{"_id":"5c7580fbbdec222720374c14","slug":"girl-died-due-to-falls-light","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली गिरने से बालिका की मौत, गिरे ओले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली गिरने से बालिका की मौत, गिरे ओले
Tue, 26 Feb 2019 11:40 PM IST
Praveen Singh
न्यूज डेस्क, बहराइच
न्यूज डेस्क, बहराइच
Published by: Praveen Singh
Updated Tue, 26 Feb 2019 11:40 PM IST
विज्ञापन
तराई में मौसम ने फिर करवट ले ली है। बीते दो दिन से मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है। मंगलवार भोर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। जंगल से सटे इलाकों में मामूली ओलावृष्टि हुई है। रुपईडीहा क्षेत्र में बिजली गिरने से एक बालिका की झुलसकर मौत हो गई।
मौसम के बदले मिजाज से किसान परेशान हैं। उन्हें फसलों की चिंता सता रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ से तराई में कम हवा के दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। बुधवार को गरज-चमक के साथ पुन: भारी वर्षा व ओलावृष्टि के संकेत मिल रहे हैं।
तराई में इस बार मौसम परेशानी का सबब बन गया है। प्रत्येक सप्ताह मौसम के बदलाव से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बीते सप्ताह हुई भारी वर्षा के बाद लग रहा था कि अब मौसम साफ रहेगा, लेकिन दो दिन से तराई का मौसम तेजी से करवट ले रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार भोर में गरज-चमक के साथ जिला मुख्यालय के साथ ही मटेरा, नानपारा, रुपईडीहा, नवाबगंज, मिहींपुरवा, महसी, रिसिया, विशेश्वरगंज और हुजूरपुर इलाकों में बौछारें पड़ीं। जंगल से सटे मिहींपुरवा इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर चने के आकार के ओले गिरे।
यह स्थिति मुश्किल से 20 से 25 मिनट के आसपास रही। रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर सुबह तक जारी रहा। इस दौरान बादल गरजते रहे। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच रुपईडीहा थाना अंतर्गत सुमेरपुर हाशमीपुर गांव निवासी नसीबा बनो (11) पुत्री इबरार कमरे में सो रही थी। तभी भवन पर बिजली गिर गई।
चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग दौड़े। नसीबा को आननफानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा पहुंचाया गया। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिजली गिरने से बालिका की मौत की सूचना पर थानाध्यक्ष मधुपनाथ मिश्र ने मौके पर पहुंचकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद बालिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सजग रहें किसान
मौसम की करवट से जिले के किसान परेशान हैं। तिलहनी, दलहनी फसलों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज रहा तो फसल की लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगी।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम परिवर्तन की स्थिति पुन: बनी है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है।
फसलों में रंग परिवर्तन पर विशेषज्ञ से करें संपर्क
फसल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि फसलों में अगर रंग परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न होती है] गेहूं, तिलहन की फसलों में पीलापन दिखायी पड़ता है तो तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह गेरुआ या झुलसा रोग की स्थिति हो सकती है। अधिक नमी से यह रोग पनपते हैं।
विज्ञापन
मौसम के बदले मिजाज से किसान परेशान हैं। उन्हें फसलों की चिंता सता रही है। फसल अनुसंधान केंद्र के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ से तराई में कम हवा के दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। बुधवार को गरज-चमक के साथ पुन: भारी वर्षा व ओलावृष्टि के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन
तराई में इस बार मौसम परेशानी का सबब बन गया है। प्रत्येक सप्ताह मौसम के बदलाव से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। बीते सप्ताह हुई भारी वर्षा के बाद लग रहा था कि अब मौसम साफ रहेगा, लेकिन दो दिन से तराई का मौसम तेजी से करवट ले रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार भोर में गरज-चमक के साथ जिला मुख्यालय के साथ ही मटेरा, नानपारा, रुपईडीहा, नवाबगंज, मिहींपुरवा, महसी, रिसिया, विशेश्वरगंज और हुजूरपुर इलाकों में बौछारें पड़ीं। जंगल से सटे मिहींपुरवा इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर चने के आकार के ओले गिरे।
यह स्थिति मुश्किल से 20 से 25 मिनट के आसपास रही। रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर सुबह तक जारी रहा। इस दौरान बादल गरजते रहे। बादलों की गड़गड़ाहट के बीच रुपईडीहा थाना अंतर्गत सुमेरपुर हाशमीपुर गांव निवासी नसीबा बनो (11) पुत्री इबरार कमरे में सो रही थी। तभी भवन पर बिजली गिर गई।
चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग दौड़े। नसीबा को आननफानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा पहुंचाया गया। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिजली गिरने से बालिका की मौत की सूचना पर थानाध्यक्ष मधुपनाथ मिश्र ने मौके पर पहुंचकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद बालिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सजग रहें किसान
मौसम की करवट से जिले के किसान परेशान हैं। तिलहनी, दलहनी फसलों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम का यही मिजाज रहा तो फसल की लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगी।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम परिवर्तन की स्थिति पुन: बनी है। ऐसे में किसानों को सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है।
फसलों में रंग परिवर्तन पर विशेषज्ञ से करें संपर्क
फसल अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि फसलों में अगर रंग परिवर्तन की स्थिति उत्पन्न होती है] गेहूं, तिलहन की फसलों में पीलापन दिखायी पड़ता है तो तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करें। यह गेरुआ या झुलसा रोग की स्थिति हो सकती है। अधिक नमी से यह रोग पनपते हैं।