{"_id":"652a07c923d0a7ea689310d9004b2549","slug":"forgery-through-the-cheque-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन हजार के चेक को किया 30 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन हजार के चेक को किया 30 हजार
अमर उजाला ब्यूरो/ बहराइच
Updated Thu, 11 Jun 2015 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाढ़ राहत सहायता के चेक में अंकित धनराशि को एक युवक ने हेराफेरी कर दस गुना बढ़ा दिया। इसके बाद चेक का भुगतान करवाने के लिए डेट बढ़वाने नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंच गया। वहां लिपिक की नजर धनराशि पर पड़ी तो वह सकते में आ गया। उसने पूछताछ शुरू की तो युवक भागने लगा।
इस पर मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को पकड़कर जमकर धुना, फिर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बलसिंहपुरवा गांव निवासी दीपक कुमार पुत्र झगरू को 24 मार्च को जारी बाढ़ राहत सहायता की 3000 रुपये का चेक हाल ही में मिला था लेकिन तिथि निकल जाने पर भुगतान नहीं हो पाया।
इस पर दीपक ने गांव निवासी फारुख को समस्या बताई। फारुख ने दीपक का चेक लेकर उसे सही करवाने का आश्वासन दे दिया। इसके बाद फरुख ने सफाई से तीन हजार की धनराशि मेें एक शून्य और बढ़ाकर उसे तीस हजार कर दिया। शब्दों मेें भी हेराफेरी कर थ्री को थर्टी बना दिया।
विज्ञापन
इसके बाद बुधवार दोपहर फारुख चेक की तिथि बढ़वाने के लिए नायब तहसीलदार के कार्यालय पर पहुंचा। पटल लिपिक ने पहले तो तिथि बढ़ा दी लेकिन जब उसकी नजर धनराशि पर पड़ी तो वह फारुख से पूछताछ करने लगा। इतने में फारुख भागने लगा तो लिपिक ने शोर मचाया।
आसपास के लोगों ने फारुख को पकड़ लिया। उसकी जमकर धुनाई की तब तक नायब तहसीलदार जसीम अहमद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने फारुख को नानपारा कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
इस पर मौके पर मौजूद लोगों ने युवक को पकड़कर जमकर धुना, फिर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बलसिंहपुरवा गांव निवासी दीपक कुमार पुत्र झगरू को 24 मार्च को जारी बाढ़ राहत सहायता की 3000 रुपये का चेक हाल ही में मिला था लेकिन तिथि निकल जाने पर भुगतान नहीं हो पाया।
विज्ञापन
इस पर दीपक ने गांव निवासी फारुख को समस्या बताई। फारुख ने दीपक का चेक लेकर उसे सही करवाने का आश्वासन दे दिया। इसके बाद फरुख ने सफाई से तीन हजार की धनराशि मेें एक शून्य और बढ़ाकर उसे तीस हजार कर दिया। शब्दों मेें भी हेराफेरी कर थ्री को थर्टी बना दिया।
विज्ञापन
इसके बाद बुधवार दोपहर फारुख चेक की तिथि बढ़वाने के लिए नायब तहसीलदार के कार्यालय पर पहुंचा। पटल लिपिक ने पहले तो तिथि बढ़ा दी लेकिन जब उसकी नजर धनराशि पर पड़ी तो वह फारुख से पूछताछ करने लगा। इतने में फारुख भागने लगा तो लिपिक ने शोर मचाया।
आसपास के लोगों ने फारुख को पकड़ लिया। उसकी जमकर धुनाई की तब तक नायब तहसीलदार जसीम अहमद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने फारुख को नानपारा कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।