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Bahraich News: एक हजार बीघे सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा, कटान पीड़ित सड़क किनारे रहने को मजबूर

Tue, 08 Jul 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 08 Jul 2025 12:52 AM IST
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One thousand bighas of government land is occupied by the bullies, the erosion victims are forced to live on the roadside
बहराइच। नदी के कटान से महसी तहसील के गांव जानकीनगर गांव के 10 परिवार बेघर हो गए हैं। सड़क किनारे झोपड़ी डालकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे ये लोग घर बनाने के लिए जमीन का एक टुकड़ा प्रशासन से मांग रहे हैं। लेकिन, प्रशासन का यही रोना है कि जमीन उपलब्ध नहीं है। जबकि हकीकत यह है कि जानकीनगर से सटे गांव में करीब एक हजार बीघा जमीन दबंगों के कब्जे में है और इस पर उनकी खेती लहलहा रही है। अवैध कब्जे का यह मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है।
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महसी का जानकीनगर गांव में नदी के कटान से लोग बेघर पहली बार नहीं हुए हैं। इसके पहले भी उफनाई सरयू नदी ने गांव के लोगों के खेत और घर अपने में समाहित कर लिए थे। तभी से कुछ लोग अपने खेत तो कुछ लोग दूसरों के खेतों में अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। इनके लिए यहां न तो कोई शिक्षा की माकूल व्यवस्था है और न ही चिकित्सा की। गांव में करीब 95 परिवार ऐसे ही हालात के बीच रहने को मजबूर हैं।
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वहीं, दूसरी ओर तहसील प्रशासन की कृपा से इसी क्षेत्र की ग्राम पंचायत पूरे प्रसाद में लगभग एक हजार बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा है। यह राजस्व अभिलेखों में बालू रेता के रूप में दर्ज है। लेकिन, मौके पर गन्ना, धान की फसल लहलहा रही है। साथ ही कई स्थानों पर धान की रोपाई की तैयारी की जा रही है। अभिलेख में दर्ज भूमि की हकीकत जानने और उसे खाली कराने में प्रशासन की कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है।
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24 हेक्टेअर पर एक ही व्यक्ति का कब्जा
इस सरकारी भूमि में से 24 हेक्टेअर हिस्से पर सिर्फ एक ही व्यक्ति का कब्जा है। बाकी कब्जेदारों के पास औसतन पांच से छह हेक्टेअर भूमि है।वर्ष 2017 में तत्कालीन एसडीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कब्जेदारों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस अभियान के बाद कब्जा मुक्त फसल को बेचकर करीब पांच लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कराए गए थे।



सीएम कार्यालय पहुंचा मामला

महसी तहसील के अधिवक्ता भारत प्रसाद मिश्र ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा था। यह प्रकरण मुख्यमंत्री के सचिव के पास है। इस पर कार्रवाई होनी है।

इसके बारे में जानकारी नहीं है। जानकारी करवाकर कार्रवाई कराई जाएगी। -मोनिका रानी, डीएम
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