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लाल पट्टी बांधकर वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
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बहराइच के कचेहरी में सोमवार को अधिवक्ता संघ की हड़ताल के दौरान बार एसोसिएशन कार्यालय में बैठे अध
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने विधि कार्य से विरत रहकर सोमवार को जिला अधिवक्ता संघ की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार पर अधिवक्ता हित में अनदेखी का आरोप लगाते हुये लंबित मांगों को पूरा किये जाने की मांग की। मांगें पूरी न होने पर सभी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कृष्णमोहन श्रीवास्तव व महामंत्री रामपाल शुक्ला की अगुवाई सोमवार को दीवानी न्यायालय के परिसर में अधिवक्ता एकत्रित हुये। इस दौरान सभी ने विधि कार्य से विरत रहते हुये बांह में लाल पट्टी बांधकर प्रदेश सरकार पर अधिवक्ता हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुये विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुये संघ के अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिवक्ता हितों के लिए धन उपलब्ध कराने में हीलाहवाली कर रही है। सरकार की उदासीनता के चलते करीब पांच सौ मृतक अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का भुगतान नही रहा है।
संघ के अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व की सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ न्यासी समिति के दावों के भुगतान दिये जाने का प्रावधान किया था। उसे मौजूदा प्रदेश की सरकार नही उपलब्ध करा रही है। अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की मृत्यु आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। जिससे अधिवक्ता हितों की योजनाओं को चलाये जाने के लिए 80 करोड़ दिया आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश बार कौंसिल द्वारा जारी जारी परिचयपत्र व सीओपी कार्ड की ही प्रदेश में मान्यता होनी चाहिए।
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महामंत्री शुक्ला ने कहा कि विधवाओं व युवा अधिवक्ताओं धनराशि न मिलने से बार कौंसिंल द्वारा संचालित योजना अधर में लटकी हुई हैं। महामंत्री शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा अधिवक्त ाहितों की लंबित मांगों को अनदेखा किये जाने पर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। अगर सरकार अधिवक्ता की समस्याओं का शीघ्र निराकरण नही कराती है, तो सभी अधिवक्ता अपने आंदोलन को धार देते हुये और तेज कर देंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बनवारी लाल गुप्ता, तीरथराम तिवारी, अनवारूल हसन, कृष्णकुमार श्रीवासतव, दीनानाथ पांडेय, श्रवण कुमार निगम, राजेश शुक्ला, रामअचल सिंह सेंगर, विजय कुमार कालिया, कुंवर बहादुर सिंह, गयाप्रसाद मिश्रा, महेंद्रपाल श्रीवास्तव, रामछबीले शुक्ला, राजकुमार सिंह, हरिपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, परमप्रकाश पांडेय, भोला सिंह, घनश्याम दीक्षित, नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कृष्णमोहन श्रीवास्तव व महामंत्री रामपाल शुक्ला की अगुवाई सोमवार को दीवानी न्यायालय के परिसर में अधिवक्ता एकत्रित हुये। इस दौरान सभी ने विधि कार्य से विरत रहते हुये बांह में लाल पट्टी बांधकर प्रदेश सरकार पर अधिवक्ता हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुये विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने को संबोधित करते हुये संघ के अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिवक्ता हितों के लिए धन उपलब्ध कराने में हीलाहवाली कर रही है। सरकार की उदासीनता के चलते करीब पांच सौ मृतक अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का भुगतान नही रहा है।
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संघ के अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व की सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ न्यासी समिति के दावों के भुगतान दिये जाने का प्रावधान किया था। उसे मौजूदा प्रदेश की सरकार नही उपलब्ध करा रही है। अध्यक्ष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की मृत्यु आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दी गई है। जिससे अधिवक्ता हितों की योजनाओं को चलाये जाने के लिए 80 करोड़ दिया आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश बार कौंसिल द्वारा जारी जारी परिचयपत्र व सीओपी कार्ड की ही प्रदेश में मान्यता होनी चाहिए।
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महामंत्री शुक्ला ने कहा कि विधवाओं व युवा अधिवक्ताओं धनराशि न मिलने से बार कौंसिंल द्वारा संचालित योजना अधर में लटकी हुई हैं। महामंत्री शुक्ला ने कहा कि सरकार द्वारा अधिवक्त ाहितों की लंबित मांगों को अनदेखा किये जाने पर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश है। अगर सरकार अधिवक्ता की समस्याओं का शीघ्र निराकरण नही कराती है, तो सभी अधिवक्ता अपने आंदोलन को धार देते हुये और तेज कर देंगे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बनवारी लाल गुप्ता, तीरथराम तिवारी, अनवारूल हसन, कृष्णकुमार श्रीवासतव, दीनानाथ पांडेय, श्रवण कुमार निगम, राजेश शुक्ला, रामअचल सिंह सेंगर, विजय कुमार कालिया, कुंवर बहादुर सिंह, गयाप्रसाद मिश्रा, महेंद्रपाल श्रीवास्तव, रामछबीले शुक्ला, राजकुमार सिंह, हरिपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, परमप्रकाश पांडेय, भोला सिंह, घनश्याम दीक्षित, नवीन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।