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श्रावस्ती में रेल लाइन के लिए सर्वे को हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 05 Aug 2015 09:49 PM IST
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बहराइच। ट्रेन के इंतजार में वर्षों से आस लगाए बैठे श्रावस्तीवासियों के लिए सुखद खबर है। यहां रेल लाइन बिछाने के सर्वे के लिए रेल मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है।
अब पूर्वोत्तर रेलवे ने कवायद तेज करते हुए श्रावस्ती में रेल लाइन का खाका तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो श्रावस्ती को दो तरफ से रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में काम होगा।
हालांकि, श्रावस्ती रेल परियोजना को धरातल पर उतरने में कम से कम दशक भर का समय लगेगा। इसके चलते इंतजार करना मजबूरी है लेकिन दशक भर बाद श्रावस्ती में रेल जरूर दौड़ेगी।
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हर बार रेल बजट में श्रावस्ती का नाम सुनने के लिए लोग तरस जाते थे। अर्से से आंदोलन भी चल रहा था। इस वर्ष भी रेल मंत्री की ओर से बजट पेश किए जाने से पहले ही श्रावस्ती में रेल पहुंचाने के लिए आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली थी।
सांसद दद्दन मिश्रा ने रेलमंत्री को पत्र भी सौंपा था। संकल्प फांउडेशन के बैनर तले फरवरी में श्रावस्ती में रेल के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था।
फाउंडेशन की चेयर पर्सन सरिता सिंह चौधरी की अगुवाई में आंदोलन हुआ। रेल मंत्री को पत्र भेजा गया। श्रावस्ती रेल लाओ संघर्ष समिति ने भी आंदोलन को गति दिया।
इसका नतीजा यह हुआ कि रेल बजट में घोषणा न होने के बाद भी रेल मंत्रालय ने श्रावस्ती में रेल लाइन के सर्वे काम को मंजूरी प्रदान कर दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने बीते दिनों गोंडा-बहराइच आमान परिवर्तन के काम का दौरा किया था। इस दौरान अमर उजाला से खास बातचीत में रेलवे जीएम ने बताया कि श्रावस्ती में रेल लाइन का सर्वे कराने को रेल मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है।
यह सर्वे दो चरण में कराया जाएगा। पहले चरण में बलरामपुर से कटरा, इकौना होते हुए बहराइच तक रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे होगा।
जबकि दूसरे चक्र में सर्वे का काम बहराइच से भिनगा, सिरसिया होते हुए बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर मुख्यालय तुलसीपुर तक रेल लाइन डाली जाएगी।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से सर्वे कार्य को गति दी जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेलवे की एडवाइजरी कमेटी को भेजा जाएगा, जो रेल लाइन बिछाने पर होने वाली आय और खर्च का ब्यौरा तैयार करेगी। इसके बाद अपनी संस्तुतियों के साथ उसे रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
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अब पूर्वोत्तर रेलवे ने कवायद तेज करते हुए श्रावस्ती में रेल लाइन का खाका तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों की मानें तो श्रावस्ती को दो तरफ से रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में काम होगा।
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हालांकि, श्रावस्ती रेल परियोजना को धरातल पर उतरने में कम से कम दशक भर का समय लगेगा। इसके चलते इंतजार करना मजबूरी है लेकिन दशक भर बाद श्रावस्ती में रेल जरूर दौड़ेगी।
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हर बार रेल बजट में श्रावस्ती का नाम सुनने के लिए लोग तरस जाते थे। अर्से से आंदोलन भी चल रहा था। इस वर्ष भी रेल मंत्री की ओर से बजट पेश किए जाने से पहले ही श्रावस्ती में रेल पहुंचाने के लिए आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली थी।
सांसद दद्दन मिश्रा ने रेलमंत्री को पत्र भी सौंपा था। संकल्प फांउडेशन के बैनर तले फरवरी में श्रावस्ती में रेल के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था।
फाउंडेशन की चेयर पर्सन सरिता सिंह चौधरी की अगुवाई में आंदोलन हुआ। रेल मंत्री को पत्र भेजा गया। श्रावस्ती रेल लाओ संघर्ष समिति ने भी आंदोलन को गति दिया।
इसका नतीजा यह हुआ कि रेल बजट में घोषणा न होने के बाद भी रेल मंत्रालय ने श्रावस्ती में रेल लाइन के सर्वे काम को मंजूरी प्रदान कर दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने बीते दिनों गोंडा-बहराइच आमान परिवर्तन के काम का दौरा किया था। इस दौरान अमर उजाला से खास बातचीत में रेलवे जीएम ने बताया कि श्रावस्ती में रेल लाइन का सर्वे कराने को रेल मंत्रालय ने हरी झंडी दे दी है।
यह सर्वे दो चरण में कराया जाएगा। पहले चरण में बलरामपुर से कटरा, इकौना होते हुए बहराइच तक रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे होगा।
जबकि दूसरे चक्र में सर्वे का काम बहराइच से भिनगा, सिरसिया होते हुए बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर मुख्यालय तुलसीपुर तक रेल लाइन डाली जाएगी।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से सर्वे कार्य को गति दी जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट रेलवे की एडवाइजरी कमेटी को भेजा जाएगा, जो रेल लाइन बिछाने पर होने वाली आय और खर्च का ब्यौरा तैयार करेगी। इसके बाद अपनी संस्तुतियों के साथ उसे रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।