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बाढ़ के पानी से गांव को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2016 10:44 PM IST
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घाघरा नदी में पानी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। इससे महसी के 22 गांवों में कई दिन से बाढ़ के हालात बने हैं। कटान के चलते महसी के जरमापुर गांव को खतरा पैदा हो गया है। सोमवार रात से गांव के पांच मकान नदी में समा चुके हैं।
हालात को देखते हुए भयभीत ग्रामीण गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों को पलायन कर रहे हैं। फ्लड पीएसी के जवान नाव और मोटरबोट से भ्रमण कर रहे लेकिन ग्रामीणों को अब तक बाढ़ प्रभावित गांवों से निकाला नहीं जा सका है।
एल्गिन ब्रिज पर 24 घंटे बाद भी घाघरा नदी का जलस्तर 106.576 मीटर पर स्थिर है। इससे बाढ़ के हालात में सुधार नहीं हो रहा है। 22 गांवों की करीब 50 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है।
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फतेहपुर से आई फ्लड पीएसी के जवान मोटरबोट और नाव से गश्त जरूर कर रहे लेकिन ज्यादातर ग्रामीण आशियाना छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सोमवार रात से छह गांवों के करीब 250 लोगों को बेलहा-बेहरौली तटबंध पर पहुंचाया गया।
उधर बाढ़ के साथ ही नदी की लहरों ने कटान तेज कर दी है। महसी तहसील के जरमापुर गांव को कटान से गंभीर खतरा है। गांव निवासी रज्जब, हसीबुल, सकीना, शब्बीर और जुम्मन के मकान कटान के चलते नदी में समा गए हैं। ग्रामीण दहशत में हैं। खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं।
एसडीएम एसपी शुक्ला का कहना है कि नदी का जलस्तर स्थिर है। ऐसे में पानी कम होने के साथ ही बाढ़ के संकट से निजात मिल सकेगी। फिलहाल फ्लड पीएसी के जवान और राजस्वकर्मी निरंतर क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। बाढ़ चौकियों पर आने वाले बाढ़ व कटान पीड़ितों को सहायता पहुंचाई जा रही है।
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हालात को देखते हुए भयभीत ग्रामीण गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों को पलायन कर रहे हैं। फ्लड पीएसी के जवान नाव और मोटरबोट से भ्रमण कर रहे लेकिन ग्रामीणों को अब तक बाढ़ प्रभावित गांवों से निकाला नहीं जा सका है।
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एल्गिन ब्रिज पर 24 घंटे बाद भी घाघरा नदी का जलस्तर 106.576 मीटर पर स्थिर है। इससे बाढ़ के हालात में सुधार नहीं हो रहा है। 22 गांवों की करीब 50 हजार आबादी बाढ़ की चपेट में है।
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फतेहपुर से आई फ्लड पीएसी के जवान मोटरबोट और नाव से गश्त जरूर कर रहे लेकिन ज्यादातर ग्रामीण आशियाना छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सोमवार रात से छह गांवों के करीब 250 लोगों को बेलहा-बेहरौली तटबंध पर पहुंचाया गया।
उधर बाढ़ के साथ ही नदी की लहरों ने कटान तेज कर दी है। महसी तहसील के जरमापुर गांव को कटान से गंभीर खतरा है। गांव निवासी रज्जब, हसीबुल, सकीना, शब्बीर और जुम्मन के मकान कटान के चलते नदी में समा गए हैं। ग्रामीण दहशत में हैं। खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं।
एसडीएम एसपी शुक्ला का कहना है कि नदी का जलस्तर स्थिर है। ऐसे में पानी कम होने के साथ ही बाढ़ के संकट से निजात मिल सकेगी। फिलहाल फ्लड पीएसी के जवान और राजस्वकर्मी निरंतर क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। बाढ़ चौकियों पर आने वाले बाढ़ व कटान पीड़ितों को सहायता पहुंचाई जा रही है।