फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Seven days reassurance in salary payment

वेतन भुगतान में सात दिन का फिर आश्वासन

Thu, 11 Nov 2021 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
Seven days reassurance in salary payment
बहराइच। महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज में 24 वार्ड ब्वाय और 12 नर्सों के वेतन भुगतान में अभी एक हफ्ते का समय लग सकता है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि फाइल शासन में विभिन्न स्तरों पर अप्रूव हुई है। उच्चाधिकारियों के मुताबिक वेतन भुगतान में एक हफ्ते का समय और लग सकता है। उधर, पीड़ित वार्ड ब्वाय और नर्सों का कहना है कि अगर बढ़ाई गई समय सीमा में वेतन का भुगतान न हुआ तो अदालत का सहारा भी लेंगे।
विज्ञापन

गौरतलब हो कि विगत पहली नवंबर को 24 वार्ड ब्वाय और 12 नर्सों ने बकाया वेतन भुगतान को लेकर प्राचार्य कार्यालय में घुसकर करीब पांच घंटे तक घेराव किया था। इस दौरान मेडिकल कॉलेज प्रबंधक को पुलिस बुलानी पड़ी थी। प्राचार्य ने कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया था कि 10 दिन के अंदर भुगतान कराया जाएगा। आरोप लगा कि उक्त 36 कर्मचारियों से बिना पे-रोल पर लाए वर्षों तक काम कराया गया। जब भुगतान की समय सीमा काफी बढ़ गई और वेतन के लिए बवाल की स्थिति आने लगी तो कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन

इस प्रकरण पर प्राचार्य द्वारा शासन को भेजे गए पत्र से यह भी स्पष्ट हो गया कि सभी कर्मचारियों की नियुक्ति फर्जी थी। प्राचार्य ने इन फर्जी नियुक्तियों का जिम्मेदार पूर्व सीएमएस डॉ. डीके सिंह और आउटसोर्सिंग एजेंसी को बताया था। जबकि, इसी प्रकरण पर पूर्व सीएमएस ने फर्जी नियुक्तियों का ठीकरा प्राचार्य एके साहनी के सिर पर फोड़ा था। गुरुवार को आश्वासन पत्र के मुताबिक 11 नवंबर भी बीत गया, लेकिन अभी तक न तो कर्मचारियों का वेतन आया और न ही शासन द्वारा कोई जांच शुरू कराई गई। इस प्रकरण पर प्राचार्य एके साहनी ने बताया कि शासन के अफसरों से इस प्रकरण पर जानकारी ली गई थी। फाइल विभिन्न चरणों में अप्रूब होती है। अफसरों का कहना है कि एक हफ्ते के अंदर कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वेतन न मिला तो जाएंगे कोर्ट
एक संस्था के रूप में हम कर्मचारियों के साथ मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने विश्वासघात किया है। कोरोना की दोनों लहर में रिस्क लेकर मरीजों की सेवा की। वेतन जल्द मिल जाएगा, यह आश्वासन देकर दो वर्ष तक धोखे में रखा। अगर पत्र में निर्धारित की गई तिथि के अनुसार वेतन न मिला तो फिर प्राचार्य का घेराव करेंगे, जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएंगे।

-रजत रस्तोगी, कोटबाजार
प्राचार्य नहीं देना चाहते वेतन
वेतन देने के लिए एक दर्जन बार अटेंडेंस ले चुके हैं। शासन ने हम लोगों को वेतन भी कॉलेज के खाते में भेज दिया है। केवल प्राचार्य वेतन नहीं देना चाहते। क्यों नहीं देना चाहते यह स्पष्ट नहीं है। अगर वेतन नहीं देंगे तो हम आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
-प्रशांत कश्यप, पयागपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed