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Bahraich News: हुजूर मैं अभी जिंदा हूं, फिर भी लेखपाल ने जमीन दूसरे के नाम कर दी
Sat, 15 Feb 2025 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:04 AM IST
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पयागपुर (बहराइच)। एक वृद्ध को लेखपाल ने मृत दिखाकर उसकी जमीन दूसरे के नाम कर दी। इसकी जानकारी के बाद अब वृद्ध अधिकारियों के चौखट के चक्कर लगा रहे हैं। सभी अधिकारियों से बस यही कहता हैं कि हुजूर मैं अभी जिंदा हूँ।
पयागपुर गांव निवासी नानमून (75 वर्ष) अपने पुत्र अभिषेक कुमार के साथ शुक्रवार एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां एसडीएम दिनेश कुमार को शिकायतीपत्र देकर उन्होंने कहा कि हुजूर मैं जिंदा हूं, फिर भी मेरी जमीन दूसरे के नाम वरासत दर्ज कर दी गई है। उनके पुत्र ने प्रार्थनापत्र देते हुए लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता विद्युत विभाग में लाइनमैन पद से सेवानिवृत्त हैं और पेंशन भी मिलती है। पिता नानमून के नाम से राजस्व अभिलेखों में खेत दर्ज था। इसे सहसरावां निवासी नकछेद, चंद्रभान व विजयभान पुत्रगण नानमून के नाम दर्ज कर दिया गया है, जो सहसरावा निवासी मृतक नानमून पुत्र शंकर के पुत्रगण हैं। उन्हें लेखपाल की रिपोर्ट के बाद वारिस दर्ज कर दिया गया, जबकि इस भूमि का स्वामित्व पूर्व में नानमून पुत्र भगौती के नाम दर्ज था। जमीन हड़पने के बाद आरोपियों ने भूमि पर आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में बंधक रखकर ऋण भी ले लिया। इस संबंध में तहसीलदार अजय कुमार यादव बताते हैं कि प्रार्थनापत्र मिलते ही तत्काल नायब तहसीलदार हरिशंकर पटेल से जांच कराई गई। बयान भी दर्ज कर लिया गया है। तत्कालीन जिम्मेदार दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
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पयागपुर गांव निवासी नानमून (75 वर्ष) अपने पुत्र अभिषेक कुमार के साथ शुक्रवार एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां एसडीएम दिनेश कुमार को शिकायतीपत्र देकर उन्होंने कहा कि हुजूर मैं जिंदा हूं, फिर भी मेरी जमीन दूसरे के नाम वरासत दर्ज कर दी गई है। उनके पुत्र ने प्रार्थनापत्र देते हुए लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता विद्युत विभाग में लाइनमैन पद से सेवानिवृत्त हैं और पेंशन भी मिलती है। पिता नानमून के नाम से राजस्व अभिलेखों में खेत दर्ज था। इसे सहसरावां निवासी नकछेद, चंद्रभान व विजयभान पुत्रगण नानमून के नाम दर्ज कर दिया गया है, जो सहसरावा निवासी मृतक नानमून पुत्र शंकर के पुत्रगण हैं। उन्हें लेखपाल की रिपोर्ट के बाद वारिस दर्ज कर दिया गया, जबकि इस भूमि का स्वामित्व पूर्व में नानमून पुत्र भगौती के नाम दर्ज था। जमीन हड़पने के बाद आरोपियों ने भूमि पर आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में बंधक रखकर ऋण भी ले लिया। इस संबंध में तहसीलदार अजय कुमार यादव बताते हैं कि प्रार्थनापत्र मिलते ही तत्काल नायब तहसीलदार हरिशंकर पटेल से जांच कराई गई। बयान भी दर्ज कर लिया गया है। तत्कालीन जिम्मेदार दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
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