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राष्ट्र की शान है हिंदी...
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बहराइच। राष्ट्र की शान है हिंदी, हम सबकी पहचान है हिंदी। आओ इनको नमन करें हम, माता तुल्य है महान हैं हिंदी। अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान से लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है। हिंदी को जन-जन की भाषा की दिशा में अमर उजाला की रूबरू कराती रिपोर्ट।
याचना में हथेली पसारी नहीं...
याचना में हथेली पसारी नहीं, आंधी-तूफां से यह कभी हारी नहीं, हिंदी अपने ही बूते गगन पे चढ़ी, पर हवाओं के रुख पे किया है सवारी नहीं के साथ कहना है कि आज के दौर में हिंदी भाषा को छोड़कर युवा पीढ़ी अंग्रेजी को आत्मसात कर रही है, जबकि देश की आजादी में भी हिंदी का अहम योगदान रहा है। अमर उजाला परिवार की ओर से चलाए जा रहे हिंदी हैं हम अभियान प्रशंसनीय है। अभियान से हिंदी भाषा को अधिक बल मिलेगा।
रामसूरत वर्मा जलज, कवि
सभी भाषाओं में श्रेष्ठ है हिंदी
वर्तमान युग में भी युवा हिंदी को नहीं अपना रहे हैं। युवा पीढ़ी अंग्रेजी की ओर ही भाग रही है। ऐसे में युवाओं से कहना चाहता हूं कि हिंदी सभी भाषाओं में श्रेष्ठ है। हिंदी का प्रयोग हर काम में करें, जिससे हमारी मातृभाषा को बढ़ावा मिले। कवि का कहना है कि अमर उजाला की ओर से हिंदी के प्रति चलाया जा रहा अभियान काफी सराहनीय है।
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रामकरन मिश्र सैलानी, कवि
जन-जन की पहचान है हिंदी
अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा हिंदी हैं हम अभियान बहुत ही सराहनीय है। इससे हिंदी को बढ़ावा मिलेगा। कवि का कहना है कि हिंदी भाषा जन-जन की पहचान है। ग्रामीण हो या शहर क्षेत्र। लोग हिंदी भाषा में ही बात करते हैं। इससे मन को तसल्ली मिलती है। हिंदी मातृभाषा के साथ ही यह हमें अपने के बीच प्रतिस्थापित करने का मनोबल प्रदान करती है।
कृष्णमोहन चौरसिया, व्यापारी
विदेशों में भी मिला हिंदी को बढ़ावा
आज के समय में हिंदी भाषा का सरकारी और निजी कार्यालयों में प्रयोग घटना दुखद है। मातृभाषा के रूप में पहचान रखने वाली हिंदी को अंतिम छोर तक पहुंचाना चाहिए, जिससे हिंदी को और बढ़ावा मिल सके। हम लोगों की वजह से ही विदेशों में भी हिंदी को बढ़ावा मिल रहा है। लोगों तक पहुंचाने की दिशा में अमर उजाला की पहल सराहनीय है। इस पहल को सभी को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
राजपाल सिंह, शिक्षक
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याचना में हथेली पसारी नहीं...
याचना में हथेली पसारी नहीं, आंधी-तूफां से यह कभी हारी नहीं, हिंदी अपने ही बूते गगन पे चढ़ी, पर हवाओं के रुख पे किया है सवारी नहीं के साथ कहना है कि आज के दौर में हिंदी भाषा को छोड़कर युवा पीढ़ी अंग्रेजी को आत्मसात कर रही है, जबकि देश की आजादी में भी हिंदी का अहम योगदान रहा है। अमर उजाला परिवार की ओर से चलाए जा रहे हिंदी हैं हम अभियान प्रशंसनीय है। अभियान से हिंदी भाषा को अधिक बल मिलेगा।
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रामसूरत वर्मा जलज, कवि
सभी भाषाओं में श्रेष्ठ है हिंदी
वर्तमान युग में भी युवा हिंदी को नहीं अपना रहे हैं। युवा पीढ़ी अंग्रेजी की ओर ही भाग रही है। ऐसे में युवाओं से कहना चाहता हूं कि हिंदी सभी भाषाओं में श्रेष्ठ है। हिंदी का प्रयोग हर काम में करें, जिससे हमारी मातृभाषा को बढ़ावा मिले। कवि का कहना है कि अमर उजाला की ओर से हिंदी के प्रति चलाया जा रहा अभियान काफी सराहनीय है।
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रामकरन मिश्र सैलानी, कवि
जन-जन की पहचान है हिंदी
अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा हिंदी हैं हम अभियान बहुत ही सराहनीय है। इससे हिंदी को बढ़ावा मिलेगा। कवि का कहना है कि हिंदी भाषा जन-जन की पहचान है। ग्रामीण हो या शहर क्षेत्र। लोग हिंदी भाषा में ही बात करते हैं। इससे मन को तसल्ली मिलती है। हिंदी मातृभाषा के साथ ही यह हमें अपने के बीच प्रतिस्थापित करने का मनोबल प्रदान करती है।
कृष्णमोहन चौरसिया, व्यापारी
विदेशों में भी मिला हिंदी को बढ़ावा
आज के समय में हिंदी भाषा का सरकारी और निजी कार्यालयों में प्रयोग घटना दुखद है। मातृभाषा के रूप में पहचान रखने वाली हिंदी को अंतिम छोर तक पहुंचाना चाहिए, जिससे हिंदी को और बढ़ावा मिल सके। हम लोगों की वजह से ही विदेशों में भी हिंदी को बढ़ावा मिल रहा है। लोगों तक पहुंचाने की दिशा में अमर उजाला की पहल सराहनीय है। इस पहल को सभी को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
राजपाल सिंह, शिक्षक