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कुआनो नदी के बहुरेंगे दिन, टेढ़ी का भी होगा पुनरुद्धार

Sat, 02 Apr 2022 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 11:15 PM IST
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Many days of Kuano river, there will also be revival of crooked
पयागपुर में स्थित वेटलैंड। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। जिले के लिए अच्छी खबर है। मृतप्राय हो चुकी कुआनों नदी अब जल्द ही कलकल बहती हुई नजर आएगी। जल्द ही इस नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयास शुरू होंगे। यही नहीं जिले की महत्वपूर्ण नदियों में एक टेढ़ी नदी के दिन भी बदलेंगे। नाले में तब्दील हो चुकी इस नदी को फिर से सौ साल पहले वाली स्थिति में लाया जाएगा। जबकि प्रदेश के सबसे बड़े पयागपुर वेटलैंड को भी उसकी वास्तविक पहचान जल्द मिलने जा रही है। देश के प्रतिष्ठित आईआईटी एवं अन्य टेक्निकल संस्थानों के विभिन्न विभागों से जुड़े इंजीनियर और वैज्ञानिक इन तीनों प्राकृतिक धरोहरों का सर्वे करने पहुंच रहे हैं। चार अप्रैल को जिले के जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ इस सिलसिले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत भी होगी।
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ये है योजना
वित्तीय वर्ष 2022-23 में सी-गंगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत मनरेगा के कनवर्जेंस से प्रदेश के 61 छोटे एवं सहायक नदियों के पुनरुद्धार एवं कायाकल्प का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। आईआईटी कानपुर, बीबीएयू लखनऊ, एनआईएच रुड़की और आईआईटी बीएचयू के तकनीकि विषय विशेषज्ञों द्वारा नदियों के पुनरुद्धार के लिए डीपीआर बनाने का सहयोग किया जा रहा है। चार अप्रैल को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे वीडियो कांफ्रेसिंग का आयोजन होगा। इस बैठक में चयनित नदियों पर कराए जाने वाले कार्य के संबंध में चर्चा होगी, नदियों के डीपीआर के संबंध में चर्चा एवं नदियों के पुनरुद्धार में सहयोग देने वाले विभागों की भूमिका निर्धारित की जाएगी। इसमें सिंचाई विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज एवं राजस्व विभाग का भी सहयोग होगा। अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार द्वारा इस संबंध में पत्र जारी किया गया है।
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जिले का हाल
कुआनों नदी का उदगम स्थल कहां है, इसको लेकर विभिन्न प्रकार की धारणाएं हैं। इसकी वास्तविक जानकारी लेने के लिए डीसी मनरेगा स्तर पर अभिलेखागारों में संपर्क स्थापित किया गया है। इस नदी का मैप भी प्राप्त हो गया है। बताया जा रहा है कि इस नदी पर काफी निर्माण भी हो चुका है। पूरी नदी कब्जा हो चुकी है। कहीं खेती बाड़ी तो कहीं अन्य उद्यम इस नदी पर स्थापित हो चुके हैं। इसी तरह टेढ़ी नदी जिसका उदगम चित्तौरा झील है, भी अब नाले में तब्दील हो चुकी है। इस नदी को 100 वर्ष के पूर्व के आकार में लाने का प्रयास होगा। इसी तरह पयागपुर वेटलैंड भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है। यह वेटलैंड राजस्व रिकार्ड में अपनी वास्तविक स्थिति में दर्ज नहीं है। इस वेटलैंड का भी सर्वे प्रस्तावित हो गया है। वेटलैंड का भी डीपीआर तैयार किया जाएगा।
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फिलहाल दो नदियों के पुनरुद्धार की योजना है, जिसमें कुआनों और टेढ़ी नदी शामिल है। जबकि पयागपुर वेटलैंड बड़ा वेटलैंड है। इसका एक बार मेरे नेतृत्व में निरीक्षण भी किया जा चुका है। इसको भी शामिल किया जा रहा है, जल्द ही इन तीनों प्राकृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार किया जाएगा। -केडी गोस्वामी, डीसी मनरेगा

योजना का स्वागत है
कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब बहराइच के अध्यक्ष भगवान दास लखमानी ने मनरेगा विभाग द्वारा शुरू की गई इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मांग भी की जा रही थी कि हमारी धरोहरें पुनर्जीवित हों। यह स्वप्न अब पूरा होने जा रहा है।
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