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Bahraich News: ओवरब्रिज का मरम्मत कार्य पूरा, 10 से फिर दौड़ेंगे वाहन
Thu, 06 Aug 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:57 PM IST
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जरवलरोड ओवरब्रिज। -संवाद
जरवलरोड। लगभग एक महीने से बंद जरवलरोड ओवरब्रिज पर अगले सप्ताह फिर से यातायात शुरू होने की उम्मीद है। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद अब तकनीकी परीक्षण की तैयारी चल रही है। यदि परीक्षण में पुल पूरी तरह सुरक्षित पाया गया तो 10 अगस्त से इस पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे लखनऊ-बहराइच मार्ग पर आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों और मालवाहक वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी।
12 जुलाई की रात ओवरब्रिज के नीचे मिट्टी को थामने वाला रिटेनिंग पैनल अचानक खिसक गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन रोक दिया था। इसके बाद निर्माण एजेंसी पीएनसी ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया। इस दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा संरचना को दोबारा मजबूत करने का कार्य किया गया।
ओवरब्रिज बंद होने के कारण लखनऊ और बहराइच की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जरवलरोड तिराहे से वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, इससे क्षेत्र में लगातार जाम की समस्या बन रही है।
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पीएनसी के कार्य पर्यवेक्षक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत का पूरा काम समाप्त हो चुका है। पुल पर डाली गई सीमेंट की परत के पूरी तरह मजबूत होने के बाद तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण संतोषजनक रहने पर 10 अगस्त से ओवरब्रिज यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
हालांकि स्थानीय निवासी राजेंद्र प्रसाद और प्रताप का कहना है कि पुल का निर्माण होने के बाद बार-बार तकनीकी खामियां सामने आना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इस बार केवल मरम्मत नहीं, बल्कि पूरी संरचना की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में बार-बार पुल बंद होने की नौबत न आए।
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बनने के बाद तीसरी बार आई तकनीकी खराबी
-8 दिसंबर 2018 : उद्घाटन के महज चार माह बाद सीमेंट पैनल टूटने और दरार आने पर पुल करीब दो महीने बंद रहा।
-18 दिसंबर 2019 : सीमेंटेड प्लेटों के खिसकने के साथ मलबा गिरने लगा, जिसके बाद यातायात रोकना पड़ा।
-12 जुलाई 2026 : कुड़वा के पास रिटेनिंग पैनल खिसकने से पुल को फिर बंद करना पड़ा। अब मरम्मत पूरी होने के बाद दोबारा खोलने की तैयारी है।
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12 जुलाई की रात ओवरब्रिज के नीचे मिट्टी को थामने वाला रिटेनिंग पैनल अचानक खिसक गया था। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन रोक दिया था। इसके बाद निर्माण एजेंसी पीएनसी ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया। इस दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा संरचना को दोबारा मजबूत करने का कार्य किया गया।
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ओवरब्रिज बंद होने के कारण लखनऊ और बहराइच की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जरवलरोड तिराहे से वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, इससे क्षेत्र में लगातार जाम की समस्या बन रही है।
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पीएनसी के कार्य पर्यवेक्षक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत का पूरा काम समाप्त हो चुका है। पुल पर डाली गई सीमेंट की परत के पूरी तरह मजबूत होने के बाद तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण संतोषजनक रहने पर 10 अगस्त से ओवरब्रिज यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
हालांकि स्थानीय निवासी राजेंद्र प्रसाद और प्रताप का कहना है कि पुल का निर्माण होने के बाद बार-बार तकनीकी खामियां सामने आना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इस बार केवल मरम्मत नहीं, बल्कि पूरी संरचना की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में बार-बार पुल बंद होने की नौबत न आए।
बनने के बाद तीसरी बार आई तकनीकी खराबी
-8 दिसंबर 2018 : उद्घाटन के महज चार माह बाद सीमेंट पैनल टूटने और दरार आने पर पुल करीब दो महीने बंद रहा।
-18 दिसंबर 2019 : सीमेंटेड प्लेटों के खिसकने के साथ मलबा गिरने लगा, जिसके बाद यातायात रोकना पड़ा।
-12 जुलाई 2026 : कुड़वा के पास रिटेनिंग पैनल खिसकने से पुल को फिर बंद करना पड़ा। अब मरम्मत पूरी होने के बाद दोबारा खोलने की तैयारी है।