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कतर्नियाघाट : तीन घंटे तक हांका लगाकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा

Tue, 17 Feb 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Tue, 17 Feb 2026 12:12 AM IST
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Katarniaghat: The elephant was chased back to the forest
कटियारा में पुजारी की मौत के बाद जमा भीड़ व जांंच करती पुलिस।      -संवाद
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में जंगली हाथियों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार रात कटियारा बीट स्थित कटियारा बाबा कुटिया में घुसे टस्कर प्रजाति के हाथी ने कुटिया को तहस-नहस करके वहां रह रहे पुजारी को रौंदकर मार डाला था। पुजारी के सहयोगी और मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई थी। हाथी देर रात तक मौके पर डटा रहा, जिससे राहत कार्य में भारी दिक्कत आई।
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घटना के समय पुजारी के साथ उनका सेवक राम लखन और बगल की चौकी में तैनात वनकर्मी कामता प्रसाद मौजूद थे। दोनों ने पहले हाथी को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथी का गुस्सा देखकर सभी ने भागकर जान बचाई। इसके बाद दूर से बर्तन बजाकर हांका लगाना शुरू किया। पड़ोसी गांव बर्दिया में सूचना देकर मदद की गुहार भी लगाई गई।
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घटना की खबर गांव में फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। रात में ही बर्दिया के ग्राम प्रधान श्यामलाल ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से मौके पर पहुंचे। एसएसबी, पुलिस और वन विभाग की टीमें भी पहुंच गईं। करीब तीन घंटे तक हांका लगाकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया। इसके बाद ही पुजारी का शव वहां से उठाया जा सका।
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ब्रह्मचारी जीवन जी रहे थे सुरेश दास
कटियारा बीट में हाथी के हमले में जान गंवाने वाले पुजारी सुरेश दास ब्रह्मचारी थे। उनकी उम्र करीब 100 वर्ष बताई जा रही है। वह ग्राम पंचायत कारीकोट के हजारी पुरवा गांव के मूल निवासी थे, कई वर्षों से कटियारा बाबा कुटिया में रहकर पूजा-पाठ करते थे। अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उनके भाई के परिवार ने ली है। परिजनों के अनुसार, उनके शव का धार्मिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कारीकोट गांव में ही किया जाएगा। गांव में शोक का माहौल है।



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पुजारी के सहयोगी ने बताई आंखों देखी
घटना के समय कुटिया पर मौजूद पुजारी के सहयोगी राम लखन ने बताया कि एक दांत वाला हाथी अचानक वहां आ गया और झोपड़ी तोड़ने लगा। पुजारी सुरेश दास ने हांका लगाकर हाथी को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ाकर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष सुजौली, प्रकाश चंद्र शर्मा ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।




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वन विभाग ने ग्रामीणों को किया अलर्ट
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में हाथियों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। दो दिन में हाथियों के हमले से दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस वर्ष भी कई घटनाओं में जनहानि के साथ फसलों और संपत्ति का नुकसान हुआ है। रेंजर आशीष गौड़ टीम के साथ रविवार को रात में ही मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से रात में जंगल किनारे न जाने की अपील की गई है।
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