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Bahraich News: तीन माह से नहीं मिल रहा पुष्टाहार
Mon, 30 Dec 2024 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:18 AM IST
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नवाबगंज में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय।
बाबागंज (बहराइच)। ग्रामीण क्षेत्रों में नौनिहालों, गर्भवती-धात्री महिलाओं व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार द्वारा पुष्टाहार बंटवाया जाता है। लेकिन बाल विकास एवं पुष्टहार विभाग द्वारा संचालित यह योजना नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र में फ्लॉप साबित हो रही है। आलम यह है कि केंद्रों पर बीते तीन माह से पोषक आहार का वितरण नहीं किया गया है और जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। ऐसे में बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सेहत को विभाग द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है।
नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र में 164 आंगनबाड़ी व 34 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिन पर छह माह से छह साल के 30934 बच्चे व 3958 गर्भवती व धात्री महिलाएं लाभार्थी के लिए पंजीकृत हैं और इन्हें हर माह सरकार की ओर से पोषक आहार का वितरण किया जाता है। लेकिन बीते तीन माह से यहां पोषक आहार का वितरण नहीं हो रहा है।
सबसे ज्यादा गर्भवती व धात्री महिलाएं चिंतित हैं, जिन्हें पोषक आहार की सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार की ओर से सितंबर माह में गेहूं, दलिया और चने की दाल भेजी गई थी लेकिन इसके बाद से कुछ भी नहीं भेजा गया।
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लाभार्थियों को इस मात्रा में मिलता है पोषक आहार
आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे को हर महीने एक किलो गेहूं की दलिया, एक किलो चने की दाल के साथ 500 ग्राम तेल देने का निर्देश हैं। साथ ही तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए आधा किलो गेहूं की दलिया, 500 ग्राम चने की दाल, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए हर महीने 1.5 किलो दलिया, एक किलो चने की दाल के साथ 500 ग्राम तेल देने का निर्देश हैं।
चुप्पी साधे बैठे हैं सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र के लाभार्थियों को तीन माह से पोषक आहार का वितरण नहीं किया गया है, बावजूद इसके विभागीय जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और न ही क्षेत्र में तैनात सुपरवाइजर मंजुला साहू व सुंदरपति ने ही इसको लेकर आवाज उठाई है। जिसके चलते लाभार्थी मिलीभगत का भी आरोप लगा रहे हैं।
संस्था ने नहीं भेजा खाद्यान्न
तीन महीने से आपूर्तिकर्ता नैफेड द्वारा कोई भी खाद्यान्न नहीं भेजा गया है। जिसके चलते परेशानी है। जल्द लाभार्थियों को पोषक आहार वितरित करवाया जाएगा।
- सुशील कुमार, सीडीपीओ नवाबगंज
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नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र में 164 आंगनबाड़ी व 34 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिन पर छह माह से छह साल के 30934 बच्चे व 3958 गर्भवती व धात्री महिलाएं लाभार्थी के लिए पंजीकृत हैं और इन्हें हर माह सरकार की ओर से पोषक आहार का वितरण किया जाता है। लेकिन बीते तीन माह से यहां पोषक आहार का वितरण नहीं हो रहा है।
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सबसे ज्यादा गर्भवती व धात्री महिलाएं चिंतित हैं, जिन्हें पोषक आहार की सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार की ओर से सितंबर माह में गेहूं, दलिया और चने की दाल भेजी गई थी लेकिन इसके बाद से कुछ भी नहीं भेजा गया।
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लाभार्थियों को इस मात्रा में मिलता है पोषक आहार
आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चे को हर महीने एक किलो गेहूं की दलिया, एक किलो चने की दाल के साथ 500 ग्राम तेल देने का निर्देश हैं। साथ ही तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए आधा किलो गेहूं की दलिया, 500 ग्राम चने की दाल, गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए हर महीने 1.5 किलो दलिया, एक किलो चने की दाल के साथ 500 ग्राम तेल देने का निर्देश हैं।
चुप्पी साधे बैठे हैं सुपरवाइजर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
नवाबगंज विकासखंड क्षेत्र के लाभार्थियों को तीन माह से पोषक आहार का वितरण नहीं किया गया है, बावजूद इसके विभागीय जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और न ही क्षेत्र में तैनात सुपरवाइजर मंजुला साहू व सुंदरपति ने ही इसको लेकर आवाज उठाई है। जिसके चलते लाभार्थी मिलीभगत का भी आरोप लगा रहे हैं।
संस्था ने नहीं भेजा खाद्यान्न
तीन महीने से आपूर्तिकर्ता नैफेड द्वारा कोई भी खाद्यान्न नहीं भेजा गया है। जिसके चलते परेशानी है। जल्द लाभार्थियों को पोषक आहार वितरित करवाया जाएगा।
- सुशील कुमार, सीडीपीओ नवाबगंज