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अंतिम चौथी आज, उमड़े जायरीन
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बहराइच में सैयद सालार मसद गाजी की दरगाह पर चल रहे जेठ मेले में उमड़ी भीड़।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी आज है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। रविवार को चौथी में शामिल होने के लिए जायरीन का हुजूम उमड़ने लगा है। हालांकि मौसम बाधक बन रहा है। फिर भी आस्था का सैलाब हिलोरें ले रहा है। जायरीन जत्थों में दरगाह शरीफ पहुंच कर गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार पर हाजिरी लगा रहे हैं।
सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रही है। हालांकि भीषण गर्मी मेलार्थियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि मौसम के सख्त मिजाज को देखते हुए दरगाह शरीफ के बरामदों और कमरों में जायरीन के ठहरने का इंतजाम किया गया है।
नेपाल, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान व पूर्वांचल के जायरीन जत्थों में जियारत के लिए पहुंच रहे हैं। चित्तौरा झील के तट पर डेरा डाले हुए जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि भोर होते ही फजिर की नमाज के बाद अंतिम चौथी के लिए जियारत का सिलसिला शुरू होगा। परंपरागत तरीके से पूर्वी गेट से निशान के साथ जायरीन दरगाह शरीफ में हाजिर हो सकेंगे। मजार शरीफ पर सिर्फ जियारत व चादरपोशी के लिए आने वाले जायरीन जंजीरी गेट नाल दरवाजा होते हुए मजार शरीफ पर पहुंच सकेंगे।
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सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसके लिए दरगाह प्रबंध समिति व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का दावा कर रही है। हालांकि भीषण गर्मी मेलार्थियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि मौसम के सख्त मिजाज को देखते हुए दरगाह शरीफ के बरामदों और कमरों में जायरीन के ठहरने का इंतजाम किया गया है।
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नेपाल, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, राजस्थान व पूर्वांचल के जायरीन जत्थों में जियारत के लिए पहुंच रहे हैं। चित्तौरा झील के तट पर डेरा डाले हुए जायरीन गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि भोर होते ही फजिर की नमाज के बाद अंतिम चौथी के लिए जियारत का सिलसिला शुरू होगा। परंपरागत तरीके से पूर्वी गेट से निशान के साथ जायरीन दरगाह शरीफ में हाजिर हो सकेंगे। मजार शरीफ पर सिर्फ जियारत व चादरपोशी के लिए आने वाले जायरीन जंजीरी गेट नाल दरवाजा होते हुए मजार शरीफ पर पहुंच सकेंगे।