{"_id":"5d4c574b8ebc3e6ccd347aa0","slug":"ghaghra-burial-flood-water-enters-12-villages-bahraich-news-lko475387387","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा उफनाई, 12 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा उफनाई, 12 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
विज्ञापन
महसी तहसील क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरे मकान।
- फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। नेपाल से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। घाघरा के उफनाने के कारण नदी के किनारे बसे 12 गांवों मेें बाढ़ का पानी घुस गया है। मार्गों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत है।
सूचना मिलने पर सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता ने अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया है। एसडीएम को भी जलस्तर बढ़ने की सूचना दी गई है। बाढ़ को देखते हुए तहसील प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बरसात हो रही है। जनपद में बारिश नहीं होने के बाद भी नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार की रात से नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
घाघरा नदी के घूरदेवी पर जलस्तर 112.230 सेंटीमीटर पहुंच चुका है। मापक बहोरी लाल व पवन कुमार ने बताया कि घाघरा नदी घूर देवी पर खतरे के निशान से महज 37 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण छत्तरपुरवा, तारापुरवा, नईबस्ती, अहिरनपुरवा, तारापुर खुर्द, मांझा दरिया बुर्द, चमारनपुरवा, पांडेयपुरवा, लोनियनपुरवा, चमरही, तूलापुर, नौबस्ता समेत 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे इन गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।
सभी गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गए हैँ। मार्गों पर पानी भरने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा व एसडीओ बीबी पाल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। एक्सईएन ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की सूचना एसडीएम महसी को दी गई है। इसके बाद क्षेत्र के राजस्वकर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
साढ़े तीन लाख क्यूसेक छोड़ा गया पानी
नेपाल की ओर से लगातार घाघरा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। नेपाल की ओर से गिरजा बैराज से 1.17 लाख क्यूसेक, शारदा बैराज से 1.38 लाख और बनबसा बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। गिरजा बैराज के प्रभारी संतराम वर्मा ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता ने अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया है। एसडीएम को भी जलस्तर बढ़ने की सूचना दी गई है। बाढ़ को देखते हुए तहसील प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को अलर्ट कर दिया है।
विज्ञापन
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बरसात हो रही है। जनपद में बारिश नहीं होने के बाद भी नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार की रात से नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
घाघरा नदी के घूरदेवी पर जलस्तर 112.230 सेंटीमीटर पहुंच चुका है। मापक बहोरी लाल व पवन कुमार ने बताया कि घाघरा नदी घूर देवी पर खतरे के निशान से महज 37 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण छत्तरपुरवा, तारापुरवा, नईबस्ती, अहिरनपुरवा, तारापुर खुर्द, मांझा दरिया बुर्द, चमारनपुरवा, पांडेयपुरवा, लोनियनपुरवा, चमरही, तूलापुर, नौबस्ता समेत 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे इन गांवों के ग्रामीणों में दहशत है।
सभी गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह से घिर गए हैँ। मार्गों पर पानी भरने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा व एसडीओ बीबी पाल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। एक्सईएन ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की सूचना एसडीएम महसी को दी गई है। इसके बाद क्षेत्र के राजस्वकर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
साढ़े तीन लाख क्यूसेक छोड़ा गया पानी
नेपाल की ओर से लगातार घाघरा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। नेपाल की ओर से गिरजा बैराज से 1.17 लाख क्यूसेक, शारदा बैराज से 1.38 लाख और बनबसा बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। गिरजा बैराज के प्रभारी संतराम वर्मा ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।