{"_id":"59f605064f1c1b87698b82fb","slug":"one-death-by-fever-and-diarrhea","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार व डायरिया से एक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार व डायरिया से एक की मौत
बहराइच
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:12 PM IST
विज्ञापन
बहराइच जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बुखार से पीड़ित बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तराई में बदल रहे मौसम के बीच बुखार और डायरिया नन्हें मरीजों पर भारी पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती बुखार व डायरिया पीड़ित एक मासूम की रविवार को मौत हो गई। वहीं 18 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू रेफर किया गया है।
तराई में मौसम परिवर्तन के चलते संक्रामक रोग का प्रसार बढ़ने लगा है। बुखार, डायरिया, निमोनिया व अन्य संक्रमण फैलने लगे हैं। सबसे अधिक नन्हें-मुन्ने चपेट में आ रहे हैं।हरदी थाना अंतर्गत बकैना निवासी गीता (3) पुत्री होली को शनिवार को तेज बुखार के साथ उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हुई।
इस पर परिवारीजनों ने स्थानीय चिकित्सकों से इलाज शुरू कराया। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर परिवारीजन गीता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर इलाज के दौरान रविवार भोर में गीता ने दम तोड़ दिया। उधर उल्टी, दस्त, बुखार, निमोनिया आदि से पीड़ित और 18 रोगी भर्ती हुए हैं।
विज्ञापन
इनमें पयागपुर निवासी रामू (3) व नानपारा निवासी जगजीत (6) की हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में सजगता से ही नन्हें-मुन्नों की सुरक्षा हो सकती है। रात में सोते समय बच्चे खुलने न पाएं। साथ ही पंखा या एसी चलाकर सोने से परहेज करें।
विज्ञापन
तराई में मौसम परिवर्तन के चलते संक्रामक रोग का प्रसार बढ़ने लगा है। बुखार, डायरिया, निमोनिया व अन्य संक्रमण फैलने लगे हैं। सबसे अधिक नन्हें-मुन्ने चपेट में आ रहे हैं।हरदी थाना अंतर्गत बकैना निवासी गीता (3) पुत्री होली को शनिवार को तेज बुखार के साथ उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हुई।
विज्ञापन
इस पर परिवारीजनों ने स्थानीय चिकित्सकों से इलाज शुरू कराया। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर परिवारीजन गीता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर इलाज के दौरान रविवार भोर में गीता ने दम तोड़ दिया। उधर उल्टी, दस्त, बुखार, निमोनिया आदि से पीड़ित और 18 रोगी भर्ती हुए हैं।
विज्ञापन
इनमें पयागपुर निवासी रामू (3) व नानपारा निवासी जगजीत (6) की हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में सजगता से ही नन्हें-मुन्नों की सुरक्षा हो सकती है। रात में सोते समय बच्चे खुलने न पाएं। साथ ही पंखा या एसी चलाकर सोने से परहेज करें।