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कतर्नियाघाट वन क्षेत्र का 60 लाख से होगा विकास

Sat, 10 Oct 2020 10:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 10:30 PM IST
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Katarniaghat forest area will be developed from 60 lakhs
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की सूरत जल्द ही और संवारी जाएगी। इसके लिए प्रभागीय वनाधिकारी ने सभी वन क्षेत्राधिकारियों से निर्माण कार्यों की कार्ययोजना बनाकर मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया है। जिस पर 60 लाख रुपये खर्च होंगे। इस बजट से जंगल में ग्रासलैंड, जागरूकता बोर्ड और सड़कों की व्यवस्था सुधारी जाएगी। इस कार्यों में लगभग दो माह का समय लगेगा।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग इस समय पर्यटकों के लिए बंद है। जंगल क्षेत्र में मानसून सत्र चल रहा है। बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए वन विभाग द्वारा कवायद शुरू की गई है। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि बारिश के चलते जंगल में कई जगह सड़क खराब हो गई है। साथ ही जंगली जीवों के निकलने के कारण जागरूकता बोर्ड भी टूट गए हैं। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया था। उच्चाधिकारियों ने जंगल में निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी है।
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इसके तहत सभी सात रेंज के वन क्षेत्राधिकारियों से कार्ययोजना बनाकर रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया है। डीएफओ ने बताया कि जंगल क्षेत्र में सड़क, जागरूकता साइन बोर्ड, ग्रासलैंड और वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए तालाब की व्यवस्था सुधारी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सभी सात रेंज में तालाब, सड़क व जागरूकता बोर्ड पर काम कराया जाएगा। जिस पर लगभग 60 लाख रुपये का खर्च आएगा। डीएफओ ने बताया कि इन कार्यों में लगभग दो माह का समय लगेगा। सड़कों की सफाई का कार्य कतर्नियाघाट रेंज से शुरू कर दिया गया है। जिससे जंगल खुलने पर पर्यटकों को बेहतर सड़क व जागरूकता बोर्ड से भ्रमण में आसानी होगी।

डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट, सुजौली, मोतीपुर, ककरहा, मुर्तिहा, धर्मापुर और निशानगाढ़ रेंज में काम कराए जाएंगे। इसके लिए वन क्षेत्राधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। डीएफओ के मुताबिक कतर्नियाघाट वन क्षेत्र के विभिन्न रेंज में जंगली जीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए तालाब हैं। मगर दिसंबर व जनवरी के आसपास ये तालाब सूख जाते हैं। ऐसे में इनकी स्थिति सुधारने के बाद इनमें पानी भरवाया जाएगा। जिससे जंगल से वन्यजीव गांवों की ओर रुख न करें।
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