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Bahraich News: प्रयोगशालाओं में कहीं फर्नीचर नदारद तो कहीं उपकरणों का अभाव
Fri, 20 Jan 2023 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 20 Jan 2023 11:29 PM IST
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बहराइच। माध्यमिक विद्यालयों में शनिवार से यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं। पुख्ता तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। सरकारी इंंटर कॉलेजों में बीते पांच वर्षों से प्रयोगशालाएं बजट व उपकरणों के अभाव में बंद पड़ीं हैं। ऐसे में प्रयोगात्मक परीक्षाओं में नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी की ही संभावना है।
सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशालाओं के हाल बदहाल हैं। बजट व उपकरण के अभाव में प्रयोगशालाएं संचालित न होने से उनमें धूल व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिले के 299 माध्यमिक विद्यालयों में से 162 में इंटर विज्ञान वर्ग के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
जिला मुख्यालय पर संचालित राजकीय इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला की स्थिति काफी बदहाल हैै। उपकरण के नाम पर एक परखनली तक नहीं है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को दो वर्ष पूर्व इंटर की मान्यता मिली है। यहां उपकरण तो दूर प्रयोगशाला के भवन निर्माण की भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी हैै।
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बजट नहीं
जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि पहले सरकारी विद्यालयों को प्रति वर्ष दस से 50 हजार रुपए उपकरणों की खरीद के लिए प्रदान किए जाते थे। बीते पांच वर्षों से एक भी रुपया नहीं मिला है। जिससेे उनकी खरीद नहीं हो पाई है।
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इनसेट
नौ कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के आयोजन पर नजर रखने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां नौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग करेंगे। सभी 162 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे व वायस रिकॉर्डर भी लगवाया गया है।
वर्ष भर नहीं हुुआ प्रैक्टिकल
वर्ष भर प्रयोगशालाओं में ताला लटका रहा है। परीक्षा के दिन ही सभी छात्र पहली बार प्रवेश करेंगे। उपकरणों के अभाव में किसी प्रकार परीक्षा कराई जाएगी। समझ नहीं आ रहा।
फोटो- 08
शोभित मिश्रा, छात्र।
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उपकरण भी नदारद
प्रयोगशालाओं से उपकरण भी नदारद हैं। प्रयोगात्मक कार्य कराए ही नहीं जा सकते। शिक्षकों ने भी पूरे साल प्रैक्टिकल नहीं कराया है। परीक्षा के नाम पर महज रस्म अदायगी होने की ही संभावना है।
अब्दुल रज्जाक, छात्र।
यू ट्यूब से ली जानकारी
प्रयोगशाला का संचालन न होने से किसी प्रकार यू ट्यूब की मदद से कुछ जानकारी प्राप्त की है। ऐसे में अब इसी के सहारे प्रयोगात्मक परीक्षा देनी पड़ेगी। सभी छात्र परेशान हैं।
फोटो- 10
आशू शुक्ला, छात्र।
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कराया जाए संचालन
यह समस्या बीते कई वर्षों से बनी हुई है। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को इससे निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। जिससे प्रयोगशालाओं का संचालन शुरू किया जा सके।
मो.हमजा, छात्र।
संंचालित कराई जाएगी परीक्षा
बीते कई वर्षों से प्रयोगशालाओं के संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इसका पता चला है। मैंने कुछ ही दिन पूर्व कार्यभार ग्रहण किया है। जो भी उपकरण मौजूद होंगे उसी के सहारे परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा।
जेपी सिंह, डीआईओएस।
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सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशालाओं के हाल बदहाल हैं। बजट व उपकरण के अभाव में प्रयोगशालाएं संचालित न होने से उनमें धूल व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिले के 299 माध्यमिक विद्यालयों में से 162 में इंटर विज्ञान वर्ग के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
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जिला मुख्यालय पर संचालित राजकीय इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला की स्थिति काफी बदहाल हैै। उपकरण के नाम पर एक परखनली तक नहीं है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को दो वर्ष पूर्व इंटर की मान्यता मिली है। यहां उपकरण तो दूर प्रयोगशाला के भवन निर्माण की भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी हैै।
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बजट नहीं
जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि पहले सरकारी विद्यालयों को प्रति वर्ष दस से 50 हजार रुपए उपकरणों की खरीद के लिए प्रदान किए जाते थे। बीते पांच वर्षों से एक भी रुपया नहीं मिला है। जिससेे उनकी खरीद नहीं हो पाई है।
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इनसेट
नौ कर्मियों की लगाई गई ड्यूटी
प्रयोगात्मक परीक्षाओं के आयोजन पर नजर रखने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां नौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग करेंगे। सभी 162 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे व वायस रिकॉर्डर भी लगवाया गया है।
वर्ष भर नहीं हुुआ प्रैक्टिकल
वर्ष भर प्रयोगशालाओं में ताला लटका रहा है। परीक्षा के दिन ही सभी छात्र पहली बार प्रवेश करेंगे। उपकरणों के अभाव में किसी प्रकार परीक्षा कराई जाएगी। समझ नहीं आ रहा।
फोटो- 08
शोभित मिश्रा, छात्र।
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उपकरण भी नदारद
प्रयोगशालाओं से उपकरण भी नदारद हैं। प्रयोगात्मक कार्य कराए ही नहीं जा सकते। शिक्षकों ने भी पूरे साल प्रैक्टिकल नहीं कराया है। परीक्षा के नाम पर महज रस्म अदायगी होने की ही संभावना है।
अब्दुल रज्जाक, छात्र।
यू ट्यूब से ली जानकारी
प्रयोगशाला का संचालन न होने से किसी प्रकार यू ट्यूब की मदद से कुछ जानकारी प्राप्त की है। ऐसे में अब इसी के सहारे प्रयोगात्मक परीक्षा देनी पड़ेगी। सभी छात्र परेशान हैं।
फोटो- 10
आशू शुक्ला, छात्र।
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कराया जाए संचालन
यह समस्या बीते कई वर्षों से बनी हुई है। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को इससे निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। जिससे प्रयोगशालाओं का संचालन शुरू किया जा सके।
मो.हमजा, छात्र।
संंचालित कराई जाएगी परीक्षा
बीते कई वर्षों से प्रयोगशालाओं के संचालन में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इसका पता चला है। मैंने कुछ ही दिन पूर्व कार्यभार ग्रहण किया है। जो भी उपकरण मौजूद होंगे उसी के सहारे परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा।
जेपी सिंह, डीआईओएस।