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Bahraich News: एंबुलेंस न मिलने से भाजपा नेता की मौत के मामले में जांच शुरू
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बहराइच। शहर के मोहल्ला बशीरगंज निवासी पूर्व भाजपा नगर उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्त की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर किए जाने के बावजूद उन्हें समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इस मामले में सीएमओ ने एंबुलेंस संचालन के अभिलेख तलब कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार सोमवार रात अचानक भाजपा नेता ओमप्रकाश गुप्त की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ स्थित लारी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। बेटे दिनेश गुप्त ने बताया कि वह करीब दो घंटे तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस और 108 एंबुलेंस के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। इससे पिता की मौत हो गई। समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो पिता की जान बच सकती थी।
मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने खुद जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस और 108 एंबुलेंस से संबंधित अभिलेख तलब किए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है। सीएमओ ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
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परिजनों के अनुसार सोमवार रात अचानक भाजपा नेता ओमप्रकाश गुप्त की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ स्थित लारी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। बेटे दिनेश गुप्त ने बताया कि वह करीब दो घंटे तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस और 108 एंबुलेंस के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। इससे पिता की मौत हो गई। समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो पिता की जान बच सकती थी।
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मामला सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने खुद जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस और 108 एंबुलेंस से संबंधित अभिलेख तलब किए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है। सीएमओ ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने मुख्यमंत्री से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।
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