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Bahraich News: लाल निशान से पांच सेमी ऊपर बह रही सरयू, बढ़ रहा संकट
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महसी में उफनाई सरयू नदी।
बहराइच। सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 106.12 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। रात में तीन सेंटीमीटर की गिरावट के बाद जलस्तर स्थिर है, महसी तहसील के छह गांव अब भी चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे हैं। वहीं, शुक्रवार सुबह 2.57 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से आगामी 24 घंटे में जलस्तर में फिर तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है।
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर सरयू नदी पर अब भी बना हुआ है। हालांकि रातभर में जलस्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार सुबह सरयू का जलस्तर 106.12 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। बृहस्पतिवार शाम तक जलस्तर 106.15 मीटर यानी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था, लेकिन रात में तीन सेंटीमीटर घटने के बाद फिलहाल जलस्तर स्थिर है। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं शुक्रवार सुबह 2.57 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बरकरार है।
महसी तहसील के जोगलापुरवा, तुरंतीपुरवा, मल्लाहनपुरवा, चमरही, माझा और लोनियनपुरवा गांव अब भी चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। हालांकि अभी तक गांवों की आबादी में पानी प्रवेश नहीं कर पाया है, लेकिन खेत और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तटवर्ती गांवों के लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसीलदार, लेखपाल और राजस्व विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही हैं। बाढ़ राहत से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। नावों को तैयार रखा गया है और नाविकों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-इनसेट--
गांव के रास्तों पर पहुंच गया है पानी
जोगलापुरवा गांव निवासी रामअवतार ने कहा कि नदी का पानी गांव के चारों ओर पहुंच गया है। अभी घरों में पानी नहीं घुसा है, लेकिन खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। रात-दिन जलस्तर बढ़ने की चिंता बनी हुई है। मल्लाहनपुरवा की सावित्री देवी का कहना है कि इस बार भी बाढ़ से रास्ते बंद होने लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों और बुजुर्गों की है। तुरंतीपुरवा निवासी राजकुमार का कहना है कि गांव का संपर्क बाहर से लगभग कट गया है। नाव ही सहारा बन सकती है। यदि फिर पानी बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी। माझा गांव निवासी श्यामलाल ने कहा कि रातभर लोग जागकर नदी का हाल देख रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल डूबने लगी है। समय पर मदद नहीं मिली तो किसानों को भारी नुकसान होगा।
-- इनसेट--
शुक्रवार को जलस्तर की स्थिति
बैराज/नदी जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 134.90 मीटर
135.49 मीटर
1,31,337 क्यूसेक
गिरिजा बैराज 135.15 मीटर
136.78 मीटर
1,23,073 क्यूसेक
सरयू बैराज 130.20 मीटर
133.50 मीटर
3,515 क्यूसेक
- सरयू नदी में तीनों बैराजों से छोड़ा गया कुल पानी 2,57,925 क्यूसेक।
- एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.12 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर।
- घूरदेवी स्थान पर नदी का जलस्तर 111.78 मीटर व खतरे का निशान 112.15 मीटर।
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नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर सरयू नदी पर अब भी बना हुआ है। हालांकि रातभर में जलस्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार सुबह सरयू का जलस्तर 106.12 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। बृहस्पतिवार शाम तक जलस्तर 106.15 मीटर यानी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था, लेकिन रात में तीन सेंटीमीटर घटने के बाद फिलहाल जलस्तर स्थिर है। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं शुक्रवार सुबह 2.57 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ का खतरा बरकरार है।
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महसी तहसील के जोगलापुरवा, तुरंतीपुरवा, मल्लाहनपुरवा, चमरही, माझा और लोनियनपुरवा गांव अब भी चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। हालांकि अभी तक गांवों की आबादी में पानी प्रवेश नहीं कर पाया है, लेकिन खेत और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तटवर्ती गांवों के लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसीलदार, लेखपाल और राजस्व विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही हैं। बाढ़ राहत से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। नावों को तैयार रखा गया है और नाविकों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-इनसेट
गांव के रास्तों पर पहुंच गया है पानी
जोगलापुरवा गांव निवासी रामअवतार ने कहा कि नदी का पानी गांव के चारों ओर पहुंच गया है। अभी घरों में पानी नहीं घुसा है, लेकिन खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। रात-दिन जलस्तर बढ़ने की चिंता बनी हुई है। मल्लाहनपुरवा की सावित्री देवी का कहना है कि इस बार भी बाढ़ से रास्ते बंद होने लगे हैं। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों और बुजुर्गों की है। तुरंतीपुरवा निवासी राजकुमार का कहना है कि गांव का संपर्क बाहर से लगभग कट गया है। नाव ही सहारा बन सकती है। यदि फिर पानी बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी। माझा गांव निवासी श्यामलाल ने कहा कि रातभर लोग जागकर नदी का हाल देख रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल डूबने लगी है। समय पर मदद नहीं मिली तो किसानों को भारी नुकसान होगा।
शुक्रवार को जलस्तर की स्थिति
बैराज/नदी जलस्तर
खतरे का निशान
डिस्चार्ज
शारदा बैराज 134.90 मीटर
135.49 मीटर
1,31,337 क्यूसेक
गिरिजा बैराज 135.15 मीटर
136.78 मीटर
1,23,073 क्यूसेक
सरयू बैराज 130.20 मीटर
133.50 मीटर
3,515 क्यूसेक
- सरयू नदी में तीनों बैराजों से छोड़ा गया कुल पानी 2,57,925 क्यूसेक।
- एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.12 मीटर, खतरे का निशान 106.07 मीटर।
- घूरदेवी स्थान पर नदी का जलस्तर 111.78 मीटर व खतरे का निशान 112.15 मीटर।