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घाघरा में कट गया मकान
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:55 PM IST
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कटान कर रही नदी
- फोटो : अमर उजाला
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घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी की लहरों में खेती योग्य जमीन भी समाहित हो रही है। महसी और कैसरगंज क्षेत्र में रात से अब तक एक ग्रामीण के मकान को घाघरा नदी की लहरों ने लील लिया। 30 बीघा खेत भी नदी में समाहित हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कायमपुर समेत तटवर्ती गांवों में कटान होने से दहशत है। एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
तराई में मंगलवार दोपहर बाद वर्षा का क्रम शुरू हुआ। वहीं, नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर पानी बरस रहा है। जिसके चलते घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से निरंतर इजाफा हो रहा है। जिससे मंगलवार की शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 104.846 मीटर मापा गया।
वहीं, जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ महसी तथा कैसरगंज क्षेत्र में नदी की कटान तेज हो रही है। कायमपुर निवासी रज्जब के मकान को नदी की लहरों ने रात में लील लिया। इसके साथ ही स्कूल भवन का खंडहर भी नदी में पूरी तरह समाहित हो चुका है। खेती योग्य जमीन भी नदी मेें समा रही है।
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कायमपुर, चुरईपुरवा, मंगलपुरवा, गड़रियनपुरवा और दिकोलिया के निकट नदी की लहरें खेती योग्य जमीन को लील रही हैं। अब तक कटान रोकने के उपाय नहीं हुए हैं। इस बारे में एसडीएम नागेंद्र कुमार का कहना है कि कटान रोकने की जिम्मेदारी सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम और बाढ़ खंड विभाग की है। हो रही कटान के मामले में अभियंताओं को सूचना भेज दी गई है। जिन ग्रामीणों के मकान और खेत कट रहे हैं, उनका ब्यौरा लेखपाल एकत्रित कर रहे हैं। उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
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तराई में मंगलवार दोपहर बाद वर्षा का क्रम शुरू हुआ। वहीं, नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर पानी बरस रहा है। जिसके चलते घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से निरंतर इजाफा हो रहा है। जिससे मंगलवार की शाम एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 104.846 मीटर मापा गया।
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वहीं, जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ महसी तथा कैसरगंज क्षेत्र में नदी की कटान तेज हो रही है। कायमपुर निवासी रज्जब के मकान को नदी की लहरों ने रात में लील लिया। इसके साथ ही स्कूल भवन का खंडहर भी नदी में पूरी तरह समाहित हो चुका है। खेती योग्य जमीन भी नदी मेें समा रही है।
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कायमपुर, चुरईपुरवा, मंगलपुरवा, गड़रियनपुरवा और दिकोलिया के निकट नदी की लहरें खेती योग्य जमीन को लील रही हैं। अब तक कटान रोकने के उपाय नहीं हुए हैं। इस बारे में एसडीएम नागेंद्र कुमार का कहना है कि कटान रोकने की जिम्मेदारी सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम और बाढ़ खंड विभाग की है। हो रही कटान के मामले में अभियंताओं को सूचना भेज दी गई है। जिन ग्रामीणों के मकान और खेत कट रहे हैं, उनका ब्यौरा लेखपाल एकत्रित कर रहे हैं। उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाएगा।