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कहीं मिल रहा हलुआ-खीर तो कहीं खाने के ही लाले
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बहराइच। हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत परिषदीय विद्यालयों में 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज देने के सरकारी फरमान अधिकांश स्कूलों में कागजी साबित हुआ। इसके तहत बच्चों को दोपहर के भोजन के साथ ही प्रतिदिन क्रमानुसार लड्डू, हलुआ, खीर, बूंदी आदि देने का निर्देश था। आदेश के अनुपालन के लिए विद्यालयों को इसकी व्यवस्था के लिए अलग से कोई भी धनराशि आवंटित नहीं हुई। ऐसे में अधिकांश विद्यालयों में बच्चों को विशेष भोज आइटम नहीं मिल सके। कुछ ही विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा निजी स्तर पर की गयी व्यवस्था के बाद बच्चों को भोजन के साथ लड्डूू, हलुआ आदि परोसा गया।
फखरपुर के प्राथिमिक विद्यालय छतरपुरवा (डफरापुर) में बीते 11 अगस्त को छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन के साथ ही हलुआ दिया गया था। शनिवार को भी बच्चों को हलुआ दिया गया। जबकि विकासखंड तेजवापुर में शनिवार को मध्यान्ह भोजन में सब्जी व चावल ही परोसा गया। विशेष भोज के संबंध में जानकारी करने पर प्रधानाध्यापक कौशल शुक्ला ने बताया कि ग्राम प्रधान नूरजहां की ओर से सामग्री उपलब्ध न कराए जाने से विशेष भोज नहीं दिया जा सका है।
इसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय चंगिया ख्वाजगीपुर, प्राथमिक विद्यालय केशवापुर व प्राथमिक विद्यालय कटहा में भी बच्चों को सिर्फ चावल, सब्जी ही परोसा गया। विकासखंड हुजूरपुर के संविलियन विद्यालय जैतापुर में छात्र-छात्राओं को हलुआ दिया गया। ब्लॉक महसी के प्राथमिक विद्यालय सिंगिया नसीरपुर में 192 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शनिवार को मात्र 65 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थित मिले। सभी बच्चों को मध्यान्ह भोजन के साथ ही हलुआ भी दिया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय सहाबा में शिक्षकों द्वारा खीर बनवाई थी।
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पटरी से उतरी दिखी दोपहर भोज की व्यवस्था
विकासखंड नवाबगंज के बाबागंज क्षेत्र स्थित विद्यालयों में दोपहर भोजन की व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आयी। उच्च प्राथमिक विद्यालय केशवपुर मुराव में शिक्षामित्र ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा विद्यालय में राशन नहीं दिया गया है। इससे बच्चों के लिए भोजन नहीं बन पा रहा। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय परमपुर में भी राशन उपलब्ध न होने से भोजन नहीं बन सका। जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमामनगर गडरहवा, संविलियन विद्यालय प्रहलाद गांव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामनगर में सिर्फ सब्जी व चावल ही बच्चों को बांटा गया।
जनपद के अधिकांश विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को शिक्षकों द्वारा विशेष भोज के रूप में हलुआ, खीर, लड्डू आदि दिया जा रहा है। जहां अभी तक यह सुविधा बच्चों के लिए उपलब्ध नहीं हो पाई है। वहां के शिक्षकों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। -बीएसए, अजय कुमार।
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फखरपुर के प्राथिमिक विद्यालय छतरपुरवा (डफरापुर) में बीते 11 अगस्त को छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन के साथ ही हलुआ दिया गया था। शनिवार को भी बच्चों को हलुआ दिया गया। जबकि विकासखंड तेजवापुर में शनिवार को मध्यान्ह भोजन में सब्जी व चावल ही परोसा गया। विशेष भोज के संबंध में जानकारी करने पर प्रधानाध्यापक कौशल शुक्ला ने बताया कि ग्राम प्रधान नूरजहां की ओर से सामग्री उपलब्ध न कराए जाने से विशेष भोज नहीं दिया जा सका है।
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इसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय चंगिया ख्वाजगीपुर, प्राथमिक विद्यालय केशवापुर व प्राथमिक विद्यालय कटहा में भी बच्चों को सिर्फ चावल, सब्जी ही परोसा गया। विकासखंड हुजूरपुर के संविलियन विद्यालय जैतापुर में छात्र-छात्राओं को हलुआ दिया गया। ब्लॉक महसी के प्राथमिक विद्यालय सिंगिया नसीरपुर में 192 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शनिवार को मात्र 65 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थित मिले। सभी बच्चों को मध्यान्ह भोजन के साथ ही हलुआ भी दिया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय सहाबा में शिक्षकों द्वारा खीर बनवाई थी।
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पटरी से उतरी दिखी दोपहर भोज की व्यवस्था
विकासखंड नवाबगंज के बाबागंज क्षेत्र स्थित विद्यालयों में दोपहर भोजन की व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आयी। उच्च प्राथमिक विद्यालय केशवपुर मुराव में शिक्षामित्र ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा विद्यालय में राशन नहीं दिया गया है। इससे बच्चों के लिए भोजन नहीं बन पा रहा। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय परमपुर में भी राशन उपलब्ध न होने से भोजन नहीं बन सका। जबकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमामनगर गडरहवा, संविलियन विद्यालय प्रहलाद गांव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामनगर में सिर्फ सब्जी व चावल ही बच्चों को बांटा गया।
जनपद के अधिकांश विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को शिक्षकों द्वारा विशेष भोज के रूप में हलुआ, खीर, लड्डू आदि दिया जा रहा है। जहां अभी तक यह सुविधा बच्चों के लिए उपलब्ध नहीं हो पाई है। वहां के शिक्षकों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। -बीएसए, अजय कुमार।