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पुराने तालाबों को होगा जीणोद्धार, खुदेंगे 210 नए अमृत सरोवर
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बहराइच। वर्षा जल संरक्षण व पुराने बड़े तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार की ओर से अमृत सरोवर का विकास किया जा रहा है। इसके तहत प्रथम चरण में जिले में 75 अमृत सरोवरों की खुदाई का कार्य शुरू हुुआ है। वहीं योजना के द्वितीय चरण के तहत जिले में 210 नए अमृत सरोवरों की खुदाई का निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में एक एकड़ से बड़े पुराने तालाबों व पुराने बड़े तालाब न मिलने की दशा में नए सरोवर खोदने के लिए भूमि का चिन्हांकन कार्य शुरू कर दिया गया है।
वर्षा जल संरक्षण के लिए सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत एक एकड़ से बड़े तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन तालाबों की फिर से खुदाई करवाई जा रही है और इनका सौंदर्यीकरण करवाया जा रहा है। योजना के तहत सभी अमृत सरोवरों के किनारे बैठने की बेंच, चारो ओर वॉकिंग एरिया व पौधरोपण करवाया जाना है। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहरण की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत पहले चरण में जिले के 75 तालाबों का चयन किया गया है और इनको अमृत सरोवर के रुप में विकसित करने का कार्य शुरू हो गया है। वहीं अब योजना के दूसरी चरण की शुरुआत का निर्देश दिया गया है। जिसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में 15-15 अमृत सरोवर खोदे जाने हैं। जिसको लेकर मनरेगा विभाग ने कार्रवाई शुरु कर दी है और ब्लॉकवार एक एकड़ से बड़े तालाबों का चिह्नांकन शुरू कर दिया गया है।
बड़े तालाब न मिलने पर खोदे जाएंगे नए अमृत सरोवर
मनरेगा योजना के तहत एक एकड़ से बड़े तालाबों को चिह्नित कर अमृत सरोवर के रुप में विकसित किया जा रहा है। मनरेगा विभाग के एक कर्मी ने बताया कि जिन ब्लॉकों में एक एकड़ से बड़े तालाब नहीं मिलेंगे, वहां नई भूमि पर अमृत सरोवर की खुदाई करवाई जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग से भूमि की मांग कर सरोवर खोदे जाएंगे।
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शासन की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में 15-15 अमृत सरोवर विकसित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिए चिह्नांकन का कार्य शुरू हो गया है। चिह्नांकन कार्य पूर्ण होते ही जल्द नए सरोवरों की खुदाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -केडी गोस्वामी, डीसी मनरेगा
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वर्षा जल संरक्षण के लिए सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत एक एकड़ से बड़े तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन तालाबों की फिर से खुदाई करवाई जा रही है और इनका सौंदर्यीकरण करवाया जा रहा है। योजना के तहत सभी अमृत सरोवरों के किनारे बैठने की बेंच, चारो ओर वॉकिंग एरिया व पौधरोपण करवाया जाना है। साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहरण की व्यवस्था भी करवाई जाएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत पहले चरण में जिले के 75 तालाबों का चयन किया गया है और इनको अमृत सरोवर के रुप में विकसित करने का कार्य शुरू हो गया है। वहीं अब योजना के दूसरी चरण की शुरुआत का निर्देश दिया गया है। जिसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में 15-15 अमृत सरोवर खोदे जाने हैं। जिसको लेकर मनरेगा विभाग ने कार्रवाई शुरु कर दी है और ब्लॉकवार एक एकड़ से बड़े तालाबों का चिह्नांकन शुरू कर दिया गया है।
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बड़े तालाब न मिलने पर खोदे जाएंगे नए अमृत सरोवर
मनरेगा योजना के तहत एक एकड़ से बड़े तालाबों को चिह्नित कर अमृत सरोवर के रुप में विकसित किया जा रहा है। मनरेगा विभाग के एक कर्मी ने बताया कि जिन ब्लॉकों में एक एकड़ से बड़े तालाब नहीं मिलेंगे, वहां नई भूमि पर अमृत सरोवर की खुदाई करवाई जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग से भूमि की मांग कर सरोवर खोदे जाएंगे।
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शासन की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में 15-15 अमृत सरोवर विकसित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिए चिह्नांकन का कार्य शुरू हो गया है। चिह्नांकन कार्य पूर्ण होते ही जल्द नए सरोवरों की खुदाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -केडी गोस्वामी, डीसी मनरेगा