{"_id":"6988dc82c01d3bb394058397","slug":"innocent-child-attacked-by-wild-animal-serious-bahraich-news-c-98-1-bhr1003-144076-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: मासूम पर जंगली जानवर ने किया हमला, गंभीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: मासूम पर जंगली जानवर ने किया हमला, गंभीर
Mon, 09 Feb 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:27 AM IST
विज्ञापन
बेलामकन गांव में जंगली जानवर के हमले के बाद बने पगचिह्न। -संवाद
खैरीघाट। सरयू के कछार में बसे बेलामकन गांव में शनिवार देर रात जंगली जानवर ने रमेश कुमार उर्फ नान्हू यादव के पुत्र उमेश (8) पर हमला कर दिया। हमले में उमेश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। गांव के लोगों ने उसे महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है।
बेलामकन गांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा उमेश शनिवार रात लगभग नौ बजे पड़ोसी के घर से लौट रहा था, तभी किसी जंगली जानवर ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमला करने वाला जानवर काफी लंबा और ऊंचा था। उमेश को वह लगभग 10 मीटर तक घसीटते हुए ले गया।
ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर जानवर बच्चे को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। रेंजर पीयूष गुप्ता विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पगचिह्नों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हमला किस जंगली जानवर ने किया।
विज्ञापन
इन भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हैं जानवर
रेंजर पीयूष गुप्ता का मानना है कि यह क्षेत्र नदी के कछार का है, चारों ओर गन्ने की फसल लगी हुई है, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। रेंजर ने ग्रामीणों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि रात्रि गश्त के लिए वन विभाग की टीम गठित कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
खैरीघाट क्षेत्र में तेंदुए के हमले पहले भी हो चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि तेंदुए तथा अन्य जानवर जंगल से यहां आ जाते हैं। हाल ही में रेहुआ मंसूर गांव में बाघ भी आ धमका था। काफी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद कर उसे गोरखपुर भेजा गया। इसके पूर्व भी खैरीघाट क्षेत्र में ऐसे हमले हो चुके हैं।
विज्ञापन
बेलामकन गांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा उमेश शनिवार रात लगभग नौ बजे पड़ोसी के घर से लौट रहा था, तभी किसी जंगली जानवर ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमला करने वाला जानवर काफी लंबा और ऊंचा था। उमेश को वह लगभग 10 मीटर तक घसीटते हुए ले गया।
विज्ञापन
ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर जानवर बच्चे को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया। रेंजर पीयूष गुप्ता विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर पगचिह्नों का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हमला किस जंगली जानवर ने किया।
विज्ञापन
इन भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हैं जानवर
रेंजर पीयूष गुप्ता का मानना है कि यह क्षेत्र नदी के कछार का है, चारों ओर गन्ने की फसल लगी हुई है, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। रेंजर ने ग्रामीणों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि रात्रि गश्त के लिए वन विभाग की टीम गठित कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
खैरीघाट क्षेत्र में तेंदुए के हमले पहले भी हो चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि तेंदुए तथा अन्य जानवर जंगल से यहां आ जाते हैं। हाल ही में रेहुआ मंसूर गांव में बाघ भी आ धमका था। काफी मशक्कत के बाद पिंजरे में कैद कर उसे गोरखपुर भेजा गया। इसके पूर्व भी खैरीघाट क्षेत्र में ऐसे हमले हो चुके हैं।