{"_id":"63430a37e393753e01491cbf","slug":"saryu-wreaking-havoc-in-mihimpurwa-and-mahsi-bahraich-news-lko6521099123","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिहींपुरवा व महसी में कहर बरपा रही सरयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिहींपुरवा व महसी में कहर बरपा रही सरयू
विज्ञापन
महसी के पचदेवरी में बाढ़ के पानी में डूबे मकान व रास्ता पार करता ग्रामीण।
- फोटो : BAHRAICH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। भारी बरसात व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी से उफनाई सरयू तहसील मिहींपुरवा, महसी व कैसरगंज में तबाही मचा रही है। तीनों तहसीलों के 130 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेट सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। रविवार को भी सुबह से ही बरसात जारी रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे दावे भी हवाहवाई साबित हो रहे हैं। सड़कों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित खुले आसमान के नीचे भीगने के लिए मजबूर हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के चारे की समस्या भी गहराती जा रही है। कई गांवों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से कट गया है। बाढ़ से करीब दो लाख लोग प्रभावित हैं।
तहसील मिहींपुरवा में सरयू नदी उफनाने से मटेही, पुरैना रघुनाथपुर, पड़रिया, भादापुरवा, बलई गांव, गोपिया, मौजीपुरवा, चंदनपुर, चहलवा जंगल, गुलरिहा, सुजौली, बड़खड़िया, मोगलनपुरवा, सोमईगौढ़ी, दलजीतपुरवा व शोभापुरवा समेत लगभग 80 गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। सरयू नदी गोपिया बैराज पर खतरे के निशान ने 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ पीड़ितों ने गोपिया बैराज पर नहर के किनारे अपने पशुओं के साथ शरण ले रखी है। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपाल उपलब्ध करा दिया जाता तो वह लोग बरसात से बचे रहते। थाना सुजौली अंर्तगत ग्राम चहलवा, सुजौली, बड़खड़िया व जंगल गुलरिया के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नाव से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाया जा रहा है।
उधर तहसील महसी के मांझा दरिया बुर्द, केवलपुर, डिहुआ, बकैना, बांसगढ़ी, धनावा, बहदुरिया, गरेठीगुरुदत्त, रामसहायपुरवा, पचदेवरी, मैकूपुरवा, कोटिया, महसी टेपरा, पूरे हिंदू सिंह समेत अन्य गांवों में बाढ़ का पानी भरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। हैंडपंप पानी में डूब गए हैं। जिससे ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। धान व गन्ने की फसल भी बर्बाद हो गई है। लगभग एक दर्जन परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। रविवार की शाम एसडीएम महसी रामदास व विधायक सुरेश्वर सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों का हालचाल जाना। एसडीएम रामदास ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मी भ्रमणशील हैं। पीड़ित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पीड़ितों को उपलब्ध करा रहे सहायता
प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों द्वारा लगातार भ्रमण किया जा रहा है। सीआरओ अवधेश मिश्रा बाढ़ क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों के साथ ही लेखपालों को भी बाढ़ पीड़ितों के सहयोग में लगाया गया है। सभी पीड़ितों को सहायता मुहैया कराने के उपाय किए जा रहे हैं। लगातार हो रही बरसात से कुछ समस्या आ रही है। -ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, एसडीएम मिहींपुरवा।
नदियों में डिस्चार्ज हो रहा 04,91,751 क्यूसेक पानी
सरयू ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि रविवार को बैराजों से कुल चार लाख 91 हजार 751 क्यूसेक पानी नदियों में डिस्चार्ज हो रहा है। इसमें शारदा बैराज से एक लाख 60 हजार 996 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से दो लाख 69 हजार 492 क्यूसेक व सरयू बैराज से 61 हजार 263 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू
बहराइच-लखनऊ मार्ग पर स्थित एल्गिन ब्रिज पर रविवार की दोपहर नदी का जलस्तर 106.976 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया है। यह खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर प्रति घंटा एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे कैसरगंज क्षेत्र के नासिरगंज, अहाता व तपेसिपाह के आधा दर्जन मजरों में बाढ़ का पानी भरना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
तहसील मिहींपुरवा में सरयू नदी उफनाने से मटेही, पुरैना रघुनाथपुर, पड़रिया, भादापुरवा, बलई गांव, गोपिया, मौजीपुरवा, चंदनपुर, चहलवा जंगल, गुलरिहा, सुजौली, बड़खड़िया, मोगलनपुरवा, सोमईगौढ़ी, दलजीतपुरवा व शोभापुरवा समेत लगभग 80 गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। सरयू नदी गोपिया बैराज पर खतरे के निशान ने 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ पीड़ितों ने गोपिया बैराज पर नहर के किनारे अपने पशुओं के साथ शरण ले रखी है। यहां मौजूद लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपाल उपलब्ध करा दिया जाता तो वह लोग बरसात से बचे रहते। थाना सुजौली अंर्तगत ग्राम चहलवा, सुजौली, बड़खड़िया व जंगल गुलरिया के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नाव से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
उधर तहसील महसी के मांझा दरिया बुर्द, केवलपुर, डिहुआ, बकैना, बांसगढ़ी, धनावा, बहदुरिया, गरेठीगुरुदत्त, रामसहायपुरवा, पचदेवरी, मैकूपुरवा, कोटिया, महसी टेपरा, पूरे हिंदू सिंह समेत अन्य गांवों में बाढ़ का पानी भरने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। हैंडपंप पानी में डूब गए हैं। जिससे ग्रामीणों को पेयजल की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। धान व गन्ने की फसल भी बर्बाद हो गई है। लगभग एक दर्जन परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। रविवार की शाम एसडीएम महसी रामदास व विधायक सुरेश्वर सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों का हालचाल जाना। एसडीएम रामदास ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मी भ्रमणशील हैं। पीड़ित ग्रामीणों को लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
पीड़ितों को उपलब्ध करा रहे सहायता
प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों द्वारा लगातार भ्रमण किया जा रहा है। सीआरओ अवधेश मिश्रा बाढ़ क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों के साथ ही लेखपालों को भी बाढ़ पीड़ितों के सहयोग में लगाया गया है। सभी पीड़ितों को सहायता मुहैया कराने के उपाय किए जा रहे हैं। लगातार हो रही बरसात से कुछ समस्या आ रही है। -ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, एसडीएम मिहींपुरवा।
नदियों में डिस्चार्ज हो रहा 04,91,751 क्यूसेक पानी
सरयू ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता बीबी पाल ने बताया कि रविवार को बैराजों से कुल चार लाख 91 हजार 751 क्यूसेक पानी नदियों में डिस्चार्ज हो रहा है। इसमें शारदा बैराज से एक लाख 60 हजार 996 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से दो लाख 69 हजार 492 क्यूसेक व सरयू बैराज से 61 हजार 263 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू
बहराइच-लखनऊ मार्ग पर स्थित एल्गिन ब्रिज पर रविवार की दोपहर नदी का जलस्तर 106.976 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया है। यह खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर प्रति घंटा एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे कैसरगंज क्षेत्र के नासिरगंज, अहाता व तपेसिपाह के आधा दर्जन मजरों में बाढ़ का पानी भरना शुरू हो गया है।