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Bahraich News: पछुआ ने कंपकंपाया, कोहरे ने थामी रफ्तार
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बहराइच में पीपल तिराहे के पास अलाव जलाकर हाथ सेंकते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। एक तरफ घना कोहरा तो दूसरी तरफ लुढ़कते पारे ने आम जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। लोग घरों में देर तक कैद रहते हैं तो चौक-चौराहों पर भी कोल्ड कर्फ्यू लगा रहता है। गुरुवार को शीतलहर का प्रकोप और तेज होने से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई।
रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज व सड़क किनारे रात गुजारने वाले लोग खासे परेशान दिखाई दिए। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर जल रहे अलावों के इर्दगिर्द लोगों की भीड़ एकत्रित रही। बढ़ रही ठंड सेे मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों के तीमारदार भी खासे परेशान दिखाई पड़ रहे हैं। रात होते ही सभी तीमारदार वार्डों के फर्श पर किसी प्रकार चादर व कंबल बिछाकर समय गुजारते नजर आए।
गुरुवार को सुबह से ही तराई में शीतलहर का प्रकोप दिखा। कोहरा भी काफी घना रहा। दृश्यता कम होने के कारण विभिन्न मार्गों पर वाहन भी रेंगते हुए नजर आए। सुुबह 11 बजे के करीब कोहरा कम होने से लोगों को धूप निकलने की उम्मीद जगी, लेकिन ठंडी हवा व धूप न निकलने से लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली। शाम होने के बाद ठंड ने एक बार फिर लोगों को ठिठुरने पर विवश कर दिया।
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ठंड का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई पड़ रहा है। सड़कों पर घूमने वाले पशु भी अलाव के आसपास डेरा जमाए रहे
कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
परिवहन निगम की बसों के पहिए भी कोहरे की मार के आगे बेबस हैं। गुरुवार की सुबह लखनऊ, फैजाबाद, गोंडा व बलरामपुर समेत अन्य मार्गों पर संचालित होने वाली बसों में यात्रियों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही। बसेें अपने निर्धारित समय से रवाना तो हुई, लेकिन घना कोहरा बसों के संचालन में बाधा उत्पन्न करता दिखाई पड़ा। बसें भी अपनेे गंतव्य तक एक से दो घंटे ही देरी से पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फर्श पर रात गुजार रहे तीमारदार
मेडिकल कॉलेेज में आने वाले मरीजों के तीमारदारों के लिए रैन बसेरे का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यहां भर्ती मरीजों की अधिक संख्या के कारण व्यवस्थाएं कम पड़ रही हैं। ऐेसे में अधिकांश तीमारदारों को मेडिकल कॉलेेज के वार्डों में बने बरामदों में चादर व कंबल बिछाकर किसी प्रकार काम चलाना पड़ रहा है। ऐेसे में पूूरी रात भीषण शीतलहर के कारण तीमारदार कंपकंपाने को विवश हो रहे हैं।
ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मेडिकल कॉलेेज की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यहां आने वाले मरीजों में अधिकांश मरीज कोल्ड डायरिया, निमोनिया व सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारियों सेे ग्रसित पाए जा रहे हैं। कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित गंभीर स्थिति वाले रोगियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.संजय खत्री ने मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए सीएमएस डॉ. ओपी चौधरी को भी निर्देश दिए।
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रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, मेडिकल कॉलेज व सड़क किनारे रात गुजारने वाले लोग खासे परेशान दिखाई दिए। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर जल रहे अलावों के इर्दगिर्द लोगों की भीड़ एकत्रित रही। बढ़ रही ठंड सेे मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों के तीमारदार भी खासे परेशान दिखाई पड़ रहे हैं। रात होते ही सभी तीमारदार वार्डों के फर्श पर किसी प्रकार चादर व कंबल बिछाकर समय गुजारते नजर आए।
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गुरुवार को सुबह से ही तराई में शीतलहर का प्रकोप दिखा। कोहरा भी काफी घना रहा। दृश्यता कम होने के कारण विभिन्न मार्गों पर वाहन भी रेंगते हुए नजर आए। सुुबह 11 बजे के करीब कोहरा कम होने से लोगों को धूप निकलने की उम्मीद जगी, लेकिन ठंडी हवा व धूप न निकलने से लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली। शाम होने के बाद ठंड ने एक बार फिर लोगों को ठिठुरने पर विवश कर दिया।
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ठंड का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई पड़ रहा है। सड़कों पर घूमने वाले पशु भी अलाव के आसपास डेरा जमाए रहे
कोहरे ने थामी वाहनों की रफ्तार
परिवहन निगम की बसों के पहिए भी कोहरे की मार के आगे बेबस हैं। गुरुवार की सुबह लखनऊ, फैजाबाद, गोंडा व बलरामपुर समेत अन्य मार्गों पर संचालित होने वाली बसों में यात्रियों की संख्या आम दिनों की अपेक्षा काफी कम रही। बसेें अपने निर्धारित समय से रवाना तो हुई, लेकिन घना कोहरा बसों के संचालन में बाधा उत्पन्न करता दिखाई पड़ा। बसें भी अपनेे गंतव्य तक एक से दो घंटे ही देरी से पहुंच रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फर्श पर रात गुजार रहे तीमारदार
मेडिकल कॉलेेज में आने वाले मरीजों के तीमारदारों के लिए रैन बसेरे का संचालन किया जा रहा है, लेकिन यहां भर्ती मरीजों की अधिक संख्या के कारण व्यवस्थाएं कम पड़ रही हैं। ऐेसे में अधिकांश तीमारदारों को मेडिकल कॉलेेज के वार्डों में बने बरामदों में चादर व कंबल बिछाकर किसी प्रकार काम चलाना पड़ रहा है। ऐेसे में पूूरी रात भीषण शीतलहर के कारण तीमारदार कंपकंपाने को विवश हो रहे हैं।
ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मेडिकल कॉलेेज की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यहां आने वाले मरीजों में अधिकांश मरीज कोल्ड डायरिया, निमोनिया व सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारियों सेे ग्रसित पाए जा रहे हैं। कोल्ड डायरिया व निमोनिया से पीड़ित गंभीर स्थिति वाले रोगियों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.संजय खत्री ने मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए सीएमएस डॉ. ओपी चौधरी को भी निर्देश दिए।