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Bahraich News: नहीं लौटी बिजली, पैसे देकर मोबाइल चार्ज करा रहे ग्रामीण
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महसी के सधुवापुर में बारिश व तेज हवाओं से गिरा पड़ा विद्युत पोल।
बहराइच। जिले में पिछले बुधवार को आई तेज आंधी-बारिश से चरमराई बिजली व्यवस्था एक सप्ताह बाद भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। कहीं पांचवें तो कहीं सातवें दिन भी बिजली गुल रही। महसी में 478 गांवों की करीब तीन लाख की आबादी, हुजूरपुर के 80 गांवों व कस्बे की करीब 85 हजार, फखरपुर क्षेत्र में आठ फीडरों से जुड़े करीब 1.5 लाख और मटेरा की करीब 92 हजार की आबादी प्रभावित है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। लोगों को मोबाइल चार्ज कराने के लिए जनरेटर संचालकों को पैसे देने पड़ रहे हैं।
महसी में टिकोरा मोड़ से तहसील मुख्यालय आने वाली 33 केवी मुख्य लाइन सात दिन बाद भी चालू नहीं हो सकी है। इससे जुड़े उपकेंद्रों और 11 केवी फीडरों को नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सधुवापुर, मुडहेरा, चांदपारा और लखनापुर समेत कम से कम 478 गांव प्रभावित हैं। चांदपारा में टूटा बिजली पोल और जमीन पर पड़ा ट्रांसफार्मर तथा सधुवापुर में टूटे-गिरे खंभे अब भी व्यवस्था की बदहाली बयां कर रहे हैं। घरों में पानी की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल है।
हुजूरपुर में कस्बा भी अंधेरे में
हुजूरपुर में चिरैयाटांड़ पावर हाउस को आने वाली 33 केवी लाइन सप्ताह भर बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। इससे कस्बे के साथ करीब 80 गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। करीब 85 हजार आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। विद्युतकर्मी लाइन ठीक करने में जुटे हैं।
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मटेरा में पांचवें दिन भी बिजली गुल
मटेरा क्षेत्र में पांचवें दिन भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने से व्यापार, छोटे कारखानों का काम और ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है। अंधेरे के साथ पेयजल संकट भी बना हुआ है। करीब 92 हजार आबादी प्रभावित है। मोबाइल चार्ज कराने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
फखरपुर के आठ फीडर प्रभावित
फखरपुर पावर हाउस से संचालित आठों फीडरों की आपूर्ति पांचवें दिन भी नियमित नहीं हो सकी। 33 केवी लाइन पर कई जगह पेड़ गिरने से नुकसान हुआ था। करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है। एसडीओ जय गोविंद ने बताया कि सोमवार शाम 33 केवी लाइन चालू की गई, लेकिन कुछ देर बाद ट्रिप हो गई। इसे दोबारा चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद माधवपुर फीडर चलाया जाएगा। क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत के लिए टीमें लगाई गई हैं।
80 फीसदी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा
अधीक्षण अभियंता एनसी प्रसाद ने बताया कि टीमें लगातार मरम्मत में लगी हैं। करीब 80 प्रतिशत व्यवस्था दुरुस्त हो चुकी है। शेष क्षेत्रों में भी काम चल रहा है और आगामी 24 घंटे में जिले की बिजली व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास है। उन्होंने उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
इनसेट : कहां, कितनी आबादी प्रभावित
महसी: 478 गांव, 33 केवी लाइन बंद, करीब 3 लाख
हुजूरपुर: 80 गांव व कस्बा प्रभावित, करीब 85 हजार
फखरपुर: आठ फीडर प्रभावित, करीब 1.5 लाख
मटेरा: पांचवें दिन भी आपूर्ति ठप, करीब 92 हजार
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महसी में टिकोरा मोड़ से तहसील मुख्यालय आने वाली 33 केवी मुख्य लाइन सात दिन बाद भी चालू नहीं हो सकी है। इससे जुड़े उपकेंद्रों और 11 केवी फीडरों को नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सधुवापुर, मुडहेरा, चांदपारा और लखनापुर समेत कम से कम 478 गांव प्रभावित हैं। चांदपारा में टूटा बिजली पोल और जमीन पर पड़ा ट्रांसफार्मर तथा सधुवापुर में टूटे-गिरे खंभे अब भी व्यवस्था की बदहाली बयां कर रहे हैं। घरों में पानी की व्यवस्था प्रभावित होने के साथ मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल है।
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हुजूरपुर में कस्बा भी अंधेरे में
हुजूरपुर में चिरैयाटांड़ पावर हाउस को आने वाली 33 केवी लाइन सप्ताह भर बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। इससे कस्बे के साथ करीब 80 गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। करीब 85 हजार आबादी बिजली संकट से जूझ रही है। विद्युतकर्मी लाइन ठीक करने में जुटे हैं।
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मटेरा में पांचवें दिन भी बिजली गुल
मटेरा क्षेत्र में पांचवें दिन भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने से व्यापार, छोटे कारखानों का काम और ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित है। अंधेरे के साथ पेयजल संकट भी बना हुआ है। करीब 92 हजार आबादी प्रभावित है। मोबाइल चार्ज कराने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
फखरपुर के आठ फीडर प्रभावित
फखरपुर पावर हाउस से संचालित आठों फीडरों की आपूर्ति पांचवें दिन भी नियमित नहीं हो सकी। 33 केवी लाइन पर कई जगह पेड़ गिरने से नुकसान हुआ था। करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है। एसडीओ जय गोविंद ने बताया कि सोमवार शाम 33 केवी लाइन चालू की गई, लेकिन कुछ देर बाद ट्रिप हो गई। इसे दोबारा चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद माधवपुर फीडर चलाया जाएगा। क्षतिग्रस्त लाइनों और खंभों की मरम्मत के लिए टीमें लगाई गई हैं।
80 फीसदी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा
अधीक्षण अभियंता एनसी प्रसाद ने बताया कि टीमें लगातार मरम्मत में लगी हैं। करीब 80 प्रतिशत व्यवस्था दुरुस्त हो चुकी है। शेष क्षेत्रों में भी काम चल रहा है और आगामी 24 घंटे में जिले की बिजली व्यवस्था सामान्य करने का प्रयास है। उन्होंने उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की।
इनसेट : कहां, कितनी आबादी प्रभावित
महसी: 478 गांव, 33 केवी लाइन बंद, करीब 3 लाख
हुजूरपुर: 80 गांव व कस्बा प्रभावित, करीब 85 हजार
फखरपुर: आठ फीडर प्रभावित, करीब 1.5 लाख
मटेरा: पांचवें दिन भी आपूर्ति ठप, करीब 92 हजार

महसी के सधुवापुर में बारिश व तेज हवाओं से गिरा पड़ा विद्युत पोल।