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शिलान्यास के बाद भी नही बना डाकघर भवन
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जरवल (बहराइच)। जरवल कस्बे में पुलिस चौकी के निकट 1997 में डाक घर का शिलान्यास पूर्व मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने किया था। बजट भी मंजूर हो गया, लेकिन आज तक डाकघर का निर्माण नहीं हो सका है। आज भी किराए के एक मकान में डाक घर संचालित हो रहा है।
जरवल विकास खंड अंतर्गत कस्बे में बहराइच-लखनऊ हाईवे पर पुलिस चौकी के निकट डाक घर शिलापट लगा है। डाकघर निर्माण के लिए 12 दिसंबर 1997 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने शिलान्यास किया था। इसके बाद डाकघर का निर्माण नहीं हुआ है। डाक विभाग के अधिकारी भी निर्माण को लेकर उदासीन दिख रहे हैं। इसका नतीजा रहा कि खाली भूमि पर निकाय प्रशासन कूड़ा डंप करने लगा है।
लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से डाक घर बनवाने की मांग की, लेकिन डाक विभाग के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे लाखों रुपये बजट आने के बाद भी डाकघर का निर्माण नहीं हो सका है। इससे जरवल देहात में डाक घर एक किराए के कमरे में संचालित हो रहा है। इससे कर्मचारियों के साथ डाक विभाग में लेनदेन करने वाले उपभोक्ताओं को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जरवल के अठ्ठईसा निवासी कमलेश त्रिपाठी ने विभागीय उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को पत्र देकर डाक भवन निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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निकाय प्रशासन ने दी थी जमीन
नगर पंचायत जरवल के बोर्ड के प्रस्ताव पर डाकघर भवन निर्माण के लिए हाईवे के पास खाली पड़ी भूमि विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई थी। इस पर उस समय भवन निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था, जिस पर 26109 रुपया खर्च भी हुआ था। इसकी जानकारी आरटीआई में दी गई है। इसके बाद विभाग की उदासीनता से कस्बे में डाकघर भवन निर्माण नहीं हो सका है।
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जरवल विकास खंड अंतर्गत कस्बे में बहराइच-लखनऊ हाईवे पर पुलिस चौकी के निकट डाक घर शिलापट लगा है। डाकघर निर्माण के लिए 12 दिसंबर 1997 को तत्कालीन कैबिनेट मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने शिलान्यास किया था। इसके बाद डाकघर का निर्माण नहीं हुआ है। डाक विभाग के अधिकारी भी निर्माण को लेकर उदासीन दिख रहे हैं। इसका नतीजा रहा कि खाली भूमि पर निकाय प्रशासन कूड़ा डंप करने लगा है।
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लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से डाक घर बनवाने की मांग की, लेकिन डाक विभाग के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे लाखों रुपये बजट आने के बाद भी डाकघर का निर्माण नहीं हो सका है। इससे जरवल देहात में डाक घर एक किराए के कमरे में संचालित हो रहा है। इससे कर्मचारियों के साथ डाक विभाग में लेनदेन करने वाले उपभोक्ताओं को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जरवल के अठ्ठईसा निवासी कमलेश त्रिपाठी ने विभागीय उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को पत्र देकर डाक भवन निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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निकाय प्रशासन ने दी थी जमीन
नगर पंचायत जरवल के बोर्ड के प्रस्ताव पर डाकघर भवन निर्माण के लिए हाईवे के पास खाली पड़ी भूमि विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई थी। इस पर उस समय भवन निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था, जिस पर 26109 रुपया खर्च भी हुआ था। इसकी जानकारी आरटीआई में दी गई है। इसके बाद विभाग की उदासीनता से कस्बे में डाकघर भवन निर्माण नहीं हो सका है।