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‘प्रदेश की सभी तहसीलों में बनेंगे फायर स्टेशन’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 10:27 PM IST
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बौद्ध तपोस्थली का भ्रमण करते प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा और डीजीपी जावीद अहमद।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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श्रावस्ती/इकौना। प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी ने शुक्रवार को देवीपाटन मंडल में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने जहां प्रदेश की सभी तहसीलों में फायर स्टेशन बनाने की बात कहीं डीजीपी ने बताया कि श्रावस्ती में पर्यटन थाना बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। जनपद स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में मंडल के सभी डीएम, एसपी के साथ एडीजीपी कानून व्यवस्था व आई जी जोन मौजूद रहे।
कानून व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा बैठक के लिए शुक्रवार को प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी के साथ सुबह 9.30 बजे श्रावस्ती हर्वाई पट्टी पहुंचे।
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इसके बाद प्रमुख सचिव व डीजीपी ने मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने बताया की श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा की सीमाएं चारों ओर से खुली है। यहां से मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे है।
सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाये रखना सरकार की प्राथमिकता है। देवीपाटन मंडल में अन्य स्थानों की अपेक्षा अपराध कम है। यहां जमीनी विवाद ज्यादा है। जिन्हें मौके पर निपटाने के प्रयास करने का आदेश दिया गया है। प्रदेश में 1090 पावर लाइन सफल रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में भी इसका व्यापक प्रचार प्रसार होगा। प्रदेश की सभी तहसीलों में फायर स्टेशन बनाया जाएगा। तीन हजार आरक्षी आवास बनाये जाएंगे। प्रदेश की जेलों में कैदियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अब जेलों में मॉर्डन किचन और पीसीओ बनवाए जाएंगे।
श्रावस्ती के कई कार्य पूरे प्रदेश में माडल के रूप में लागू है। हमें उम्मीद है की श्रावस्ती अन्य मामलों में भी मॉडल बनेगा। डीजीपी जाबीद हमद ने कहा कि प्रदेश के सभी थानों में पुराने असलहों को बदल कर नए हथियार मुहैया कराये जाने की तैयारी है।
आरक्षी से लेकर उच्च स्तर तक 35 हजार पुलिस कर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। बीस से पच्चीस हजार प्रमोशन अभी और किये जाएंगे। प्रदेश में पुलिस कर्मियों की कोई कमी नहीं है। तीस हजार आरक्षी एवं तीन हजार एसआई प्रशिक्षण प्राप्त कर तैनाती को तैयार है।
श्रावस्ती में थाना क्षेत्रों का सीमा विवाद समाप्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस बिंदु पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही श्रावस्ती में पर्यटन थाना बनाने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। सरकार पशु तस्करी को लेकर सजग है।
पशु तस्करी की घटनाओं पर चौकी प्रभारी दंडित होंगे। आम लोगों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर प्रयास होगा।
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इसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। जनपद स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में मंडल के सभी डीएम, एसपी के साथ एडीजीपी कानून व्यवस्था व आई जी जोन मौजूद रहे।
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कानून व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा बैठक के लिए शुक्रवार को प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद, एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी के साथ सुबह 9.30 बजे श्रावस्ती हर्वाई पट्टी पहुंचे।
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इसके बाद प्रमुख सचिव व डीजीपी ने मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद प्रमुख सचिव ने बताया की श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा की सीमाएं चारों ओर से खुली है। यहां से मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे है।
सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाये रखना सरकार की प्राथमिकता है। देवीपाटन मंडल में अन्य स्थानों की अपेक्षा अपराध कम है। यहां जमीनी विवाद ज्यादा है। जिन्हें मौके पर निपटाने के प्रयास करने का आदेश दिया गया है। प्रदेश में 1090 पावर लाइन सफल रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में भी इसका व्यापक प्रचार प्रसार होगा। प्रदेश की सभी तहसीलों में फायर स्टेशन बनाया जाएगा। तीन हजार आरक्षी आवास बनाये जाएंगे। प्रदेश की जेलों में कैदियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। अब जेलों में मॉर्डन किचन और पीसीओ बनवाए जाएंगे।
श्रावस्ती के कई कार्य पूरे प्रदेश में माडल के रूप में लागू है। हमें उम्मीद है की श्रावस्ती अन्य मामलों में भी मॉडल बनेगा। डीजीपी जाबीद हमद ने कहा कि प्रदेश के सभी थानों में पुराने असलहों को बदल कर नए हथियार मुहैया कराये जाने की तैयारी है।
आरक्षी से लेकर उच्च स्तर तक 35 हजार पुलिस कर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। बीस से पच्चीस हजार प्रमोशन अभी और किये जाएंगे। प्रदेश में पुलिस कर्मियों की कोई कमी नहीं है। तीस हजार आरक्षी एवं तीन हजार एसआई प्रशिक्षण प्राप्त कर तैनाती को तैयार है।
श्रावस्ती में थाना क्षेत्रों का सीमा विवाद समाप्त किए जाने पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस बिंदु पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही श्रावस्ती में पर्यटन थाना बनाने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। सरकार पशु तस्करी को लेकर सजग है।
पशु तस्करी की घटनाओं पर चौकी प्रभारी दंडित होंगे। आम लोगों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर प्रयास होगा।