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Bahraich News: सरयू में बढ़ा उफान, बाढ़ से घिरे 80 हजार लोग
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बाढ़ से घिरा गांव व नाव के सहारे जाते लोग।
बहराइच। सरयू में मंगलवार को उफान और बढ़ गया। नदी का पानी अब घरों की दहलीज पार कर लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने से महसी क्षेत्र में बाढ़ की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। नदी में 3.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नौ ग्राम पंचायतों के करीब 40 मजरे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। एक दर्जन से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। 80 हजार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
महसी तहसील के मल्लाहनपुरवा, कटेला पुरवा, पूरे प्रसाद, मांझा दरियाबुर्द, गोलागंज, जोधेपुरवा और महंत पुरवा समेत कई गांवों में लोगों के सामने भोजन और पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। करीब 250 हेक्टेयर फसल जलमग्न है। कई संपर्क मार्गों पर करीब तीन फुट पानी बह रहा है। ऐसे में गांवों से बाहर निकलने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है।
घर में पानी, चौकी पर चूल्हा, नाव का सहारा
कटेला पुरवा निवासी रामनरेश के घर में पानी भर गया है। उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने के बाद परिवार को ऊंची जगह पर चूल्हा रखकर खाना बनाना पड़ रहा है। बच्चों के लिए घर के भीतर ही किसी तरह भोजन तैयार किया जा रहा है। जोधेपुरवा निवासी हरेराम के मुताबिक गांव की 500 से अधिक आबादी बाढ़ से परेशान है। हैंडपंप डूब गए हैं और साफ पानी के लिए लोग परेशान हैं। संपर्क मार्ग पर करीब तीन फुट पानी होने से आवागमन प्रभावित है। पूरे प्रसाद, मांझा दरियाबुर्द और गोलागंज में नाव से ही आवागमन हो रहा है। बाढ़ के पानी से धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। फसल बर्बादी के साथ पशुओं के चारे का संकट भी पैदा हो गया है। पशुपालक चारे के लिए परेशान हैं।
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बैराजों से छोड़ा पानी बढ़ा रहा चिंता
मंगलवार सुबह आठ बजे की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.77 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 106.07 मीटर है। यहां 3,68,589 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। घूरदेवी में जलस्तर 112.61 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 112.15 मीटर है।
तटबंध के रेनकट और दरारें दुरुस्त
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि बेलहा-बहरौली तटबंध का निरीक्षण किया गया। छह स्थानों पर रेनकट से क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराई गई है। दरारों को बजरी और बालू की बोरियों से भर दिया गया है। तटबंध को सुरक्षित कर लिया गया है और फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
गांवों में पहुंचाई जा रही राहत
तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दो स्टीमर और तीन नावें संचालित की जा रही हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर हैं। ग्रामीण गांवों से निकलना नहीं चाहते, इसलिए जरूरत के अनुसार गांवों में ही राहत और सहायता पहुंचाई जा रही है।
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-- -- -- -- इनसेट-- -- -- --
मंगलवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.50 मीटर
135.49 मीटर
1,77,133 क्यूसेक
गिरिजा बैराज 135.70 मीटर
136.78 मीटर
1,64,038 क्यूसेक
सरयू बैराज 131.30 मीटर
133.40 मीटर
8,298 क्यूसेक
सुहेली बैराज 145.15 मीटर
145.50 मीटर
19,120 क्यूसेक
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चारों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया पानी : 3,68,589 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.77 मीटर, लाल निशान 106.07 मीटर
घूरदेवी महसी में जलस्तर 112.61 मीटर, लाल निशान 112.15 मीटर
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महसी तहसील के मल्लाहनपुरवा, कटेला पुरवा, पूरे प्रसाद, मांझा दरियाबुर्द, गोलागंज, जोधेपुरवा और महंत पुरवा समेत कई गांवों में लोगों के सामने भोजन और पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। करीब 250 हेक्टेयर फसल जलमग्न है। कई संपर्क मार्गों पर करीब तीन फुट पानी बह रहा है। ऐसे में गांवों से बाहर निकलने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है।
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घर में पानी, चौकी पर चूल्हा, नाव का सहारा
कटेला पुरवा निवासी रामनरेश के घर में पानी भर गया है। उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने के बाद परिवार को ऊंची जगह पर चूल्हा रखकर खाना बनाना पड़ रहा है। बच्चों के लिए घर के भीतर ही किसी तरह भोजन तैयार किया जा रहा है। जोधेपुरवा निवासी हरेराम के मुताबिक गांव की 500 से अधिक आबादी बाढ़ से परेशान है। हैंडपंप डूब गए हैं और साफ पानी के लिए लोग परेशान हैं। संपर्क मार्ग पर करीब तीन फुट पानी होने से आवागमन प्रभावित है। पूरे प्रसाद, मांझा दरियाबुर्द और गोलागंज में नाव से ही आवागमन हो रहा है। बाढ़ के पानी से धान समेत अन्य फसलें डूब गई हैं। फसल बर्बादी के साथ पशुओं के चारे का संकट भी पैदा हो गया है। पशुपालक चारे के लिए परेशान हैं।
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बैराजों से छोड़ा पानी बढ़ा रहा चिंता
मंगलवार सुबह आठ बजे की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.77 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 106.07 मीटर है। यहां 3,68,589 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। घूरदेवी में जलस्तर 112.61 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 112.15 मीटर है।
तटबंध के रेनकट और दरारें दुरुस्त
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि बेलहा-बहरौली तटबंध का निरीक्षण किया गया। छह स्थानों पर रेनकट से क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराई गई है। दरारों को बजरी और बालू की बोरियों से भर दिया गया है। तटबंध को सुरक्षित कर लिया गया है और फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
गांवों में पहुंचाई जा रही राहत
तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दो स्टीमर और तीन नावें संचालित की जा रही हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर हैं। ग्रामीण गांवों से निकलना नहीं चाहते, इसलिए जरूरत के अनुसार गांवों में ही राहत और सहायता पहुंचाई जा रही है।
मंगलवार को जलस्तर की स्थिति
स्थान
जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 135.50 मीटर
135.49 मीटर
1,77,133 क्यूसेक
गिरिजा बैराज 135.70 मीटर
136.78 मीटर
1,64,038 क्यूसेक
सरयू बैराज 131.30 मीटर
133.40 मीटर
8,298 क्यूसेक
सुहेली बैराज 145.15 मीटर
145.50 मीटर
19,120 क्यूसेक
चारों बैराजों से सरयू नदी में छोड़ा गया पानी : 3,68,589 क्यूसेक
एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 106.77 मीटर, लाल निशान 106.07 मीटर
घूरदेवी महसी में जलस्तर 112.61 मीटर, लाल निशान 112.15 मीटर

बाढ़ से घिरा गांव व नाव के सहारे जाते लोग।