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कदम-कदम पर शहादत को नमन
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बहराइच के रिसिया में रविवार को जम्मू से सेना के जवान का शव आने के बाद उमड़ी भीड़।
- फोटो : BAHRAICH
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रिसिया (बहराइच)। हर आंख नम। कहीं सिसकियां तो कहीं दर्द भरी चीत्कार। दिल में जज्बा कि उनके वीर का नाम गर्व के आसमान में गूंज रहा है। जनसैलाब ऐसा कि पैर रखने की जगह नहीं। हर ओर से फूलों की वर्षा। न कोई अपना न कोई पराया। न हिंदू न मुसलमान। हर दिल में भाव सिर्फ एक था कि यह राष्ट्र का सपूत है। देश पर मर मिटने वाला बलिदानी है। सिसक और हिचकियों के बीच कदम-कदम पर लोग शहादत को नमन करते रहे।
रिसिया थाना क्षेत्र का सिखनपुरवा गांव रविवार को किसी से अंजान न था। सर्वजीत के पार्थिव शरीर पहुुंचने के बाद हर कोई एक झलक पाने को बेताब दिखा। नम आंखों से बलिदानी सर्वजीत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। रविवार की भोर से लेकर दोपहर तक सर्वजीत को देखने के लिए तांता लगा रहा। कदम-कदम पर फूलों की वर्षा कर लोग शहादत को नमन करते रहे। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं की टोलियां भी मौजूद रहीं। जो आंखों में आंसू भरे सर्वजीत को विदा कर रही थीं। युवाओं ने कहा कि मुझे नाज है कि बलिदानी सर्वजीत की अंतिम यात्रा में शामिल होने आया हूं। अंतिम यात्रा के लिए शव को उठाया गया तो नारों से आसमान गूंज उठा। घर के पास बने शमशान स्थल तक भारत माता की जय... वंदे मातरम, इंकलाब जिंदाबाद... जब तक सूरज चांद रहेगा, सर्वजीत सिंह का नाम रहेगा के जयघोष होता रहा। (संवाद)
पेड़ों व छतों पर उमड़ा रहा सैलाब
शहीद जवान के अंतिम संस्कार को अपनी आंखों से देखने के लिए लोगों का हुजूूम उमड़ा रहा। अंतिम संस्कार स्थल के आसपास बने घरों की छतों व आसपास लगे पेड़ों पर लोग चढ़े नजर आए। चिंता में आग लगी तो भारत माता की जय से आसमान गूंज उठा। हर कोई जज्बे से ओतप्रोत रहा।
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मोबाइल में कैद करने को दिखे बेताब
शहीद जवान की तस्वीर को अपनी मोबाइल में कैद करने के लोग बेताब दिखे। हर कोई मोबाइल से तस्वीर व सेल्फी खींचते दिखे। अंतिम दर्शन से लेकर अंतिम संस्कार तक हर दूसरे या तीसरे लोगों की हाथों में मोबाइल फोटो खींचने के लिए दिखी। लोगों ने कहा कि यह पल हमेशा याद रहेगा।
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रिसिया थाना क्षेत्र का सिखनपुरवा गांव रविवार को किसी से अंजान न था। सर्वजीत के पार्थिव शरीर पहुुंचने के बाद हर कोई एक झलक पाने को बेताब दिखा। नम आंखों से बलिदानी सर्वजीत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। रविवार की भोर से लेकर दोपहर तक सर्वजीत को देखने के लिए तांता लगा रहा। कदम-कदम पर फूलों की वर्षा कर लोग शहादत को नमन करते रहे। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं की टोलियां भी मौजूद रहीं। जो आंखों में आंसू भरे सर्वजीत को विदा कर रही थीं। युवाओं ने कहा कि मुझे नाज है कि बलिदानी सर्वजीत की अंतिम यात्रा में शामिल होने आया हूं। अंतिम यात्रा के लिए शव को उठाया गया तो नारों से आसमान गूंज उठा। घर के पास बने शमशान स्थल तक भारत माता की जय... वंदे मातरम, इंकलाब जिंदाबाद... जब तक सूरज चांद रहेगा, सर्वजीत सिंह का नाम रहेगा के जयघोष होता रहा। (संवाद)
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पेड़ों व छतों पर उमड़ा रहा सैलाब
शहीद जवान के अंतिम संस्कार को अपनी आंखों से देखने के लिए लोगों का हुजूूम उमड़ा रहा। अंतिम संस्कार स्थल के आसपास बने घरों की छतों व आसपास लगे पेड़ों पर लोग चढ़े नजर आए। चिंता में आग लगी तो भारत माता की जय से आसमान गूंज उठा। हर कोई जज्बे से ओतप्रोत रहा।
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मोबाइल में कैद करने को दिखे बेताब
शहीद जवान की तस्वीर को अपनी मोबाइल में कैद करने के लोग बेताब दिखे। हर कोई मोबाइल से तस्वीर व सेल्फी खींचते दिखे। अंतिम दर्शन से लेकर अंतिम संस्कार तक हर दूसरे या तीसरे लोगों की हाथों में मोबाइल फोटो खींचने के लिए दिखी। लोगों ने कहा कि यह पल हमेशा याद रहेगा।