्रसाद, रामकुमार, प्यारेलाल समेत छह ग्रामीणों के मकान कटकर नदी में समा गए। वहीं, इसी गांव के मजरा टेपरा में प्रेम, रामपाल और राजेश की 15 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी की धारा में बह गई।
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कटान को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर कटान की सूचना दी है, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से कटान को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि नगेश्वरपुरवा गांव के छह ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हुए हैं। सभी पीड़ितों को अहेतुक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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घाघरा में छोड़ा गया पानी एक नजर में
तहसीलदार ने बताया कि घाघरा नदी में शारदा बैराज से 131337 क्यूसेक, गिरिजापुरी बैराज से 183738 और सरयू बैराज से 14372 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जिससे जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है।