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ठेलों में लगी आग, 30 लाख का सामान राख
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बहराइच। भारत-नेपाल सीमावर्ती कस्बा रुपईडीहा में रविवार की रात एक टिन शेड के नीचे सामान लदे 40 ठेलों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग लगने से ठेलों पर लदी लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की वस्तुएं जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर एसएसबी जवानों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास किए, लेकिन आग की भयावहता के कारण नेपाली दमकल को भी बुलाना पड़ा। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
रुपईडीहा कस्बे के विभिन्न मार्गों पर छोटे दुकानदार ठेलों पर रेडीमेड कपड़े, जूता, चप्पल व खिलौने समेत अन्य सामान बेचते हैं। सुबह से शाम तक बिक्री करने के बाद यह सभी दुकानदार अपने ठेले टैक्सी स्टैंड के समीप एक टिन शेड के नीचे खड़ा कर चले जाते हैं। प्रतिदिन की भांति रविवार को भी सभी ठेला व्यवसायी दिन भर अपना व्यवसाय करने के बाद ठेले टिन शेड के नीचे खड़ा कर अपने घरों को चले गए। देर रात अज्ञात कारणों से टिन शेड में आग लग गई। आग की लपटों ने शीघ्र ही विकराल रूप लेना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बचाव के लिए एसएसबी बटालियन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसएसबी जवानों ने आग बुझाने के प्रयास तेज किए, लेकिन तब तक लपटों ने सभी ठेलों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना पाकर नेपाल से पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने एसएसबी जवानों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आकर सभी 40 ठेलों पर लदा व्यापारियों का सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया। सोमवार की सुबह तहसीलदार अमर चंद वर्मा व लेखपाल करुणेश त्रिपाठी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील में भेजते हुए पीड़ितों को सहायता दिलाने का आश्वासन प्रदान किया है।
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उधर थाना क्षेत्र के ही ग्राम प्रहलाद गांव निवासी उमेश पुत्र जियालाल गांव के बाहर कच्चे मकान में किराना स्टोर व जूते चप्पल की बिक्री करता है। रविवार को अचानक अज्ञात कारणों से उसके मकान में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास तेज किए, लेकिन लपटों में आकर किराने का सामान, अनाज, जूते, चप्पल समेत अन्य सामान भी जलकर राख हो गए। पीड़ित उमेश ने बताया कि लगभग 50 हजार की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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रुपईडीहा कस्बे के विभिन्न मार्गों पर छोटे दुकानदार ठेलों पर रेडीमेड कपड़े, जूता, चप्पल व खिलौने समेत अन्य सामान बेचते हैं। सुबह से शाम तक बिक्री करने के बाद यह सभी दुकानदार अपने ठेले टैक्सी स्टैंड के समीप एक टिन शेड के नीचे खड़ा कर चले जाते हैं। प्रतिदिन की भांति रविवार को भी सभी ठेला व्यवसायी दिन भर अपना व्यवसाय करने के बाद ठेले टिन शेड के नीचे खड़ा कर अपने घरों को चले गए। देर रात अज्ञात कारणों से टिन शेड में आग लग गई। आग की लपटों ने शीघ्र ही विकराल रूप लेना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने बचाव के लिए एसएसबी बटालियन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसएसबी जवानों ने आग बुझाने के प्रयास तेज किए, लेकिन तब तक लपटों ने सभी ठेलों को अपनी चपेट में ले लिया।
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घटना की सूचना पाकर नेपाल से पहुंचे अग्निशमन कर्मियों ने एसएसबी जवानों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। आग की चपेट में आकर सभी 40 ठेलों पर लदा व्यापारियों का सामान राख के ढेर में तब्दील हो गया। सोमवार की सुबह तहसीलदार अमर चंद वर्मा व लेखपाल करुणेश त्रिपाठी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील में भेजते हुए पीड़ितों को सहायता दिलाने का आश्वासन प्रदान किया है।
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उधर थाना क्षेत्र के ही ग्राम प्रहलाद गांव निवासी उमेश पुत्र जियालाल गांव के बाहर कच्चे मकान में किराना स्टोर व जूते चप्पल की बिक्री करता है। रविवार को अचानक अज्ञात कारणों से उसके मकान में आग लग गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने के प्रयास तेज किए, लेकिन लपटों में आकर किराने का सामान, अनाज, जूते, चप्पल समेत अन्य सामान भी जलकर राख हो गए। पीड़ित उमेश ने बताया कि लगभग 50 हजार की संपत्ति का नुकसान हुआ है।