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Bahraich News: आखिरकार मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद
Sat, 27 Jul 2024 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 27 Jul 2024 11:50 PM IST
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कतर्नियाघाट के सोमईगोढ़ी मनोहरपुरवा में पिंजरे में कैद मादा तेंदुआ। -संवाद
मोतीपुर रेंज के मनोहरपुरवा में लोगों ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में दहशत का पर्याय बनी मादा तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार की रात पिंजरे में आ फंसी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया और स्वास्थ्य जांच के लिए रेंज कार्यालय ले गई। इलाकाई लोगों ने राहत की सांस ली।
मिहीपुरवा के मोतीपुर वन रेंज के ग्राम सोमई गौढी के मजरा मनोहरपुरवा में खूंखार मादा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। इस तेंदुए ने कई मवेशियों को निवाला बनाया था और गांवों के अक्सर देखा जाता था। इससे चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।
ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की ओर से ग्राम पंचायत सोमई गौढी के मजरा मनोहरपुरवा के गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया गया था। शुक्रवार की देर रात पिंजरे में बंधी बकरी का शिकार करने पहुंचा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
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पिंजरे से तेंदुआ के दहाड़ने की आवाज सुन ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन टीम ने तेंदुआ को रेस्क्यू किया और उसे ककरहा रेस्ट हाउस ले गई।
पांच से छह साल की मादा है तेंदुआ, जंगल में छोड़ेंगे
तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया है, वह पूरी तरह स्वस्थ है। परीक्षण में कैद हुई तेंदुआ मादा निकली है और उसकी उम्र लगभग पांच से छह साल है। उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। उनके निर्देशानुसार उसे अब जंगल में छोड़ा जाएगा। -बी. शिवशंकर, प्रभागीय वनाधिकारी, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में दहशत का पर्याय बनी मादा तेंदुआ आखिरकार शुक्रवार की रात पिंजरे में आ फंसी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन टीम ने तेंदुए को रेस्क्यू किया और स्वास्थ्य जांच के लिए रेंज कार्यालय ले गई। इलाकाई लोगों ने राहत की सांस ली।
मिहीपुरवा के मोतीपुर वन रेंज के ग्राम सोमई गौढी के मजरा मनोहरपुरवा में खूंखार मादा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। इस तेंदुए ने कई मवेशियों को निवाला बनाया था और गांवों के अक्सर देखा जाता था। इससे चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।
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ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की ओर से ग्राम पंचायत सोमई गौढी के मजरा मनोहरपुरवा के गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया गया था। शुक्रवार की देर रात पिंजरे में बंधी बकरी का शिकार करने पहुंचा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।
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पिंजरे से तेंदुआ के दहाड़ने की आवाज सुन ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर पहुंची वन टीम ने तेंदुआ को रेस्क्यू किया और उसे ककरहा रेस्ट हाउस ले गई।
पांच से छह साल की मादा है तेंदुआ, जंगल में छोड़ेंगे
तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया है, वह पूरी तरह स्वस्थ है। परीक्षण में कैद हुई तेंदुआ मादा निकली है और उसकी उम्र लगभग पांच से छह साल है। उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। उनके निर्देशानुसार उसे अब जंगल में छोड़ा जाएगा। -बी. शिवशंकर, प्रभागीय वनाधिकारी, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग