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राप्ती का जलस्तर बढ़ा, तीन सौ मकानों में घुसा पानी
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घाघराघाट के संजय सेतु पर बढ़ रहा घाघारा नदी का जलस्थतर।
- फोटो : BAHRAICH
रुपईडीहा (बहराइच)। बीते दो दिनों से हो रही तेज बारिश से पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जिससे नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में नेपाल के बांके जिले में लगभग तीन सौ मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे मकानों पर कटान का खतरा भी मंडरा रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने नेपाल सरकार द्वारा बनवाए गए बाढ़ आश्रय स्थलों पर शरण ली है।
बरसात के कारण बांके, डुडुवा गांव पालिका वार्ड नंबर एक के चौफेरी, कृषि चौफेरी व ताजा गांव के तीन सौ अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के घरों में रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान भी नष्ट हो गया है। स्थानीय निवासी गणेश गुप्ता ने बताया कि पीड़ित अपना बचाखुचा सामान लेकर बाढ़ आश्रय स्थल पहुंच गए हैं। जिससे वह सुरक्षित रह सकें।
गांव पालिका अध्यक्ष नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि सभी पीड़ितों को आवश्यक सामग्री वितरित कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान पांच मीटर 40 सेंटीमीटर के सापेक्ष बढ़कर 6.6 मीटर पर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन कार्य संचालन केंद्र सूचना व्यवस्थापन के लिए अधिकृत रूपन ग्वाली ने बताया कि बाढ़ के कारण तटीय क्षेत्र के फतेहपुर, गंगापुर, होलिया, बेतहनी, कमदी गांव समेत अन्य क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं।
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बरसात के कारण बांके, डुडुवा गांव पालिका वार्ड नंबर एक के चौफेरी, कृषि चौफेरी व ताजा गांव के तीन सौ अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण ग्रामीणों के घरों में रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान भी नष्ट हो गया है। स्थानीय निवासी गणेश गुप्ता ने बताया कि पीड़ित अपना बचाखुचा सामान लेकर बाढ़ आश्रय स्थल पहुंच गए हैं। जिससे वह सुरक्षित रह सकें।
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गांव पालिका अध्यक्ष नरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि सभी पीड़ितों को आवश्यक सामग्री वितरित कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान पांच मीटर 40 सेंटीमीटर के सापेक्ष बढ़कर 6.6 मीटर पर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन कार्य संचालन केंद्र सूचना व्यवस्थापन के लिए अधिकृत रूपन ग्वाली ने बताया कि बाढ़ के कारण तटीय क्षेत्र के फतेहपुर, गंगापुर, होलिया, बेतहनी, कमदी गांव समेत अन्य क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं।
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