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Bahraich News: मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद, ट्रांस गेरुआ जंगल में छोड़ा
Sat, 14 Feb 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:25 AM IST
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मोहकमपुरवा में वन विभाग के पिंजरे में कैद तेंदुआ। -स्रोत : वन विभाग
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के सुजौली रेंज स्थित मोहकमपुरवा गांव में लगाए गए पिंजरे में शुक्रवार तड़के करीब चार बजे एक मादा तेंदुआ कैद हो गई। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसको ट्रांस गेरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया।
मोहकमपुरवा गांव में बीते सप्ताह घर के बाहर खेलते समय तेंदुए ने छह वर्षीय शहजल पर हमला कर मार डाला था। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत है। इसके बाद सुजौली रेंज के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गांव के पास पिंजरा लगाकर निगरानी बढ़ा दी थी।
वन विभाग के अनुसार पकड़ी गई तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र करीब दो से ढाई वर्ष के बीच है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित रूप से ट्रांस गेरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया। तेंदुआ को पकड़ लिए जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
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हालांकि निशाननगर गांव में कुछ दिन पहले एक बालक को मौत के घाट उतारने वाला दूसरा तेंदुआ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है। वहां लगाए गए पिंजरे पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है, उसके कैद होने का इंतजार किया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की अपील की है।
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मोहकमपुरवा गांव में बीते सप्ताह घर के बाहर खेलते समय तेंदुए ने छह वर्षीय शहजल पर हमला कर मार डाला था। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत है। इसके बाद सुजौली रेंज के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गांव के पास पिंजरा लगाकर निगरानी बढ़ा दी थी।
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वन विभाग के अनुसार पकड़ी गई तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र करीब दो से ढाई वर्ष के बीच है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे सुरक्षित रूप से ट्रांस गेरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया। तेंदुआ को पकड़ लिए जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
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हालांकि निशाननगर गांव में कुछ दिन पहले एक बालक को मौत के घाट उतारने वाला दूसरा तेंदुआ अभी भी वन विभाग की पकड़ से दूर है। वहां लगाए गए पिंजरे पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है, उसके कैद होने का इंतजार किया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की अपील की है।