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लीलापारा में सात लाख का घोटाला
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रिसियामोड़ (बहराइच)। विकास खंड रिसिया की लीलापारा ग्राम पंचायत में 192 लाइटें लगाने के नाम पर ग्राम पंचायत निधि के खाते से सात लाख रुपये निकाल लिए गए, लेकिन लाइटें आज तक नहीं लगाई गईं। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पंचायती राज निदेशक से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है।
विकास खंड रिसिया की ग्राम पंचायत लीलापारा के मजरा भलुहिया दाखिला निवासी मोहम्मद हारुन खां पुत्र वारिस खां ने ग्राम प्रधान और सचिव पर विकास कार्यों की धनराशि के घोटाले का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि गांव में लाइटें लगवाने के नाम पर ग्राम पंचायत निधि के खाते से एक मई 2018 को सात लाख रुपये निकाले गए। यह धनराशि 10 चेकों के माध्यम से एक ही दिन में 64680, 70560, 64680, 88500, 61000, 88500, 70560, 58800, 58800, 70560 आहरित की गई। बताया गया कि इस धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायत में 192 लाइटें लगवाने में किया जाएगा, लेकिन दो वर्ष बाद भी अब तक ग्राम पंचायत में एक भी लाइट नहीं लग सकी है।
इस मामले में तहसील स्तर पर भी शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। हारुन ने इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जिला पंचायत राज निदेशक व मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, हारुन ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत हुए कार्यों का मेहनताना भी ग्रामीणों को नहीं मिला है। जबकि धनराशि बैंक से निकाली जा चुकी है।
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जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
विकास खंड के लीलापारा गांव में धांधली किए जाने की शिकायत मिली है। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई जा रही है। जांच में अगर वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रविशंकर प्रधान, खंड विकास अधिकारी, रिसिया
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विकास खंड रिसिया की ग्राम पंचायत लीलापारा के मजरा भलुहिया दाखिला निवासी मोहम्मद हारुन खां पुत्र वारिस खां ने ग्राम प्रधान और सचिव पर विकास कार्यों की धनराशि के घोटाले का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि गांव में लाइटें लगवाने के नाम पर ग्राम पंचायत निधि के खाते से एक मई 2018 को सात लाख रुपये निकाले गए। यह धनराशि 10 चेकों के माध्यम से एक ही दिन में 64680, 70560, 64680, 88500, 61000, 88500, 70560, 58800, 58800, 70560 आहरित की गई। बताया गया कि इस धनराशि का उपयोग ग्राम पंचायत में 192 लाइटें लगवाने में किया जाएगा, लेकिन दो वर्ष बाद भी अब तक ग्राम पंचायत में एक भी लाइट नहीं लग सकी है।
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इस मामले में तहसील स्तर पर भी शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। हारुन ने इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जिला पंचायत राज निदेशक व मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, हारुन ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत हुए कार्यों का मेहनताना भी ग्रामीणों को नहीं मिला है। जबकि धनराशि बैंक से निकाली जा चुकी है।
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जांच कराकर करेंगे कार्रवाई
विकास खंड के लीलापारा गांव में धांधली किए जाने की शिकायत मिली है। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कराई जा रही है। जांच में अगर वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रविशंकर प्रधान, खंड विकास अधिकारी, रिसिया