फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Mahavirpurwa and Bengalipurwa merged in the river

नदी में समा गए महावीरपुरवा व बंगालीपुरवा

Mon, 24 Aug 2020 10:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2020 10:03 PM IST
विज्ञापन
Mahavirpurwa and Bengalipurwa merged in the river
मोतीपुर के दूधनाथपुरवा में कटान कर रही घाघरा नदी। - फोटो : BAHRAICH
बिछिया/राजीचौराहा (बहराइच)। मोतीपुर तहसील क्षेत्र का महावीरपुरवा और बंगालीपुरवा गांव सरयू और कौड़ियाला नदी की भेंट चढ़ गया है। दोनों गांवों में बने 30 मकान कटकर नदी में समा गए। इसके अलावा गांव के करीब 40 किसानों की लगभग 300 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हो गई है। कटान की सूचना पाकर तहसीलदार ने गांव का मुआयना किया है। साथ ही राजस्व कर्मियों से रिपोर्ट तलब की है। उधर, महसी तहसील में 10 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों की 40 बीघा जमीन भी नदी में समाहित हो गई है।
विज्ञापन

मोतीपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चहलवा गांव सरयू नदी के तट पर बसा हुआ है। इस नदी में नेपाल की कौड़ियाला नदी का पानी बैराज से छोड़ा जाता है। दो नदियों के पास बसे चहलवा गांव के मजरे कटान में समाहित होते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत के बंगालीपुरवा और महावीरपुरवा गांव पूरी तरह से नदी में समाहित हो गए।
विज्ञापन

बंगालीपुरवा गांव में बंधुलाल, गोविंद, लक्ष्मण के पक्के मकान और बंगाली, भावनाथ, गंगू, हरि तथा अमरजीत का कच्चा मकान कटकर नदी नदी में समा गया है। जबकि महावीपुरवा गांव में 22 मकान बने हुए थे, लेकिन नदी की लहरों ने सभी मकानों को आगोश में ले लिया है, जिससे गांव का अस्तित्व खत्म हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव निवासी रामजुगुल, रामप्रकाल, लल्लू, सुभाष, श्रीशंत, राकेश, राजेश, अमेरिका, तेजमन, रामबली, लक्ष्मण, अशोक, रामपति, घनश्याम, गुड्डू, रमेश समेत 22 ग्रामीणों के मकान कटान की भेंट चढ़ गए। जबकि इन दोनों गांव के 40 से अधिक ग्रामीणों की 300 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई है। कटान की सूचना पाकर सोमवार को तहसीलदार सतीश कुमार वर्मा गांव पहुंचे और कटान क्षेत्र का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
उधर, महसी तहसील के 10 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गांवों से धीरे-धीरे पानी निकल गया है। ऐसे में कई गांव बाढ़ से निजात पा गए। सरयू नदी ने महसी तहसील के टिकुरी गांव में कटान करते हुए सियाराम, अंबरीश कुमार शुक्ला, जिमींदार, होलीराम, पहलवचान, चेती, बड़कन्ने की 40 बीघा जमी को आगोश में ले लिया है।
बची गृहस्थी को समेट रहे ग्रामीण
चहलवा ग्राम पंचायत के महावीरपुरवा और बंगालीपुरवा गांव को समाहित करने के बाद नदी दूधनाथपुरवा गांव को पूरी तरह से आगोश में लेने के लिए बेताब है। दूधनाथपुरवा गांव के ग्रामीण बची-खुची गृहस्थी बैलगाड़ी और ट्रैक्टर ट्रॉली से सुरक्षित स्थानों की ओर ले जा रहे हैं। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है।

कट गए मकान, नहीं मिली मदद
मोतीपुर तहसील के बंगालीपुरवा गांव निवासी किसान बंगाली ने बताया कि खेती योग्य जमीन व मकान नदी में समाहित हो गया है। लेकिन तहसील की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। बंगालीपुरवा निवासी लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि सिर्फ खोखले वादे प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। जमीनी हकीकत इससे अलग है। गोविंद सिंह ने कहा कि कई दिनों से कटान हो रही है। लेकिन हलका लेखपाल तक मौका मुआयना करने नहीं आया है। इसी से शिथिलता का अंदाजा स्वयं लगाया जा सकता है। बंधूलाल ने कहा कि सिर्फ ईंटें ही बची हैं। उन्हें सहेजने की कोशिश की जा रही है। बाकी घाघरा मइया ही जानें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed