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Bahraich News: सरयू लाल निशान से 25 सेमी ऊपर, जानकी नगर के अस्तित्व पर संकट
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नदी में समाने के कगार पर मकान।
- फोटो : नदी में समाने के कगार पर मकान।
बहराइच। नेपाल की पहाड़ियों पर लगातार हो रही बारिश और गिरिजापुरी बैराज से छोड़े गए पानी ने जिले के तटवर्ती गांवों में बसे ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज हुआ। गिरिजापुरी बैराज से 3.33 लाख क्यूसेक पानी सरयू में डिस्चार्ज हो रहा है। इसके चलते जलस्तर हर ढाई घंटे में एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे महसी तहसील का जानकी नगर गांव कटान के मुहाने पर है।
जानकी नगर व पूरे प्रसाद गांव सरयू नदी की तेज धार और कटान से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। गांव के कल्लू, रामनिवास, और गंगाराम समेत छह ग्रामीणों के मकान नदी के मुहाने पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी ये मकान सरयू में समा सकते हैं। अब तक गांव के 46 से अधिक परिवारों के मकान और खेत कटान की जद में आ चुके हैं। ग्रामीण पूरी रात जागकर नदी की ओर टकटकी लगाए रहते हैं कि कहीं पानी उनके घरों तक न पहुंच जाए।
नेपाल की बारिश बनी आफत
नेपाल के गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में भी पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। सोमवार रात जिले में वर्षा न होने के बावजूद नेपाल में भारी बरसात का असर मंगलवार सुबह सरयू के जलस्तर में दिखा। इस हालात ने जिले के महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसील के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। लेखपाल छोटे लाल का कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुबह-शाम लंच पैकेट और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी परिवार को निराश नहीं किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि नावों की व्यवस्था और सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन जैसी ठोस तैयारियां नहीं की गई हैं। मौजूदा इंतजाम केवल औपचारिकता भर हैं।
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सरयू नदी का जलस्तर
एल्गिन ब्रिज : 106.32 मीटर
खतरे का निशान - 106.07 मीटर
बैराज से डिस्चार्ज : 3,33,714 क्यूसेक
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जानकी नगर व पूरे प्रसाद गांव सरयू नदी की तेज धार और कटान से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। गांव के कल्लू, रामनिवास, और गंगाराम समेत छह ग्रामीणों के मकान नदी के मुहाने पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी भी ये मकान सरयू में समा सकते हैं। अब तक गांव के 46 से अधिक परिवारों के मकान और खेत कटान की जद में आ चुके हैं। ग्रामीण पूरी रात जागकर नदी की ओर टकटकी लगाए रहते हैं कि कहीं पानी उनके घरों तक न पहुंच जाए।
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नेपाल की बारिश बनी आफत
नेपाल के गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में भी पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। सोमवार रात जिले में वर्षा न होने के बावजूद नेपाल में भारी बरसात का असर मंगलवार सुबह सरयू के जलस्तर में दिखा। इस हालात ने जिले के महसी, कैसरगंज, नानपारा और मिहींपुरवा तहसील के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। लेखपाल छोटे लाल का कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुबह-शाम लंच पैकेट और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। किसी भी परिवार को निराश नहीं किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि नावों की व्यवस्था और सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन जैसी ठोस तैयारियां नहीं की गई हैं। मौजूदा इंतजाम केवल औपचारिकता भर हैं।
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सरयू नदी का जलस्तर
एल्गिन ब्रिज : 106.32 मीटर
खतरे का निशान - 106.07 मीटर
बैराज से डिस्चार्ज : 3,33,714 क्यूसेक