फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Leopard captured within 24 hours of killing a farmer.

Bahraich News: किसान की जान लेने के 24 घंटे के भीतर शिकंजे में आया तेंदुआ

Thu, 03 Sep 2026 12:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
Leopard captured within 24 hours of killing a farmer.
ककरहा रेंज के महबूबनगर में वन विभाग द्वारा पिंजरे में कैद तेंदुआ।
मिहींपुरवा। ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में मंगलवार तड़के किसान राम सिंह को चारपाई से खींच ले जाकर उनकी जान लेने वाला तेंदुआ बुधवार सुबह वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। किसान पर हमला करने के दूसरे दिन तेंदुआ दोबारा उसी इलाके में शिकार की तलाश में पहुंचा और सुबह करीब पांच बजे पिंजरे में बंधी बकरी को खाने की कोशिश में शिकंजे में आ गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद महबूबनगर समेत आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन



मंगलवार तड़के करीब तीन बजे महबूबनगर निवासी किसान राम सिंह (32) घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान तेंदुआ उन्हें जबड़े में दबोचकर झाड़ियों की ओर खींच ले गया था। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग भी जुटे और तलाश शुरू की गई। सुबह करीब छह बजे घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों के पास राम सिंह का क्षतविक्षत शव मिला था।
विज्ञापन


घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया था। बुधवार तड़के तेंदुआ एक बार फिर उसी झाड़ी के पास पहुंच गया, जहां उसने किसान का शव छोड़ा था। पिंजरे में बंधी बकरी को देखकर वह उसके करीब पहुंचा और अंदर घुसते ही पिंजरे में कैद हो गया। महबूबनगर में किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत थी। लोग शाम ढलने के बाद घरों से निकलने से बच रहे थे और खेतों की ओर जाने में भी डर रहे थे। ऐसे में घटना के करीब 24 घंटे के भीतर उसी तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने बड़ी राहत महसूस की है। वन विभाग की टीम अभी भी क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

छह साल उम्र, 55 किलो वजन

वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ लगभग छह वर्ष का है। उसका वजन करीब 55 किलोग्राम आंका गया है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे समेत ककरहा रेंज कार्यालय पहुंचाया। यहां उसकी निगरानी और आवश्यक जांच की जा रही है। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ स्वस्थ मिला है।

प्राकृतिक वास में छोड़ने की अनुमति मांगी

डीएफओ अपूर्वा दीक्षित ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए को उसके प्राकृतिक वास में छोड़ने के लिए अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद विभागीय नियमों के अनुसार उसे उपयुक्त प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा। फिलहाल तेंदुआ वन विभाग की निगरानी में है।
डेढ़ माह में 10 तेंदुए पिंजरे में कैद
02 सितंबर : ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
01 सितंबर: सुजौली रेंज के बाजार टोला में तेंदुआ पिंजरे में कैद।
31 अगस्त: ककरहा रेंज के रामसहाय पुरवा गांव में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ।

25 अगस्त: मोतीपुर वन रेंज के जगतापुर गुलरिहा गांव में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।
20 अगस्त: ककरहा रेंज के ढोढ़ेपुरवा में वयस्क नर तेंदुआ कैद।

13 अगस्त: हरदी के बाजपेयीपुरवा में मादा तेंदुआ पकड़ी गई।

11 अगस्त: मोतीपुर के दौलतपुर नई बस्ती में करीब सात वर्ष का नर तेंदुआ कैद।

4 अगस्त: सुजौली के त्रिलोकीगौढ़ी में करीब चार वर्ष का नर तेंदुआ पकड़ा गया।

31 जुलाई: ककरहा क्षेत्र में बकरी के शिकार के लिए लगाए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद।

20 जुलाई: अहिरनपुरवा में बुजुर्ग पर हमले के बाद पांच वर्षीय मादा तेंदुआ पकड़ी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed