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Bahraich News: एक नवंबर से पर्यटकों के लिए खुलेगा कतर्नियाघाट, जंगल सफारी का ले सकेंगे लुत्फ
Sat, 24 Oct 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:33 PM IST
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र स्थित घड़ियाल प्रजनन केंद्र। -संवाद
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार में पहली नवंबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होगा। पर्यटकों के स्वागत के लिए वन विभाग तैयारियों में जुटा है। जंगल के मुख्य मार्गों से लेकर कच्चे रास्तों तक की सफाई कराई जा रही है। घड़ियाल केंद्र और नावघाट को व्यवस्थित करने के साथ थारू हट, कैंटीन व रेस्ट हाउस की रंगाई-पुताई भी कराई जा रही है।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि इस बार पर्यटकों को नए सेल्फी प्वाइंट और निर्माणाधीन घड़ियाल व्याख्यान केंद्र का आकर्षण मिलेगा। हालांकि, घाघरा बैराज की क्लोजर अवधि के चलते गेरुआ नदी में पानी कम होने से शुरुआती एक से दो सप्ताह तक बोटिंग प्रभावित रह सकती है।
मानसून के दौरान हर साल 15 जून से पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है। एक नवंबर से जंगल सफारी फिर शुरू होती है। कतर्नियाघाट अपने घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और विविध वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बाघ, तेंदुए, हाथियों के अलावा डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
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नए सेल्फी पॉइंट पर खिंचवा सकेंगे तस्वीरें
पर्यटकों के लिए आकर्षक सेल्फी पॉइंट तैयार किया गया है। वहीं, घड़ियाल केंद्र के सामने व्याख्यान केंद्र बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने पर पर्यटकों को घड़ियाल के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
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जंगल सफारी के नए रास्ते खोलने पर विचार
पर्यटकों को जंगल के अलग-अलग हिस्सों का भ्रमण कराने के लिए सफारी के नए रास्ते खोलने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
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बोटिंग के लिए करना पड़ सकता है इंतजार
घाघरा बैराज की क्लोजर अवधि के कारण गेरुआ नदी में पानी कम है। ऐसे में शुरुआती एक से दो सप्ताह तक नौका विहार प्रभावित रहने का अनुमान है। जलस्तर अनुकूल होने के बाद ही बोटिंग शुरू हो सकेगी।
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व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा वन विभाग
पर्यटकों की सुविधा के लिए सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। सेल्फी पॉइंट तैयार है, जबकि घड़ियाल व्याख्यान केंद्र का निर्माण जारी है। जंगल सफारी के नए मार्गों पर भी विचार किया जा रहा है।
-आशीष गौड़, वन क्षेत्राधिकारी
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डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि इस बार पर्यटकों को नए सेल्फी प्वाइंट और निर्माणाधीन घड़ियाल व्याख्यान केंद्र का आकर्षण मिलेगा। हालांकि, घाघरा बैराज की क्लोजर अवधि के चलते गेरुआ नदी में पानी कम होने से शुरुआती एक से दो सप्ताह तक बोटिंग प्रभावित रह सकती है।
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मानसून के दौरान हर साल 15 जून से पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है। एक नवंबर से जंगल सफारी फिर शुरू होती है। कतर्नियाघाट अपने घने जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और विविध वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बाघ, तेंदुए, हाथियों के अलावा डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ और विभिन्न प्रजातियों के पक्षी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
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नए सेल्फी पॉइंट पर खिंचवा सकेंगे तस्वीरें
पर्यटकों के लिए आकर्षक सेल्फी पॉइंट तैयार किया गया है। वहीं, घड़ियाल केंद्र के सामने व्याख्यान केंद्र बनाया जा रहा है। इसके पूरा होने पर पर्यटकों को घड़ियाल के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
जंगल सफारी के नए रास्ते खोलने पर विचार
पर्यटकों को जंगल के अलग-अलग हिस्सों का भ्रमण कराने के लिए सफारी के नए रास्ते खोलने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
बोटिंग के लिए करना पड़ सकता है इंतजार
घाघरा बैराज की क्लोजर अवधि के कारण गेरुआ नदी में पानी कम है। ऐसे में शुरुआती एक से दो सप्ताह तक नौका विहार प्रभावित रहने का अनुमान है। जलस्तर अनुकूल होने के बाद ही बोटिंग शुरू हो सकेगी।
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा वन विभाग
पर्यटकों की सुविधा के लिए सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं। सेल्फी पॉइंट तैयार है, जबकि घड़ियाल व्याख्यान केंद्र का निर्माण जारी है। जंगल सफारी के नए मार्गों पर भी विचार किया जा रहा है।
-आशीष गौड़, वन क्षेत्राधिकारी