फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Ram Gopal murder case: Main accused hanged, find out what happened on Hamid's roof after hoisting the saffron

रामगोपाल हत्याकांड : मुख्य आरोपी को हुई फांसी, जानिए भगवा झंडा फहराने के बाद क्या हुआ था हमीद की छत पर

Thu, 11 Dec 2025 07:59 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 11 Dec 2025 07:59 PM IST
सार

Bahraich communal violence: 13 अक्तूबर 2024 को बहराइच की सांप्रदायिक हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की मौत हो गई। इस मामले में आज न्यायालय का फैसला आया है। 

विज्ञापन
Ram Gopal murder case: Main accused hanged, find out what happened on Hamid's roof after hoisting the saffron
रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर महराजगंज बाजार में 13 अक्तूबर 2024 को शाम 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान विवाद शुरू हो गया। महराजगंज कस्बे में मुस्लिम समाज के लोगों ने डीजे बंद करने को कहा, जिस पर तनातनी बढ़ी और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसी दौरान जुलूस पर पत्थरबाजी हुई और पथराव-आगजनी के साथ 20 राउंड से अधिक फायरिंग की गई।

विज्ञापन


हंगामे के बीच रेहुआ मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा अब्दुल हमीद के घर की छत पर चढ़ गए और वहां लगा झंडा उतारकर उसकी जगह भगवा झंडा फहरा दिया। आरोप है कि इसके बाद अब्दुल हमीद, उसके बेटे सरफराज और अन्य आरोपियों ने रामगोपाल को घर के अंदर खींच लिया और बुरी तरह पीटने के बाद उसके पैरों के नाखून उखाड़े और बर्बरता करने के बाद गोली मार दी। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


रामगोपाल की मौत की खबर फैलते ही भीड़ आक्रोशित हो गई। सड़क जाम कर मूर्ति विसर्जन रोक दिया गया। रातभर विरोध प्रदर्शन चलता रहा। रात में ही डीएम मोनिका रानी और एसपी वृंदा शुक्ला मौके पर पहुंचीं और कई थानों की फोर्स तैनात की गई, बावजूद इसके अगले दिन सुबह फिर हिंसा भड़क उठी।

विज्ञापन
विज्ञापन

उग्र हो उठी थी भीड़ 

Ram Gopal murder case: Main accused hanged, find out what happened on Hamid's roof after hoisting the saffron
रामगोपाल के घर के बाहर का नजारा। - फोटो : अमर उजाला।

अगले दिन मृतक युवक का शव लेकर निकली भीड़ को पुलिस ने रोककर समझाया तो परिवार शव लेकर घर चला गया, लेकिन भीड़ उग्र हो गई। महसी तहसील की मुख्य बाजार में आगजनी की गई। लोगों ने बाइक शोरूम और एक निजी अस्पताल में आग लगा दी। स्थिति काबू करने के लिए पांच थानों की फोर्स और दो बटालियन पीएसी तैनात की गईं। करीब पांच से छह हजार लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ।

लखनऊ से पहुंची थी एसटीएफ 

Ram Gopal murder case: Main accused hanged, find out what happened on Hamid's roof after hoisting the saffron
बहराइच हिंसा में मारा गया रामगोपाल मिश्रा व उसकी पत्नी रोली। - फोटो : amar ujala

स्थिति गंभीर होती देख लखनऊ से एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी बहराइच पहुंचे। उन्होंने आगजनी कर रही भीड़ को पहले समझाया, नहीं मानने पर खुद पिस्टल लेकर भीड़ का पीछा कर तितर-बितर किया। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और हिंसा फैलाने वालों की तलाश शुरू हुई।

पुलिस ने हत्या, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुछ की पहचान सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय गवाहों के आधार पर की गई। कुल 13 लोगों को पुलिस ने अभियुक्त बनाया और कोर्ट में चालान पेश किया।

करीब एक वर्ष तक अदालत में लगातार सुनवाई चली। इस दौरान गवाहों, पीड़ित परिवार और पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज हुए। आरोपियों ने अपने बचाव में कई दलीलें दीं। सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने 9 अक्तूबर को आरोप तय किए। फिर 11 अक्तूबर को फैसले की घड़ी आ गई। पूरी घटना जुलूस में विवाद से शुरू होकर बड़े पैमाने पर हिंसा, एक व्यक्ति की हत्या और फिर लंबी अदालत प्रक्रिया के बाद बृहस्पतिवार को फैसले तक पहुंची।

मुख्य आरोपी को हुई फांसी 

Ram Gopal murder case: Main accused hanged, find out what happened on Hamid's roof after hoisting the saffron
दोषियों को अदालत ले जाती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

यूपी के बहराइच में रामगोपाल हत्याकांड मामले में दोषियों को सजा सुना दी गई है। मुख्य दोषी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई गई है। जबकि,आठ दोषियों को आजीवन करावास की सजा सुनाई गई। एक अन्य दोषी सैफ अली को आठ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक-एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। घटना 13 अक्तूबर 2024 की है। जब दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रामगोपाल की हत्या कर दी गई थी।

इससे पहले बुधवार को आए फैसले में अदालत ने मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू, उसके पिता अब्दुल हमीद, दो भाइयों फहीम और तालिब उर्फ सबलू सहित 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। बृहस्पतिवार दोपहर बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। केस को लेकर कचहरी परिसर में सुबह से ही गहमागहमी रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed