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नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में तूफान से तीन घर ढहे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 21 Sep 2015 10:26 PM IST
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बिछिया (बहराइच)। जिले के पश्चिमी हिस्से में नेपाल से सटे वन क्षेत्र में रविवार रात अचानक मौसम बिगड़ गया। गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। इस दौरान इस दौरान तेज आंधी से बर्दिया गांव के तीन ग्रामीणों के कच्चे मकान उजड़ गए।
बारिश के इंतजार के बीच रविवार रात 10 बजे के करीब अचानक आंधी आ गई। इससे बर्दिया गांव निवासी नईमुद्दीन, याशरुन और जाबिर के फूस और टिन शेड के मकान धराशायी हो गए।
ग्रामीणेां के मुताबिक तूफान इतना तेज था कि नईमुद्दीन के घर के 10 टिन शेड उड़कर याशरुन के घर पर गिरे, जिससे अफरा तफरी मच गयी। तूफान के बाद देर रात तक बौछारें भी पड़ीं।
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उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को इससे काफी राहत महसूस हुई। सुबह लेखपाल वंशराज ने गांव पहुंचकर मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है। पीड़ितों के मुताबिक डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि उमस के चलते नेपाल के पहाड़ों से उच्च हवा के दबाव का क्षेत्र बना होगा। ये हवाएं कतर्निया के जंगल में पेड़ों से टकराई होंगी, जिससे आंधी के हालात बने।
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बारिश के इंतजार के बीच रविवार रात 10 बजे के करीब अचानक आंधी आ गई। इससे बर्दिया गांव निवासी नईमुद्दीन, याशरुन और जाबिर के फूस और टिन शेड के मकान धराशायी हो गए।
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ग्रामीणेां के मुताबिक तूफान इतना तेज था कि नईमुद्दीन के घर के 10 टिन शेड उड़कर याशरुन के घर पर गिरे, जिससे अफरा तफरी मच गयी। तूफान के बाद देर रात तक बौछारें भी पड़ीं।
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उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को इससे काफी राहत महसूस हुई। सुबह लेखपाल वंशराज ने गांव पहुंचकर मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है। पीड़ितों के मुताबिक डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह का कहना है कि उमस के चलते नेपाल के पहाड़ों से उच्च हवा के दबाव का क्षेत्र बना होगा। ये हवाएं कतर्निया के जंगल में पेड़ों से टकराई होंगी, जिससे आंधी के हालात बने।