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पीएफ घोटाले के विरोध मेें धरने पर अड़े जूनियर इंजीनियर
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बहराइच में गुरुवार को बिजली कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। पीएफ घोटाले के विरोध में पावर कॉर्पोरेशन के जूनियर इंजीनियरों ने आंदोलन तेज करते हुए अब आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया है। गुरुवार को जूनियर इंजीनियरों ने सामूहिक रूप से आंदोलन के दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार कर अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है, तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे।
पावर कॉर्पोरेशन जनपद के जूनियर इंजीनियर व कर्मचारी राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार की अगुवाई में अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने सामूहिक रूप से आरपार की लड़ाई लड़ने की घोषणा करते हुये पीएफ घोटाले में सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जमाई।
जूनियर इंजीनियरों ने धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि भविष्य निधि घोटाले को लेकर प्रदेश के विद्युत अधिकारी कर्मचारी आंदोलित हैं। लेकिन सरकार के जिम्मेदार मामले में लगातार उदासीन रवैया अपनाये हुये हैं।
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उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को बर्खास्त कर प्रशासक नियुक्त करके कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। जिससे कर्मचारियों की अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने की आस भी समाप्त होती नजर आ रही है। सचिव नीरज पटेल ने कहा कि डीएचएफएल कंपनी के दिवालिया घोषित हो जाने के बाद सरकार को कर्मचारियों के भविष्य निधि की गारंटी लेते हुये गारंटी लेटर जारी करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के आदेश दिये थे। लेकिन जांच अभी तक सीबीआई को नहीं सौंपी गई। इससे साफ जाहिर है कि सरकार में बैठे कुछ जिम्मेदार घोटालेबाजों को बचाने की फिराक में हैं। सचिव ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर सरकार समय रहते नहीं चेतती है, तो 28 नवंबर से प्रदेश के कर्मचारी बिजली कर्मचारी संगठन की अगुवाई में पूरी तरह कार्य को ठप करते हुये जेल भरो आंदोलन शुरू शुरू कर देंगे।
इस मौके पर एसडीओ इंजीनियर अजय कुशवाहात्र्, इंजीनियर अवधेश पटेल, इंजीनियर विजय कुमार, जेई चंदन प्रजापति, अनिल भारती, लल्लन, राजेंद्र प्रसाद, कार्यालय सहायक संघ के अवध यादव आदि मौजूद रहे।
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पावर कॉर्पोरेशन जनपद के जूनियर इंजीनियर व कर्मचारी राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार की अगुवाई में अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने सामूहिक रूप से आरपार की लड़ाई लड़ने की घोषणा करते हुये पीएफ घोटाले में सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जमाई।
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जूनियर इंजीनियरों ने धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि भविष्य निधि घोटाले को लेकर प्रदेश के विद्युत अधिकारी कर्मचारी आंदोलित हैं। लेकिन सरकार के जिम्मेदार मामले में लगातार उदासीन रवैया अपनाये हुये हैं।
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उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को बर्खास्त कर प्रशासक नियुक्त करके कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। जिससे कर्मचारियों की अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने की आस भी समाप्त होती नजर आ रही है। सचिव नीरज पटेल ने कहा कि डीएचएफएल कंपनी के दिवालिया घोषित हो जाने के बाद सरकार को कर्मचारियों के भविष्य निधि की गारंटी लेते हुये गारंटी लेटर जारी करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के आदेश दिये थे। लेकिन जांच अभी तक सीबीआई को नहीं सौंपी गई। इससे साफ जाहिर है कि सरकार में बैठे कुछ जिम्मेदार घोटालेबाजों को बचाने की फिराक में हैं। सचिव ने चेतावनी देते हुये कहा कि अगर सरकार समय रहते नहीं चेतती है, तो 28 नवंबर से प्रदेश के कर्मचारी बिजली कर्मचारी संगठन की अगुवाई में पूरी तरह कार्य को ठप करते हुये जेल भरो आंदोलन शुरू शुरू कर देंगे।
इस मौके पर एसडीओ इंजीनियर अजय कुशवाहात्र्, इंजीनियर अवधेश पटेल, इंजीनियर विजय कुमार, जेई चंदन प्रजापति, अनिल भारती, लल्लन, राजेंद्र प्रसाद, कार्यालय सहायक संघ के अवध यादव आदि मौजूद रहे।