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एक दिन में बड़े व छोटे 150 सिलेंडर की खपत
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बहराइच। मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 150 छोटे व बड़े सिलेंडरों की खपत हो रही है। लेकिन स्टॉक में महज 545 सिलेंडर ही मौजूद हैं। ऐसे में खपत के हिसाब से पांच दिन का भी सिलेंडर स्टॉक में नहीं है। जबकि जिले में कोरोना की स्थिति काफी भयावह होती जा रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा बंगले झांक रहा है। मालूम हो कि कोविड अस्पताल के साथ आईसीयू में छोटे व बड़े सिलेंडरों का प्रयोग किया जाता है।
कोरोना पॉजिटिव मरीज की हालत खराब होने पर ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है। जिसमें आक्सीजन सिलेंडर की मांग अधिक हो जाती है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय में सिर्फ चार से पांच दिन के स्टॉक का सिलेंडर ही मौजूद है। ऑक्सीजन सिलेंडर के प्रभारी अरविंद सिंह व शेषमणि ने बताया कि 430 जंबो व 115 छोटे सिलेंडर मौजूद हैं। जबकि प्रतिदिन 24 घंटे में 150 सिलेंडर की खपत हो रही है। मरीजों के हिसाब से सिलेंडर की मात्रा कम व ज्यादा भी हो जाती है। लेकिन सिलेंडर की उपलब्धता जिले में भरपूर नहीं है।
जबकि कोरोना संक्रमण इतनी तेजी रफ्तार से बढ़ रही है कि प्रतिदिन 150 से अधिक संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। इनमें 10 मरीजों की हालत गंभीर होती है। लेकिन समय से ऑक्सीजन न मिलने के चलते कोरोना संक्रमितों को जान भी गंवानी पड़ सकती है। प्रभारी शेषमणि ने बताया कि मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल, आईसीयू, आईसोलेशन में जंबो और छोटे सिलेंडर लगाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी जाती है। जरूरत पड़ने पर चिल्ड्रेन वार्ड से भी ऑक्सीजन सिलेंडर मांग कर ली जाती है।
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जंबो सिलेंडर- 430
छोटे सिलेंडर- 115
एलटू नये भवन में
खाली- 47
भरा- 40
आईसोलेशन वार्ड में-
खाली- 76
भरा- 66
पीआईसीयू वार्ड- 43
मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन उत्सर्जन के लिए जनरेटर प्लांट की स्थापना होनी थी। इसके लिए संबंधित कंपनी द्वारा पहली किस्त का सवा करोड़ रुपये भी भेज दिया गया है। इसके बावजूनद ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
मेडिकल कालेज में मरीजों के हिसाब से अभी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए टेंडर होता है। इसके लिए 15 अप्रैल को उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया था। लेकिन लखनऊ में आवास विकास का कार्यालय बंद है। इसके लिए सोमवार को भी मीटिंग हुई है। जल्द ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खेप जिला मुख्यालय आ जाएगी।
डॉ. अनिल के साहनी प्राचार्य, मेडिकल कालेज, बहराइच
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कोरोना पॉजिटिव मरीज की हालत खराब होने पर ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है। जिसमें आक्सीजन सिलेंडर की मांग अधिक हो जाती है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय में सिर्फ चार से पांच दिन के स्टॉक का सिलेंडर ही मौजूद है। ऑक्सीजन सिलेंडर के प्रभारी अरविंद सिंह व शेषमणि ने बताया कि 430 जंबो व 115 छोटे सिलेंडर मौजूद हैं। जबकि प्रतिदिन 24 घंटे में 150 सिलेंडर की खपत हो रही है। मरीजों के हिसाब से सिलेंडर की मात्रा कम व ज्यादा भी हो जाती है। लेकिन सिलेंडर की उपलब्धता जिले में भरपूर नहीं है।
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जबकि कोरोना संक्रमण इतनी तेजी रफ्तार से बढ़ रही है कि प्रतिदिन 150 से अधिक संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। इनमें 10 मरीजों की हालत गंभीर होती है। लेकिन समय से ऑक्सीजन न मिलने के चलते कोरोना संक्रमितों को जान भी गंवानी पड़ सकती है। प्रभारी शेषमणि ने बताया कि मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल, आईसीयू, आईसोलेशन में जंबो और छोटे सिलेंडर लगाकर मरीजों को ऑक्सीजन दी जाती है। जरूरत पड़ने पर चिल्ड्रेन वार्ड से भी ऑक्सीजन सिलेंडर मांग कर ली जाती है।
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जंबो सिलेंडर- 430
छोटे सिलेंडर- 115
एलटू नये भवन में
खाली- 47
भरा- 40
आईसोलेशन वार्ड में-
खाली- 76
भरा- 66
पीआईसीयू वार्ड- 43
मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन उत्सर्जन के लिए जनरेटर प्लांट की स्थापना होनी थी। इसके लिए संबंधित कंपनी द्वारा पहली किस्त का सवा करोड़ रुपये भी भेज दिया गया है। इसके बावजूनद ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
मेडिकल कालेज में मरीजों के हिसाब से अभी ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए टेंडर होता है। इसके लिए 15 अप्रैल को उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया था। लेकिन लखनऊ में आवास विकास का कार्यालय बंद है। इसके लिए सोमवार को भी मीटिंग हुई है। जल्द ही ऑक्सीजन सिलेंडर की खेप जिला मुख्यालय आ जाएगी।
डॉ. अनिल के साहनी प्राचार्य, मेडिकल कालेज, बहराइच