{"_id":"57d442a84f1c1bb461317efc","slug":"protest-in-collectorate","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षक पद पर समायोजन समेत अन्य मांगों को लेकर शिक्षामित्रों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने इसके साथ ही लखनऊ में साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की आवाज उठाई।
शिक्षामित्रों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। आदर्श शिक्षा सहायक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों के आंदोलन की अगुवाई जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री धर्मेंद्र तिवारी व रामसनेही भास्कर ने की। सभी ने समायोजन की मांग की।
धरने में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि पूरे प्रदेश में 32 हजार शिक्षामित्र दूरस्थ बीटीसी ट्रेनिंग प्राप्त करने के बावजूद 3500 रुपये मासिक मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। हक मांगने पर लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में पुलिस ने लाठियां बरसाई। महामंत्री धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि जब तक समायोजन नहीं हो पा रहा, तब तक वेतन के बराबर मानदेय दिया जाए।
विज्ञापन
लखनऊ में दर्ज कराई गई एफआईआर वापस कराई जाए और 12 माह का मानदेय दिया जाए। प्रवक्ता रामसनेही ने बकाया मानदेय निर्गत कराने की भी आवाज उठाई। इस मौके पर समायोजित शिक्षकों ने भी आंदोलन को समर्थन करते हुए धरना दिया। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
विज्ञापन
शिक्षामित्रों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर प्रदर्शन किया। आदर्श शिक्षा सहायक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्रों के आंदोलन की अगुवाई जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री धर्मेंद्र तिवारी व रामसनेही भास्कर ने की। सभी ने समायोजन की मांग की।
विज्ञापन
धरने में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि पूरे प्रदेश में 32 हजार शिक्षामित्र दूरस्थ बीटीसी ट्रेनिंग प्राप्त करने के बावजूद 3500 रुपये मासिक मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। हक मांगने पर लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में पुलिस ने लाठियां बरसाई। महामंत्री धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि जब तक समायोजन नहीं हो पा रहा, तब तक वेतन के बराबर मानदेय दिया जाए।
विज्ञापन
लखनऊ में दर्ज कराई गई एफआईआर वापस कराई जाए और 12 माह का मानदेय दिया जाए। प्रवक्ता रामसनेही ने बकाया मानदेय निर्गत कराने की भी आवाज उठाई। इस मौके पर समायोजित शिक्षकों ने भी आंदोलन को समर्थन करते हुए धरना दिया। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।