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बाढ़ से घिरे नागेसरपुरवा गांव के लोग, पांच मकान व 110 बीघा जमीन नदी में समाहित
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महसी के मंझारातौकली में कटान कर रही घाघरा नदी।
- फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। बाढ़ के पानी से नागेसरपुरवा गांव चारो तरफ से घिरा हुआ है। सड़कें भी जलमग्न हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से नाव नहीं लगाई गई है। जिसके चलते गांव के लोग सामान बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं। सभी पानी में फंसे हुए हैं। वहीं दो गांव में नदी ने कटान करते हुए पांच ग्रामीणों के मकान को समाहित कर लिया है। जबकि 110 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी की धारा में बह गया। मिहींपुरवा के तीन बैराजों से 2.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नदी खतरे के निशान से 1.19 मीटर खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
तराई में दो दिन से बारिश रुका हुआ है। जिससे मोतीपुर तहसील और महसी तहसील क्षेत्र के गांवों में फैला बाढ़ का पानी निकलने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। लेकिन महसी तहसील क्षेत्र के नागेसरपुरवा गांव की स्थिति जस की तस है। गांव चारो तरफ बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। सड़कों पर पानी चल रहा है। यहां तहसील प्रशासन की ओर से नाव भी नहीं लगाई गई है। जिससे ग्रामीण घरों से सामान नहीं निकाल पा रहे हैं। ग्रामीण पानी में ही फंसे हुए हैं। उधर नदी ने कटान भी तेज कर दी है। ग्राम पंचायत भौंरी के नागेसरपुरवा निवासी कैलाशनाथ, लखनलाल, रूपे, सुंदरलाल और रामतेज का मकान नदी के तेज बहाव में कट गया। जबकि नागेसरपुरवा और अहिरनपुरवा गांव के 30 से अधिक किसानों की 110 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई है।
ग्रामीणों में कटान को लेकर हायतौबा मची हुई है। लेकिन तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड की ओर से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। महसी में घूरदेवी के निकट नदी खतरे के निशान से महज 1.19 मीटर दूर है। कैसरगंज के जरवल में स्थित एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे का निशान 106.07 मीटर है। जबकि वर्तमान जलस्तर 105.876 मीटर है। महसी में घूरदेवी स्पर नदी का वर्तमान जलस्तर 112.135 मीटर है। जबकि वर्तमान जलस्तर 110.940 मीटर है। सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि रविवार को मोतीपुर तहसील के तीन बैराजों से 294285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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नदियों का जलस्तर-
गिरिजापुरी बैराज का वर्तमान जलस्तर- 135.50 मीटर
खतरे का निशान- 136.80 मीटर
सरयू गोपिया में वर्तमान जलस्तर- 131.00 मीटर, खतरे का निशान- 133.55 मीटर
शारदा बैराज में खतरे का निशान 135.49 मीटर, वर्तमान जलस्तर- 135.05 मीटर है।
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तराई में दो दिन से बारिश रुका हुआ है। जिससे मोतीपुर तहसील और महसी तहसील क्षेत्र के गांवों में फैला बाढ़ का पानी निकलने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। लेकिन महसी तहसील क्षेत्र के नागेसरपुरवा गांव की स्थिति जस की तस है। गांव चारो तरफ बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। सड़कों पर पानी चल रहा है। यहां तहसील प्रशासन की ओर से नाव भी नहीं लगाई गई है। जिससे ग्रामीण घरों से सामान नहीं निकाल पा रहे हैं। ग्रामीण पानी में ही फंसे हुए हैं। उधर नदी ने कटान भी तेज कर दी है। ग्राम पंचायत भौंरी के नागेसरपुरवा निवासी कैलाशनाथ, लखनलाल, रूपे, सुंदरलाल और रामतेज का मकान नदी के तेज बहाव में कट गया। जबकि नागेसरपुरवा और अहिरनपुरवा गांव के 30 से अधिक किसानों की 110 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई है।
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ग्रामीणों में कटान को लेकर हायतौबा मची हुई है। लेकिन तहसील प्रशासन और बाढ़ खंड की ओर से बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। महसी में घूरदेवी के निकट नदी खतरे के निशान से महज 1.19 मीटर दूर है। कैसरगंज के जरवल में स्थित एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे का निशान 106.07 मीटर है। जबकि वर्तमान जलस्तर 105.876 मीटर है। महसी में घूरदेवी स्पर नदी का वर्तमान जलस्तर 112.135 मीटर है। जबकि वर्तमान जलस्तर 110.940 मीटर है। सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि रविवार को मोतीपुर तहसील के तीन बैराजों से 294285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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नदियों का जलस्तर-
गिरिजापुरी बैराज का वर्तमान जलस्तर- 135.50 मीटर
खतरे का निशान- 136.80 मीटर
सरयू गोपिया में वर्तमान जलस्तर- 131.00 मीटर, खतरे का निशान- 133.55 मीटर
शारदा बैराज में खतरे का निशान 135.49 मीटर, वर्तमान जलस्तर- 135.05 मीटर है।