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Bahraich News: गन्ना किसानों का 134.51 करोड़ रुपये का भुगतान अटका
Sat, 15 Feb 2025 09:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 15 Feb 2025 09:22 PM IST
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बहराइच। भुगतान न होने से गन्ना किसानों का 134.51 करोड़ रुपये चीनी मिलों में अटका है। इनमें सर्वाधिक 125.51 करोड़ रुपये चिलवरिया चीनी मिल व नौ करोड़ का भुगतान नानपारा चीनी मिल को चुकाना बाकी है। सिर्फ जरवल व परसेंडी चीनी मिलों ने ही किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
नकदी फसल होने के बाद भी जिले के गन्ना किसानों का हाथ गन्ना बेचने के बाद भी खाली है। जिले में चार चीनी मिल हैं। जहां गन्ना किसान अपनी फसल बेचते हैं। चिलवरिया चीनी मिल पर तो बीते वित्तीय वर्ष में करीब 12 सौ किसानों को किया जाने वाला गन्ना मूल्य का 56.51 करोड़ रुपये अभी देना बाकी है। इसकी अदायगी न होने के बावजूद इस वर्ष भी गन्ना किसानों ने अपनी फसल इस चीनी मिल को बेची। इस वर्ष का भी अभी 69 करोड़ रुपये गन्ना किसानों का मिल पर बकाया हो चुका है। अपने गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए किसानों को कभी मिल तो कभी गन्ना समिति के कार्यालय का चक्कर लगाने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
यही स्थिति नानपारा चीनी मिल की भी है। इस मील पर किसानों का पुराना बकाया तो नहीं है, लेकिन इस वर्ष का ही किसानों का मील पर करीब नौ करोड़ रुपये बकाया है। जिसके भुगतान के लिए किसान चक्कर लगा रहे हैं।
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14 दिन में भुगतान का नियम
नियमानुसार चीनी मिलों को गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों में किया जाना चाहिए। सीएम स्तर से भी सभी चीनी मिल संचालकों को किसानों का समय से गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने का सख्त निर्देश है। इसके बावजूद जिले की चीनी मिले किसानों के गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान करने में देरी कर रही है।
चिलवरिया चीनी मिल पर पुराना पैसा बाकी है। इस वर्ष का भी बकाया है। कुल मिला कर लगभग 125 करोड़ की बकायेदारी है। इसके भुगतान के लिए लगातार पत्र लिखा जा रहा है। नानपारा चीनी मिल पर रनिंग बकायेदारी है, जो पेराई सत्र समाप्त होने से पहले ही किसानों का भुगतान करा दी जाएगी। -आनंद कुमार शुक्ल, जिला गन्ना अधिकारी
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नकदी फसल होने के बाद भी जिले के गन्ना किसानों का हाथ गन्ना बेचने के बाद भी खाली है। जिले में चार चीनी मिल हैं। जहां गन्ना किसान अपनी फसल बेचते हैं। चिलवरिया चीनी मिल पर तो बीते वित्तीय वर्ष में करीब 12 सौ किसानों को किया जाने वाला गन्ना मूल्य का 56.51 करोड़ रुपये अभी देना बाकी है। इसकी अदायगी न होने के बावजूद इस वर्ष भी गन्ना किसानों ने अपनी फसल इस चीनी मिल को बेची। इस वर्ष का भी अभी 69 करोड़ रुपये गन्ना किसानों का मिल पर बकाया हो चुका है। अपने गन्ना मूल्य का भुगतान पाने के लिए किसानों को कभी मिल तो कभी गन्ना समिति के कार्यालय का चक्कर लगाने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
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यही स्थिति नानपारा चीनी मिल की भी है। इस मील पर किसानों का पुराना बकाया तो नहीं है, लेकिन इस वर्ष का ही किसानों का मील पर करीब नौ करोड़ रुपये बकाया है। जिसके भुगतान के लिए किसान चक्कर लगा रहे हैं।
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14 दिन में भुगतान का नियम
नियमानुसार चीनी मिलों को गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों में किया जाना चाहिए। सीएम स्तर से भी सभी चीनी मिल संचालकों को किसानों का समय से गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने का सख्त निर्देश है। इसके बावजूद जिले की चीनी मिले किसानों के गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान करने में देरी कर रही है।
चिलवरिया चीनी मिल पर पुराना पैसा बाकी है। इस वर्ष का भी बकाया है। कुल मिला कर लगभग 125 करोड़ की बकायेदारी है। इसके भुगतान के लिए लगातार पत्र लिखा जा रहा है। नानपारा चीनी मिल पर रनिंग बकायेदारी है, जो पेराई सत्र समाप्त होने से पहले ही किसानों का भुगतान करा दी जाएगी। -आनंद कुमार शुक्ल, जिला गन्ना अधिकारी