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एक टूर पैकेज में घूम सकेंगे श्रावस्ती, कतर्निया और दुधवा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 16 Jun 2015 10:23 PM IST
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कतर्नियाघाट सेंक्चुरी को इको टूरिज्म हब के रूप में संवारा जाएगा। पर्यटन विभाग पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेज शीघ्र घोषित करेगा, जिससे पर्यटकों को कतर्नियाघाट लाने के लिए लुभाया जा सके। श्रावस्ती आने वाले पर्यटक कतर्नियाघाट का भ्रमण करते हुए दुधवा नेशनल पार्क जाएंगे। इसके लिए जंगल के कोर जोन के पर्यटक आवासों को भी संवारने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। शुरू हुए कार्यों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बलहा विधायक के आवास से सीधे कतर्नियाघाट पहुंचे।
कतर्नियाघाट को इको टूरिज्म हब बनाने की कवायद प्रदेश सरकार ने शुरू कर दी है। इस संरक्षित वन क्षेत्र में सात रेंज हैं। मोतीपुर और ककरहा रेंज बफर जोन में शामिल हैं। इको टूरिज्म के लिहाज से बफर जोन को पहले ही पांच करोड़ की लागत से संवारा जा चुका है। अब सरकार की नजर संरक्षित वन क्षेत्र के कोर जोन में स्थित कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, धर्मापुर और सुजौली रेंज को संवारने की है। इसी रेंज में बाघ और तेंदुए भी विचरण करते हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घड़ियाल प्रजनन केंद्र और गेरुआ नदी के तट का अपनी कार में बैठे-बैठे ही मुआयना किया। इस दौरान अमर उजाला से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कतर्नियाघाट को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससेेे पर्यटक अन्य वन विहार की तरह कतर्निया की प्राकृतिक सुंदरता को भी निहार सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कतर्नियाघाट की विशेषता है कि खाताकारीडोर के रास्तेेे नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क के भी दुर्लभ वन्यजीव कतर्निया में आते रहते हैं, ऐसे में पर्यटकों को इस सेंक्चुरी क्षेत्र में अन्य वन विहार की अपेक्षा कुछ खास देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग शीघ्र ही ऐसा टूर पैकेज घोषित करेगा जिसके द्वारा पर्यटक एक बार मेें ही श्रावस्ती के बौद्ध तीर्थस्थल का भ्रमण कर कतर्नियाघाट होते हुए दुधवा नेशनल पार्क का भी भ्रमण कर सकें।
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कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा में शुरू हो चुका है काम
डीएफओ आशीष तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कतर्नियाघाट के पर्यटक विश्रामस्थल और थारूहट को संवारने की कवायद शुरू कर दी गई है। निशानगाड़ा रेंज में भी वन विश्राम गृह में दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद अन्य वन विश्राम गृहों को संवारा जाएगा।
पर्यटकों को मिलेंगी सभी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि कतर्निया को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के बाद यहां आने वालेेे पर्यटकों को हर सुविधा मिल सकेगी। अब तक भोजन और लंच की व्यवस्था खुद करनी होती थी लेकिन पर्यटकों की डिमांड के अनुरूप व्यवस्थाएं मुहैया होगी।
सबकी पहुंच में होगा पैकेज
श्रावस्ती आने वाले पर्यटक कतर्निया का भ्रमण कर दुधवा नेशनल पार्क भी घूम सकें यह पैकेज बनाने में यह ध्यान रखा जाएगा कि पैकेज सामान्य व्यक्ति के पहुंच में हो। इससे विदेशी और गैर प्रांतों के पर्यटक भी आकर्षित होंगे।
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कतर्नियाघाट को इको टूरिज्म हब बनाने की कवायद प्रदेश सरकार ने शुरू कर दी है। इस संरक्षित वन क्षेत्र में सात रेंज हैं। मोतीपुर और ककरहा रेंज बफर जोन में शामिल हैं। इको टूरिज्म के लिहाज से बफर जोन को पहले ही पांच करोड़ की लागत से संवारा जा चुका है। अब सरकार की नजर संरक्षित वन क्षेत्र के कोर जोन में स्थित कतर्नियाघाट, निशानगाड़ा, मुर्तिहा, धर्मापुर और सुजौली रेंज को संवारने की है। इसी रेंज में बाघ और तेंदुए भी विचरण करते हैं।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घड़ियाल प्रजनन केंद्र और गेरुआ नदी के तट का अपनी कार में बैठे-बैठे ही मुआयना किया। इस दौरान अमर उजाला से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कतर्नियाघाट को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससेेे पर्यटक अन्य वन विहार की तरह कतर्निया की प्राकृतिक सुंदरता को भी निहार सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कतर्नियाघाट की विशेषता है कि खाताकारीडोर के रास्तेेे नेपाल के रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क के भी दुर्लभ वन्यजीव कतर्निया में आते रहते हैं, ऐसे में पर्यटकों को इस सेंक्चुरी क्षेत्र में अन्य वन विहार की अपेक्षा कुछ खास देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग शीघ्र ही ऐसा टूर पैकेज घोषित करेगा जिसके द्वारा पर्यटक एक बार मेें ही श्रावस्ती के बौद्ध तीर्थस्थल का भ्रमण कर कतर्नियाघाट होते हुए दुधवा नेशनल पार्क का भी भ्रमण कर सकें।
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कतर्नियाघाट और निशानगाड़ा में शुरू हो चुका है काम
डीएफओ आशीष तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कतर्नियाघाट के पर्यटक विश्रामस्थल और थारूहट को संवारने की कवायद शुरू कर दी गई है। निशानगाड़ा रेंज में भी वन विश्राम गृह में दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद अन्य वन विश्राम गृहों को संवारा जाएगा।
पर्यटकों को मिलेंगी सभी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि कतर्निया को इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के बाद यहां आने वालेेे पर्यटकों को हर सुविधा मिल सकेगी। अब तक भोजन और लंच की व्यवस्था खुद करनी होती थी लेकिन पर्यटकों की डिमांड के अनुरूप व्यवस्थाएं मुहैया होगी।
सबकी पहुंच में होगा पैकेज
श्रावस्ती आने वाले पर्यटक कतर्निया का भ्रमण कर दुधवा नेशनल पार्क भी घूम सकें यह पैकेज बनाने में यह ध्यान रखा जाएगा कि पैकेज सामान्य व्यक्ति के पहुंच में हो। इससे विदेशी और गैर प्रांतों के पर्यटक भी आकर्षित होंगे।